वाराणसी में 1.16 अरब के साइबर फ्रॉड में 4 गिरफ्तार: फर्जी फर्म बनाकर खुलवाते थे बैंक अकाउंट, साइबर अपराधियों को देते थे डिटेल - Varanasi News
वाराणसी1 घंटे पहले
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वाराणसी साइबर क्राइम पुलिस ने 1 अरब 16 करोड़ से अधिक के साइबर फ्राड में शामिल चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।
वाराणसी की साइबर क्राइम पुलिस और चेतगंज पुलिस ने रविवार को साइबर फ्रॉड गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में एक सासाराम और तीन वाराणसी के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी फर्जी फर्म बनाकर लोगों के बैंक खाते खुलवाते थे और उनकी पूरी डिटेल दूर बैठे साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। जांच में सामने आया कि इन 41 खातों में 1 अरब 16 करोड़ 86 लाख 58 हजार 321 रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ है और इन पर 143 NCRP शिकायतें दर्ज हैं।
पुलिस ने चारों आरोपियों को चेतगंज थाने में दर्ज मुकदमे में जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नितीश कुमार पांडेय, दुष्यंत सिंह, हिमांशु झा और रेहान के रूप में हुई है। पूछताछ में गैंग से जुड़े दो और नाम प्रतीक तिवारी उर्फ बंटी और रोमिल वर्मा सामने आए हैं। अब पुलिस दोनों की तलाश कर रही है।
पुलिस ने 4 साइबर अपराधी को अरेस्ट किया।
करौंदी में संदिग्धों की सूचना पर दबिश
एसीपी क्राइम विनय द्विवेदी ने बताया कि चेतगंज थाने में साइबर फ्रॉड को लेकर मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद साइबर क्राइम टीम और चेतगंज पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध लोग विवेकानंदपुरी कॉलोनी, करौंदी के पास मौजूद हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और चारों को पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम नितीश कुमार पांडेय, दुष्यंत सिंह, हिमांशु झा और रेहान बताया। जांच आगे बढ़ी तो इनके साइबर अपराध से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ।
अपराधियों के पास से 41 बैंक अकाउंट का डिटेल मिला है। इसके जरिए 116 करोड़ का फ्रॉड हुआ है।
कमीशन का लालच देकर खुलवाते थे बैंक अकाउंट
एसीपी क्राइम के मुताबिक, गैंग के सदस्य बनारस में रहने वाले लोगों के अलावा दूसरे जिलों और राज्यों से आकर यहां बसे लोगों को भी अपने जाल में फंसाते थे। उन्हें कमीशन देने का लालच दिया जाता था। इसके बाद उनके नाम पर फर्जी फर्म तैयार कर बैंक अकाउंट खुलवाया जाता था।
खाता खुलने के बाद आरोपी उसकी बैंकिंग डिटेल अपने पास रखते थे। फिर यही जानकारी दूसरे साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराई जाती थी। ऑनलाइन गेमिंग और दूसरे तरीकों से की गई साइबर ठगी की रकम इन्हीं खातों में मंगाई जाती थी।
गैंग का सरगना नितीश पांडेय है, जो बिहार का रहने वाला है।
41 खातों में 1.16 अरब से ज्यादा का लेनदेन
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार नितीश कुमार पांडेय मूल रूप से डीही, थाना शिवसागर, रोहतास, सासाराम का रहने वाला है। फिलहाल वह विवेकानंदपुरी कॉलोनी, चितईपुर में रह रहा था। पूछताछ में उसने बताया कि वह बैंक खातों की जानकारी ऊपर बैठे साइबर अपराधियों को देता था। इसके बाद ठगी की रकम उन खातों में भेजी जाती थी।
जांच में 41 बैंक अकाउंट सामने आए हैं। इन सभी में कुल 1 अरब 16 करोड़ 86 लाख 58 हजार 321 रुपए का ट्रांजेक्शन मिला है। खास बात यह है कि इन खातों को लेकर नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर 143 शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस अब इन लेनदेन के जरिए गैंग के दूसरे सदस्यों और ठगी के मामलों की कड़ियां जोड़ रही है।
नितीश का आपराधिक रिकॉर्ड मिला
एसीपी क्राइम ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में नितीश कुमार पांडेय का आपराधिक रिकॉर्ड मिला है। बाकी तीनों के पुराने मामलों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता कर रही है कि गैंग ने कितने लोगों के नाम पर खाते खुलवाए और इनका इस्तेमाल किन-किन साइबर ठगी की वारदातों में किया गया।
पूछताछ के दौरान प्रतीक तिवारी उर्फ बंटी और रोमिल वर्मा के नाम भी सामने आए हैं। दोनों की भूमिका की जांच करते हुए पुलिस उनकी तलाश कर रही है। फिलहाल चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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