बिहार का आपदा प्रबंधन विभाग 11 जिलों में बाढ़ राहत प्रयासों को तेज कर रहा है, विस्थापित लोगों की सहायता और सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए 50 चिकित्सा शिविर, 858 नावें और 7 एनडीआरएफ तथा 27 एसडीआरएफ टीमें तैनात कर रहा है।

By Oneindia Staff

Time Published: Sunday, September 6, 2026, 1:01 [IST]

बिहार में नदियों के बढ़े जलस्तर और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह सक्रिय है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। राज्य के 11 जिलों के 50 प्रखंडों की 201 पंचायतों में करीब 10.26 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है।

Bihar Flood Relief and Response

प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने और संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं।

बाढ़ प्रभावित लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराने के लिए 50 चिकित्सा शिविर, 19 वोट एम्बुलेंस और 36 पशु चिकित्सा शिविर संचालित किए जा रहे हैं। प्रभावित और विस्थापित लोगों के आवागमन तथा निष्क्रमण के लिए 858 नावों का परिचालन कराया जा रहा है। प्रभावित परिवारों के बीच अब तक 12 हजार से अधिक पॉलीथीन शीट और करीब 2,300 ड्राई राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं।

38 सामुदायिक रसोई में 1.21 लाख लोगों को भोजन

बाढ़ प्रभावित लोगों को दिन में दो समय गर्म भोजन उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न जिलों में 38 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से अब तक करीब 1.21 लाख लोगों को भोजन कराया जा चुका है। वैशाली जिले में एक राहत शिविर भी संचालित किया जा रहा है, जहां करीब 326 बाढ़ पीड़ितों के लिए आवासन, भोजन और चिकित्सा समेत आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

NDRF की 7 और SDRF की 27 टीमें तैनात

संभावित खतरों से निपटने और त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के लिए राज्य में NDRF की 7 और SDRF की 27 टीमें विभिन्न प्रभावित जिलों में तैनात की गई हैं।

पटना के गांधीघाट में गंगा का जलस्तर 50.57 मीटर, बंका घाट में 49.45 मीटर और पंडारक में 43.79 मीटर दर्ज किया गया है। इन स्थानों पर गंगा का जलस्तर सर्वोच्च जलस्तर (HFL) से ऊपर बह रहा है। वहीं गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और घाघरा नदियां भी विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर हैं। सारण जिले के त्रिलोकचक में माही नदी के तटबंध में करीब 20 मीटर की क्षति हुई है। मौके पर SDRF की टीम को भेजा गया है।

गंडक, कोसी और सोन में लाखों क्यूसेक जलस्राव

वाल्मीकिनगर बराज पर गंडक नदी का जलस्राव 1.26 लाख क्यूसेक, बीरपुर बराज पर कोसी नदी का जलस्राव 1.77 लाख क्यूसेक और इन्द्रपुरी बराज पर सोन नदी का जलस्राव 3.07 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया है। बिहार मौसम सेवा केंद्र ने अगले दो दिनों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके मद्देनजर आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है।

पटना में जल निकासी के लिए 94 अतिरिक्त पंप सक्रिय

पटना में बारिश के दौरान जलजमाव रोकने के लिए शहर के सभी 56 डीपीएस चालू रखे गए हैं। इसके अलावा पटना नगर निगम के छह अंचलों में 7.5 एचपी से 83 एचपी क्षमता वाले कुल 94 अतिरिक्त पंप जल निकासी के लिए लगाए गए हैं।

पटना और दानापुर कैनाल में जल संसाधन विभाग की ओर से डिस्चार्ज बंद किया जा रहा है, ताकि शहर की जल निकासी व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव न पड़े। वहीं, 13 छोटे नालों पर गंगा से बैकफ्लो रोकने के लिए स्लूस गेट बंद किए गए हैं। नालों से पानी निकालने के लिए पटना नगर निगम की ओर से पंप सेट भी लगाए जा रहे हैं।

आपात स्थिति में 1070 पर करें संपर्क

आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से किसी भी आपातकालीन स्थिति में राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के हेल्पलाइन नंबर 1070 पर संपर्क करने की अपील की है।