31 अगस्त को मानसून बैन खत्म होने जा रहा है। अगर मौसम ने साथ दिया, तो 1 सितंबर से ऋषिकेश में गंगा रिवर राफ्टिंग फिर से शुरू हो सकती है। पानी के जलस्तर और स्लॉट की जानकारी रोजाना सुबह जारी की जाएगी। अगर आप दिल्ली-NCR से वीकेंड ट्रिप का प्लान बना रहे हैं, तो सुबह के पॉपुलर स्लॉट पहले से ही बुक कर लें और IMD के वेदर अपडेट्स पर नजर रखें। हर सीजन की तरह इस बार भी सबसे पहले शिवपुरी से ऋषिकेश वाला स्ट्रेच ही खुलने की उम्मीद है।
शिवपुरी का यह 16 किलोमीटर का क्लासिक रूट ग्रेड II से III के रैपिड्स का बेहतरीन रोमांच देता है, जिसमें 'रोलर कोस्टर' और 'गोल्फ कोर्स' जैसे मशहूर रैपिड्स शामिल हैं। राफ्टिंग के दौरान लाइफ जैकेट और हेलमेट पहनना अनिवार्य है, और किसी भी तरह के नशे पर पूरी तरह पाबंदी है। राफ्ट में तय क्षमता से ज्यादा लोग नहीं बैठ सकते और सिर्फ लाइसेंस वाले ऑपरेटर्स को ही राफ्टिंग कराने की इजाजत है। नदी का जलस्तर बढ़ने पर ज्यादातर ऑपरेटर्स बुकिंग रद्द कर देते हैं। इसलिए हमेशा ऑथराइज्ड ऑपरेटर्स को ही चुनें और सेफ्टी ड्रिल के बारे में जानकारी जरूर लें।
ऋषिकेश राफ्टिंग सीजन: जानिए कब और कौन-सा रूट सबसे पहले खुलेगा
मौसम सामान्य होने पर मरीन ड्राइव या कौड़ियाला जैसे मुश्किल रूट्स की तुलना में शिवपुरी-ऋषिकेश स्ट्रेच सबसे पहले शुरू होता है। अगर आप फैमिली के साथ जा रहे हैं, तो ब्रह्मपुरी का 9 किलोमीटर वाला शांत और आसान रूट बेस्ट रहता है। वहीं, मोहन चट्टी में बंजी जंपिंग और जायंट स्विंग सालभर चालू रहते हैं, हालांकि तेज बारिश या हवा चलने पर इन्हें रोक दिया जाता है। ऋषिकेश के लिए निकलने से पहले ऑपरेटर्स की ताजा एडवाइजरी जरूर चेक कर लें।
बुकिंग विंडो, किराया और जरूरी नियम: जाने से पहले रखें इन बातों का ध्यान
सुबह 7 से 11 बजे के प्राइम स्लॉट के लिए एडवांस बुकिंग कराना समझदारी होगी। हालांकि, तपोवन, लक्ष्मण झूला और शिवपुरी के काउंटरों से भी स्पॉट बुकिंग की जा सकती है। अपने साथ कोई सरकारी फोटो आईडी जरूर रखें, क्योंकि चेक-इन के समय इसकी जरूरत पड़ती है। किराये की बात करें तो ब्रह्मपुरी रूट का खर्च आमतौर पर ₹600 से ₹800 और शिवपुरी रूट का ₹1000 से ₹1200 प्रति व्यक्ति आता है। नियमों के मुताबिक, 16 फीट की राफ्ट में आठ मेहमानों के साथ क्रू मेंबर्स बैठ सकते हैं। बुकिंग से पहले कैंसिलेशन पॉलिसी और अन्य सुविधाओं के बारे में अच्छे से पूछ लें।
| रूट | दूरी | चुनौती का स्तर | औसत किराया |
|---|---|---|---|
| ब्रह्मपुरी-ऋषिकेश | 9 किमी | आसान | ₹600–₹800 |
| शिवपुरी-ऋषिकेश | 16 किमी | मध्यम | ₹1000–₹1200 |
दिल्ली से ऋषिकेश कैसे पहुंचें: रूट, टाइमिंग और बेस्ट ट्रांसपोर्ट ऑप्शन
अगर आप कार से जा रहे हैं, तो सुबह 6 बजे से पहले दिल्ली से निकल जाएं। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और NH334 से होते हुए आप 5 से 6 घंटे में आसानी से ऋषिकेश पहुंच जाएंगे। इसके अलावा, कश्मीरी गेट ISBT से दिनभर उत्तराखंड रोडवेज (UTC) की बसें मिलती हैं, जिनकी ऑनलाइन बुकिंग भी की जा सकती है। ट्रेन का विकल्प चुनना हो तो देहरादून जाने वाली वंदे भारत लें और वहां से बस या टैक्सी लेकर ऋषिकेश पहुंचें। निकलने से पहले IMD का वेदर फोरकास्ट जरूर चेक कर लें।
कहां ठहरें और अगर राफ्टिंग बंद हो तो क्या करें?
रुकने के लिए तपोवन या लक्ष्मण झूला के आसपास का इलाका सबसे बेहतर है, जहां से राफ्टिंग पिक-अप और खाने-पीने की बेहतरीन जगहें आसानी से मिल जाती हैं। नदी किनारे लीगल रिवरसाइड कैंप NGT की गाइडलाइंस और जलस्तर को देखते हुए सितंबर के मध्य तक खुलते हैं। अगर नदी में पानी का बहाव तेज रहता है और राफ्टिंग नहीं हो पाती, तो आप बीटल्स आश्रम, त्रिवेणी घाट की भव्य गंगा आरती या कुंजापुरी मंदिर से सनराइज ट्रेक का आनंद ले सकते हैं।