राजस्थान के टोंक, अजमेर और जयपुर की लाइफलाइन कहे जाने वाले बीसलपुर बांध के कैचमेंट एरिया और जिले में बारिश का दौर थमने के साथ ही बांध में पानी की आवक भी कम हो गई है। बीते 24 घंटे में बांध का जलस्तर एक सेंटीमीटर घट गया। इसके बाद सोमवार को बांध का जलस्

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बांध में अभी सवा मीटर से ज्यादा पानी की जरूरत

बारिश का दौर थम गया है और बांध अभी करीब सवा मीटर खाली है। ऐसे में अब इसके पूरी क्षमता तक भरने की संभावना कम होती जा रही है। हालांकि मौजूदा जलस्तर से टोंक, अजमेर और जयपुर में पेयजल सप्लाई पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ेगा। पेयजल के लिए बांध में पर्याप्त पानी उपलब्ध है। चिंता किसानों की रबी फसलों की सिंचाई को लेकर है। अगर बांध पूरा नहीं भरता है तो किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलना मुश्किल हो सकता है।

त्रिवेणी का गेज 230 मीटर, आवक काफी कम

बांध को पूरा भरने के लिए अभी सवा मीटर से ज्यादा पानी की जरूरत है। वहीं बारिश का दौर फिर थमने और जलस्तर गिरना शुरू होने से पूर्ण भराव क्षमता तक पहुंचने की उम्मीद कम हो गई है। अभी त्रिवेणी का गेज 230 मीटर है और पानी की आवक काफी कम बनी हुई है।

टोंक, अजमेर और जयपुर की एक करोड़ से ज्यादा आबादी के लिए रोजाना करीब 950 एमएलडी पानी की खपत होती है। इससे बांध का जलस्तर रोजाना करीब डेढ़ से दो सेंटीमीटर तक कम हो रहा है। अब पानी की आवक जलस्तर बढ़ने के लिए जरूरी मात्रा में नहीं हो रही है।

तीन दिन बढ़ने के बाद चौथे दिन गिरा जलस्तर

बीसलपुर बांध का जलस्तर लगातार तीन दिन बढ़ने के बाद चौथे दिन सोमवार को एक सेंटीमीटर गिर गया। अब अगर बांध के भराव क्षेत्र में तेज बारिश नहीं होती है तो जलस्तर में गिरावट जारी रह सकती है। ऐसी स्थिति में बांध के भरने की उम्मीद कम होने के साथ ही रोजाना करीब एक से डेढ़ सेंटीमीटर तक जलस्तर घटने की संभावना है।

जिले में ज्यादातर जगह दहाई तक नहीं पहुंचा बारिश का आंकड़ा

वहीं, जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान टोडासिंह के रेन गेज सेंटर को छोड़कर अन्य रेन गेज सेंटरों पर बारिश का आंकड़ा दहाई तक भी नहीं पहुंच पाया। यानी ज्यादातर जगह मामूली बारिश ही हुई है। सोमवार को सूर्य भी साफ दिखाई दे रहा है। तापमान बढ़ने के आसार हैं और बारिश की संभावना नहीं है।