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जिले में बाढ़ से प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राहत की घोषणा की है। सोमवार को बाढ़ प्रभावित रंगाराज पार्क क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और सभी प्रभावितों को 10-10 हजार रुपए राहत देने की बात कही। 25 सितंबर को जिले में 615.20 मिमी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति बनी थी। 22 गांवों के 8,936 लोग प्रभावित हुए, इनमें 4,356 लोग सीधे बाढ़ की चपेट में आए। मुख्यमंत्री ने राहत-बचाव कार्यों की जानकारी ली और अधिकारियों को हर प्रभावित परिवार तक जल्द मदद पहुंचाने तथा क्षति का विस्तृत आकलन कर पात्र लोगों को आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कलेक्टर अमित कुमार से 21 से 27 सितंबर के बीच हुई भारी बारिश और उससे हुए नुकसान की जानकारी ली। प्रशासन और पुलिस की टीमों ने बाढ़ के दौरान रेस्क्यू अभियान चलाकर मोटर बोट से 158 लोगों को सुरक्षित निकाला। 19 राहत शिविरों में 2,023 विस्थापितों को ठहराया गया है। शिविरों में मेडिकल कैंप, भोजन और जरूरी राहत सामग्री की व्यवस्था की गई है। बाढ़ से जिले में 10 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 310 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। 8 पुल-पुलिया और 2 सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। एक शासकीय उप स्वास्थ्य केंद्र का शेड भी क्षतिग्रस्त हुआ। शुरुआती आकलन में लोक निर्माण, पंचायत समेत अन्य बुनियादी ढांचों को करीब 1.74 करोड़ रुपए की क्षति का अनुमान है। फसल और पशुहानि का सर्वे अभी जारी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने और नुकसान का विस्तृत सर्वे कर पात्र लोगों को शीघ्र क्षतिपूर्ति देने के निर्देश दिए। इस दौरान बाढ़ प्रभावित हॉस्टल में फंसे करीब 50 विद्यार्थियों तक प्रशासन ने नाव से पेयजल पहुंचाने की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। 25 सितंबर को 615.20 मिमी बारिश के बाद आई बाढ़ से सुकमा जिले के 22 गांवों के 8,936 लोग प्रभावित हुए। इनमें 4,356 लोग सीधे बाढ़ की चपेट में आए। बाढ़ में 10 मकान पूरी तरह और 310 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए। 8 पुल-पुलिया, 2 सड़कें और एक शासकीय उप स्वास्थ्य केंद्र का शेड भी क्षतिग्रस्त हुआ। शुरुआती आकलन में लोक निर्माण, पंचायत और अन्य बुनियादी ढांचों को करीब 1.74 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। प्रशासन ने मोटर बोट से 158 लोगों को सुरक्षित निकाला, जबकि 19 राहत शिविरों में 2,023 विस्थापितों को ठहराया गया है।