
टीम इंडिया से दूर वैभव सूर्यवंशी जमकर प्रैक्टिस कर रहे हैंImage Credit source: Getty Images
Vaibhav Sooryavanshi Practice: वैभव सूर्यवंशी का इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू आखिरकार हो चुका है. उनकी शुरुआत भले ही धीमी रही लेकिन जल्द ही सूर्यवंशी ने अपना जलवा दिखा दिया. जिम्बाब्वे दौरे पर सिर्फ 15 साल की उम्र में इस ओपनर ने अपनी बैटिंग से कुछ खास रिकॉर्ड तोड़ दिए. अब वैभव को फिर से टीम इंडिया के लिए खेलते हुए देखने के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा. मगर इस बीच वो खुद अपनी कमजोरी को दूर करने में लगे हैं. ये कमजोरी है रेड बॉल क्रिकेट.
IPL से लेकर अंडर-19 वर्ल्ड कप और सीनियर इंटरनेशनल क्रिकेट में वैभव सूर्यवंशी ने अपने बल्ले का कमाल दिखाया है. आईपीएल के पिछले सीजन में सिर्फ 15 साल की उम्र में उन्होंने सबसे ज्यादा रन बनाकर ऑरेंज कैप अवॉर्ड जीता और सबसे ज्यादा छक्के जड़ने का रिकॉर्ड भी बनाया. वहीं इंग्लैंड में डेब्यू में नाकामी के बाद जिम्बाब्वे में ताबड़तोड़ अर्धशतक जमाकर प्लेयर ऑफ द सीरीज भी जीत ली.
इस जगह प्रैक्टिस कर रहे वैभव सूर्यवंशी
मगर अब वैभव सूर्यवंशी का लक्ष्य खुद को लंबे फॉर्मेट के क्रिकेट में साबित करना है. इसको देखते हुए ही उन्होंने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है. अपने रेड बॉल गेम को मजबूत करने के लिए वैभव सूर्यवंशी इन दिनों प्रैक्टिस कैंप में जुटे हुए हैं. मगर ये प्रैक्टिस वो BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में नहीं, बल्कि अपनी IPL फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स की एकेडमी में कर रहे हैं.
सूर्यवंशी इन दिनों महाराष्ट्र के तालेगांव में हैं, जहां रॉयल्स की एकेडमी है. इस एकेडमी में राजस्थान रॉयल्स की ओर से 10 दिन का प्री-सीजन ट्रेनिंग कैंप आयोजित किया जा रहा है, जिसमें फ्रेंचाइजी के कई खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं. टीम के बैटिंग कोच विक्रम राठौड़ की निगरानी में वैभव सूर्यवंशी लाल गेंद के सामने बल्लेबाजी का अभ्यास कर रहे हैं, ताकि वो इस फॉर्मेट में भी खुद को ढाल सकें.
वैभव का लक्ष्य दलीप ट्रॉफी
असल में वैभव सूर्यवंशी जल्द ही दलीप ट्रॉफी 2026 में खेलते दिखेंगे, जो रेड बॉल टूर्नामेंट है. इस टूर्नामेंट में उन्हें पहली बार ईस्ट जोन की टीम में शामिल किया गया है और साथ ही उन्हें उप-कप्तान भी बनाया गया है. ऐसे में वैभव के सामने अच्छा प्रदर्शन कर इस फैसले को सही साबित करने की चुनौती भी है. वैभव ने अभी तक फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 10 मैच खेले हैं, जिसमें वो 17 की मामूली औसत से सिर्फ 207 रन बना सके हैं और 1 ही अर्धशतक उनके बल्ले से निकला है. इस टूर्नामेंट के साथ वैभव इन आंकड़ों को बदलना चाहेंगे.

सुमित सुन्द्रियाल
इस वक्त TV9 हिंदी (स्पोर्ट्स 9) में असिस्टेंट न्यूज एडिटर (स्पोर्ट्स) की भूमिका में हूं. यहां तक पहुंचने की शुरुआत 2009 से हुई, जब जामिया मिल्लिया इस्लामिया में मास मीडिया ऑनर्स कोर्स (2009-12) में एडमिशन लिया. फिर 2013 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से हिंदी पत्रकारिता में पोस्ट-ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा किया. यहीं से 2013 में पहली बार पेशेवर पत्रकारिता में कदम रखे और सबसे पहले न्यूज 18 इंडिया टीवी चैनल में जगह बनाई. डिजिटल पत्रकारिता में एंट्री लेने से पहले करीब 6 साल टीवी इंडस्ट्री में ही गुजरे, जहां असानमेंट डेस्क पर काम किया. असाइनमेंट डेस्क पर रहते हुए जानकारी जुटाना सबसे अहम काम होता है और उस खबर के हर पहलू को जांचना और उसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होती है. यही काम न्यूज 18 इंडिया में रहते हुए किया. इसके बाद खेल और खेल की खबरों के मोह ने डिजिटल जर्नलिज्म की ओर मोड़ा और एक नया सफर शुरू हुआ. इसकी शुरुआत IPL 2019 के दौरान हुई, जब क्विंट हिंदी का दामन थामा. एक साल क्विंट के साथ खेल की खबरें लिखने के बाद इसी काम में नया मुकाम हासिल करने के लिए TV9 हिंदी से रिश्ता जुड़ा. पिछले 3 साल से यहीं पर खेल की हर छोटी-बड़ी, गंभीर और मजेदार खबरें आप तक पहुंचा रहां हूं और लगातार बेहतर तरीके से पेश करने का प्रयास कर रहा हूं.
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