Indian javelin thrower : भारत के जैवलिन थ्रोअर का करियर लगभग खत्म हो गया है क्योंकि उस पर 10 साल का बैन लगा है. उनस पर 10 साल का बैन क्यों लगा है, आइए जानते हैं.
Indian javelin thrower : भारत के जैवलिन थ्रोअर का करियर लगभग खत्म हो गया है क्योंकि उस पर 10 साल का बैन लगा है. उनस पर 10 साल का बैन क्यों लगा है, आइए जानते हैं.
![]()
New Update
/newsnation/media/media_files/2026/08/21/shivpal-singh-2026-08-21-10-27-52.jpg)
shivpal singh Photograph: (x)
Indian javelin thrower : भारत को जेवलिन थ्रो में पिछले कई सालों में खास उपलब्धिया हासिल हुई हैं. ओलंपिक से लेकर कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में नीरज चोपड़ा ने भारत को भाला फेंक खेल में ऊंचा मुकाम दिलाया है. उन्होंने देश के लिए गोल्ड से लेकर तमाम सिल्वर मेडल जीते हैं. इस खेल में भारत का नाम जहां नीरज चोपड़ा ने रौशन किया है तो वहीं, अब उनके साथ खिलाड़ी ने भारत का नाम जेवलिन थ्रो खेल में डुबाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. इससे न सिर्फ उन्हें बल्कि भारत देश को भी इस खेल में शर्मसार होना पड़ा है.
दरअसल, भारत के जेवलिन थ्रोअर शिवपाल सिंह पर बड़ा एक्शन लिया गया है. उनको अब भाला फेंक खेल खेलने से 10 सालों तक के लिए रोक दिया गया है. बता दें कि, उन पर नाडा ने कार्रवाही की है. अब नीरज चोपड़ा के साथ खिलाड़ी शिवपाल सिंह पर 10 साल का बैन लगाया गया है. शिवपाल पर ये बैन क्यों लगा है. उन पर इतना बड़ा एक्शन क्यों लिया गया है, जिससे उनका करियर तक खत्म हो सकता है. आइए इसके बारे में जानते हैं.
After boxing we have a good news from Indian Athletics, Javelin thrower Shivpal Singh also qualifiers for Tokyo Olympics today. Congratulations Shivpal @afiindia@Adille1 sir @nitinarya99pic.twitter.com/IzYBpHeYyo
— Rahul Trehan (@imrahultrehan) March 10, 2020
किस बात की मिली शिवपाल को सजा?
ओलंपियन भाला फेंक एथलीट शिवपाल सिंह पर दूसरे डोपिंग सकारात्मक पाए जाने के बाद 10 साल का प्रतिबंध लगाया गया है. इस अपराध के लिए उन पर राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने कार्रवाई की है. वो डोपिंग के दोषी पाए गए जिसके बाद उन पर कड़ी कार्रवाई की है. भारतीय एथलीट शिवपाल प्रतिबंधित पदार्थ मेथाएंडिएनोन के सेवन के लिए पॉजिटिव पाए गए हैं. इसके लिए उन्हें इतनी बड़ी सजा मिली है.
आपको बता दें कि, भारत के पूर्व एशियाई रजत पदक विजेता और ओलंपियन भाला फेंक खिलाड़ी शिवपाल सिंह का करियर इसके बाद खतरे में नजर आ रहा है. उन पर दूसरे डोपिंग अपराध के लिए नाडा के अनुशासनात्मक पैनल ने 10 साल का बैन लगाया है. इस समय शिवपाल की उम्र 31 वर्ष है. वो भारत को आगे भाला फेंक खेल में रिप्रजेंट कर सकते थे, लेकिन अब वो 10 सालों के लिए बैन रहेंगे यानी कि उनके पास अब दोबारा से देश का प्रतिनिधित्व करना का मौका 41 साल की उम्र में आएगा.
शिवपाल ने टोक्यो ओलंपिक में भी भारतीय दल का प्रतिनिधित्व किया था. वो भारत के लिए एशियाई चैंपियनशिप में रजत पदक भी जीत चुके हैं. शिवपाल के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक 2019 एशियाई चैंपियनशिप में भारत को रजत पदक जीतना था. उन्होंने दोहा में 86.23 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल हालिक किया था.
#Athletics : Javelin thrower Shivpal Singh finished fourth with 76.90m at the Motonet Grand Prix. pic.twitter.com/X0AIwi3jva
— Doordarshan Sports (@ddsportschannel) July 26, 2019
पहले भी बैन हो चुके हैं शिवपाल सिंह
नाडा के डोपिंग रोधी अनुशासनात्मक पैनल ने अगस्त 2022 में उन पर डोपिंग उल्लघंन के लिए 2021 से 2025 तक चार साल का बैन लगाया था. लेकिन उन्होंने नाडा के अपील पैनल में तर्क दिया कि दूषित सप्लीमेंट्स जिम्मेदार इसके जिम्मेदार हैं. इसके बाद जनवरी 2023 में उन से बैन हटा लिया गया था. अब एक बार फिर वो डोपिंग में पॉजिटिव आए और उन पर अब 10 साल का बैन लगा दिया गया है. शिवपाल से पहले धाविका एमवी जिल्ना भी दूसरे डोपिंग उल्लघंन के लिए अस्थायी रूप से निलंबित किया गया और वह मेफेंटरमाइन के लिए पॉजिटिव मिलीं.
ये भी पढ़ें :CWG 2026: भारत का डबल धमाल! जैवलिन में पहली बार पोडियम पर पहुंचे 2 भारतीय, नीरज चोपड़ा ने सिल्वर तो यशवीर सिंह ने दिलाया ब्रॉन्ज
हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें! विशेष ऑफ़र और नवीनतम समाचार प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति बनें