Time Published: Friday, October 2, 2026, 20:50 [IST]

CBSE Board Passing Marks Rule: CBSE कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा 2027 की तैयारी कर रहे छात्रों के बीच पासिंग मार्क्स को लेकर पिछले कुछ दिनों से एक सवाल लगातार घूम रहा था। नए सिलेबस पढ़ने के बाद कई छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को लगा कि इस बार पास होने का तरीका बदल गया है। चर्चा होने लगी कि अब बोर्ड परीक्षा और इंटरनल असेसमेंट में अलग-अलग 33 प्रतिशत अंक लाने होंगे।

इससे खासकर उन छात्रों की चिंता बढ़ गई, जिनकी तैयारी किसी एक हिस्से में कमजोर है। अब केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी CBSE ने इस कन्फ्यूजन को क्लियर कर दिया है। बोर्ड के मुताबिक कक्षा 10 के पासिंग नियम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 2025-26 में लागू व्यवस्था ही शैक्षणिक सत्र 2026-27 में जारी रहेगी।

CBSE Board Passing Marks Rule

अलग-अलग 33% अंक जरूरी नहीं

कक्षा 10 के छात्रों को इंटरनल असेसमेंट और बोर्ड परीक्षा में अलग-अलग 33 प्रतिशत अंक हासिल करने की जरूरत नहीं है। CBSE के मुताबिक दोनों हिस्सों के अंकों को जोड़कर छात्र के कुल अंक देखे जाएंगे। किसी विषय में पास होने के लिए कुल मिलाकर 33 प्रतिशत अंक जरूरी होंगे। हालांकि छात्र को इंटरनल असेसमेंट और बोर्ड परीक्षा दोनों में शामिल होना और इनकी प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है।

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80 नंबर की परीक्षा, 20 नंबर इंटरनल

कक्षा 10 में मुख्य बोर्ड परीक्षा 80 अंकों की होगी, जबकि इंटरनल असेसमेंट के लिए 20 अंक तय हैं। इन दोनों हिस्सों में छात्र के प्रदर्शन को जोड़कर अंतिम रिजल्ट तैयार होगा। यानी 80 और 20 अंकों वाले दोनों हिस्सों को मिलाकर पासिंग क्राइटेरिया देखा जाएगा।

नए सिलेबस से क्यों हुआ कन्फ्यूजन?

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक CBSE ने कक्षा 9 और 10 के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 का नया सेकेंडरी स्कूल करिकुलम जारी किया था। इसमें पासिंग क्राइटेरिया को लेकर इस्तेमाल की गई भाषा के बाद कई शिक्षकों और छात्रों को लगा कि कक्षा 10 में भी दोनों हिस्सों में अलग-अलग 33 प्रतिशत अंक जरूरी कर दिए गए हैं। इसके बाद छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों की तरफ से बोर्ड से स्थिति साफ करने की मांग की गई।

वेबिनार में भी उठा सवाल

यह मुद्दा CBSE मुख्यालय में हुए एक वेबिनार में भी सामने आया। 'रजिस्ट्रेशन और एलओसी की जरूरत' से जुड़े वेबिनार में सोनीपत के एक निजी स्कूल के शिक्षक ने पासिंग नियम पर सवाल पूछा। रिपोर्ट के मुताबिक CBSE अधिकारी ने बताया कि कक्षा 10 में इंटरनल और बोर्ड परीक्षा के अंक मिलाकर 33 प्रतिशत का नियम लागू रहेगा।

वहीं कक्षा 12 में जहां प्रैक्टिकल लागू है, वहां संबंधित नियमों के तहत थ्योरी और प्रैक्टिकल में अलग-अलग पासिंग मार्क्स की जरूरत होती है। अधिकारी ने यह भी बताया कि कक्षा 10 में अलग-अलग 33 प्रतिशत अंक का नियम पहले तय किया गया था, लेकिन बाद में वापस ले लिया गया। बोर्ड में कई बदलाव आने हैं, इसलिए फिलहाल पुरानी व्यवस्था जारी रखी गई है।

पेपर के पैटर्न में भी बदलाव नहीं

CBSE ने 21 सितंबर को अपने संबद्ध स्कूलों के प्रमुखों को सूचना जारी कर सैंपल प्रश्नपत्र और मार्किंग स्कीम से जुड़ी स्थिति भी साफ की थी। बोर्ड के मुताबिक शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 10 और 12 के प्रश्नपत्र के डिजाइन और असेसमेंट पैटर्न में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

जारी किए गए सैंपल प्रश्नपत्र और मार्किंग स्कीम छात्रों को पेपर का पैटर्न समझने में मदद करेंगे। शिक्षक भी इनका इस्तेमाल पढ़ाई के दौरान कर सकते हैं। CBSE का फोकस केवल सवालों के जवाब याद कराने के बजाय छात्रों की कॉन्सेप्ट को समझने और सीखी हुई बातों को वास्तविक परिस्थितियों में इस्तेमाल करने की क्षमता बढ़ाने पर है।

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