मेंशन रोयल प्रोजेक्ट में 100 करोड़ की धोखाधड़ी: फ्लैट बिक्री के रुपए कैश में लेने का आरोप, रियल एस्टेट ग्रुप के निदेशक समेत सात के खिलाफ केस दर्ज - Jaipur News
जयपुर3 घंटे पहले
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प्रतिकात्मक फोटो
जयपुर के एयरपोर्ट थाने में रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़ा एक मामला दर्ज हुआ है। जयपुर मोटेल्स एंड बिल्डर्स प्रा. लि. के जनरल मैनेजर एवं अधिकृत प्रतिनिधि सौरभ झांझड़ा ने एफआईआर दर्ज कराई है।
उन्होंने आरोप लगाया गया है कि Mansion Royale आवासीय परियोजना में फ्लैटों की बिक्री के दौरान घोषित कीमत से करोड़ों रुपए से ज्यादा की नकद राशि वसूली गई, जिसे कंपनी से छिपाकर गबन किया गया।
शिकायत के अनुसार साल 2022 में कंपनी और महिमा बिल्डर्स के बीच Development Management Agreement हुआ था, जिसके तहत महिमा समूह को केवल फ्लैटों की मार्केटिंग, बिक्री और निर्माण पर्यवेक्षण का काम सौंपा गया था। आरोप है कि इस विश्वास का दुरुपयोग करते हुए फ्लैट खरीदारों से घोषित मूल्य के अलावा बड़ी मात्रा में नकद राशि वसूली गई, जिसका कोई हिसाब कंपनी को नहीं दिया गया।
एफआईआर में बताया कि बाद में DGGI की जांच और छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों एवं बयानों से पहली बार कंपनी को इस कथित समानांतर नकद लेन-देन (Parallel Accounting) की जानकारी मिली। शिकायत के अनुसार करीब 100 करोड़ रुपए की नकद राशि कंपनी से छिपाकर हड़प ली गई।
जयपुर मोटेल्स एंड बिल्डर्स प्रा. लि. के जनरल मैनेजर एवं अधिकृत प्रतिनिधि सौरभ झांझड़ा की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि Mansion Royale आवासीय परियोजना में फ्लैटों की बिक्री के दौरान घोषित कीमत से करोड़ों रुपये अधिक नकद राशि वसूली गई, जिसे कंपनी से छिपाकर गबन किया गया। (प्रतिकात्मक फोटो)
बेनामी फ्लैट आवंटन का भी आरोप
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि परियोजना के पांच प्रीमियम फ्लैट निदेशकों के परिजनों के नाम बाजार मूल्य से काफी कम दर पर आवंटित किए गए। इनमें दो फ्लैट कुसुम मदान और तीन फ्लैट महिमा मदान के नाम बताए गए हैं। शिकायत के अनुसार इन फ्लैटों की कुल कीमत का बड़ा हिस्सा आज भी बकाया है और लगभग 4.15 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया गया।
समानांतर रिकॉर्ड तैयार करने का आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि फ्लैट बिक्री से प्राप्त नकद राशि का अलग से समानांतर रिकॉर्ड तैयार किया जाता था। इसके लिए कंपनी के कर्मचारियों की मिलीभगत से अलग लेखा-जोखा रखा गया, जिससे वास्तविक बिक्री राशि कंपनी से छिपाई जा सके।
इन लोगों को बनाया गया आरोपी
एफआईआर में धीरज मदान, निखिल मदान, कुसुम मदान, महिमा मदान, बाबूलाल सैन और आशीष पाराशर को नामजद किया गया है। इन पर आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, विश्वासघात, अवैध नकद संग्रह और अभिलेखों में हेराफेरी के आरोप लगाए गए हैं।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
एयरपोर्ट थाना पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया है। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) – धोखाधड़ी और धारा 316(2) – आपराधिक विश्वासघात अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस जांच शुरू
थानाधिकारी विनोद कुमार ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब DGGI की जांच रिपोर्ट, वित्तीय दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड, समानांतर लेखा अभिलेख तथा फ्लैट बिक्री से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच करेगी।
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