केंद्र सरकार ने देश में 100% शुद्ध एथेनॉल को गाड़ियों के ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने वाले नए नियमों को आधिकारिक और कानूनी मंजूरी दे दी है. सरकार के इस बड़े फैसले के बाद अब देश में पेट्रोल डीजल की निर्भरता को कम करने वाली फ्लेक्स-फ्यूल कारों के आने का रास्ता पूरा तरह साफ हो गया है. 

इस ऐतिहासिक फैसले के बाद मारुति सुजुकी, टोयोटा और हुंडई जैसी देश की दिग्गज कार निर्माता कंपनियां अगले साल से 100% एथेनॉल से चलने वाली गाड़ियां बाजार में उतारने के लिए तैयार हो चुकी हैं. आइे जानते हैं कि सरकार के इस से आम जनता को क्या फायदा होने वाला है. 

सरकार के फैसले का क्या है मतलब?

अब तक हम जो गाड़ियां चला रहे हैं, उनमें सरकार धीरे-धीरे पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की सीमा को बढ़ा रही थी, जिसे E20 20% कहा जाता है. लेकिन सरकार द्वारा मंजूर किए गए नए नियमों के तहत अब गाड़ियों में E100 ईंधन यानी 100% शुद्ध एथेनॉल का इस्तेमाल किया जा सकेगा. 

फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक वाली ये नई गाड़ियां ऐसी होंगी जो या तो पूरी तरह से एथेनॉल पर चलेंगी या फिर जरूरत पड़ने पर पेट्रोल और एथेनॉल के किसी भी मिश्रण पर आसानी से दौड़ सकेंगी. सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में देश के हर कोने में एथेनॉल फ्यूल स्टेशन खोले जाएं ताकि लोगों को ईंधन की कोई कमी न हो.

मारुति, टोयोटा और हुंडई की क्या है तैयारी?

सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद ऑटोमोबाइल कंपनियों ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया हैं. मारुति सुजुकी ने पहले ही अपनी सबसे पॉपुलर हैचबैक कार WagonR का फ्लेक्स-फ्यूल प्रोटोटाइप मॉडल प्रदर्शित किया था, जो 20% से लेकर 85% से ज्यादा एथेनॉल मिक्स पर चल सकती है. कंपनी अब इसे 100% एथेनॉल के अनुकूल बनाकर अगले साल लॉन्च करने की योजना पर काम कर रही है. 

वहीं, टोयोटा ने भारत में अपनी मशहूर सेडान कार Innova Hycross का दुनिया का पहला 100% एथेनॉल से चलने वाला प्रोटोटाइप मॉडल पेश किया था. यह गाड़ी न सिर्फ एथेनॉल पर चलती है, बल्कि इसमें हाइब्रिड इलेक्ट्रिक तकनीक भी है, जो इसे सबसे एडवांस बनाती है. हुंडई भी अपनी गाड़ियों के इंजन को पूरी तरह अपडेट कर रही है ताकि वे बिना किसी तकनीकी खराबी के 100% एथेनॉल ईंधन को झेल सकें. 

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आम जनता को क्या होगा फायदा?

पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से परेशान आम जनता के लिए एथेनॉल एक बहुत ही सस्ता विकल्प साबित होगा. एथेनॉल की कीमत पेट्रोल के मुकाबले काफी कम होती है, जिससे हर महीने ईंधन पर होने वाला खर्च काफी घट जाएगा. साथ ही, 100% एथेनॉल एक ग्रीन और साफ ईंधन है. इसके इस्तेमाल से गाड़ियों से निकलने वाले हानिकारक धुएं और कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी, जिससे शहरों की हवा साफ होगी. 

भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है, जिस पर देश का अरबों रुपया खर्च होता है. घरेलू स्तर पर एथेनॉल का उत्पादन बढ़ने से भारत आत्मनिर्भर बनेगा और देश का पैसा देश में ही रहेगा. 

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