Published: Saturday, October 17, 2026, 9:30 [IST]
ग्लोबल एनर्जी मार्केट और ट्रेड वॉर के बीच अमेरिका से बेहद चौंकाने वाली खबर आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत समेत दुनिया के पांच बड़े देशों को रूस से कच्चा तेल और गैस खरीदने पर लगने वाली पेनाल्टी से बड़ी राहत दे दी है। 16 अक्टूबर शाम जारी एक एग्जिक्यूटिव ऑर्डर में ट्रंप ने साफ कर दिया कि इन देशों को रूसी ऊर्जा उत्पाद खरीदने पर कोई भी अतिरिक्त शुल्क या टैरिफ नहीं देना होगा।
इससे भारत जैसे देशों को राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि नए कानून के तहत रूसी तेल खरीदने वाले बड़े आयातकों के अमेरिकी बाजार में आने वाले सामान पर 100% तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रावधान था। ट्रंप ने 16 अक्टूबर 2026 को जारी कार्यकारी आदेश में इस कानून के तहत आने वाले कई टैरिफ और प्रतिबंधों से छूट देने का फैसला किया। उन्होंने इसके पीछे अमेरिका के राष्ट्रीय हित को वजह बताया।
क्या है 'ग्राहम एक्ट 2026' और इसकी धारा 115?
दरअसल, इस पूरे मामले की नींव अगस्त महीने में पड़ी थी जब अमेरिकी सीनेट ने 86-11 के भारी अंतर से 'लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026' बिल को मंजूरी दी थी। इसके बाद 19 सितंबर को राष्ट्रपति ट्रंप ने इस पर दस्तखत कर कानून बना दिया था।
इस कानून में रूस से क्रूड ऑयल खरीदने वाले देशों पर कड़े प्रतिबंध और टैरिफ लगाने का प्रावधान था। लेकिन इसी कानून की धारा 115 राष्ट्रपति को यह खास पावर देती है कि वे नेशनल इंटरेस्ट का हवाला देकर किसी भी देश या विदेशी इकाई को प्रतिबंधों और शुल्कों से छूट दे सकते हैं।
अमेरिकी कांग्रेस को सौंपा गया सर्टिफिकेट
धारा 115 के तहत इस पावर का इस्तेमाल करने के लिए राष्ट्रपति को अमेरिकी संसद (कांग्रेस) के सामने लिखित सर्टिफिकेट जमा करना होता है। ट्रंप ने अपने आदेश में पुष्टि की है कि वे अमेरिकी कांग्रेस को यह लिखित प्रमाण-पत्र दे चुके हैं। उन्होंने कांग्रेस को साफ बताया कि मौजूदा वैश्विक और आर्थिक हालात को देखते हुए भारत और अन्य मित्र देशों को छूट देना अमेरिका के अपने राष्ट्रीय हित में बेहद जरूरी है। इस कानूनी प्रक्रिया के पूरे होते ही अब टैरिफ का खतरा पूरी तरह टल गया है।
इन 5 देशों को मिला सीधी राहत का फायदा
डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले से सीधा फायदा उन पांचों देशों को मिला है, जिन्हें 19 सितंबर वाले मूल बिल में निशाना बनाया गया था। इन देशों के नाम हैं:
- भारत (दुनिया का प्रमुख तेल आयातक)
- चीन
- स्लोवाकिया
- हंगरी
- अजरबैजान
अब इन पांचों देशों के खिलाफ 'ग्राहम एक्ट' के तहत कोई भी पाबंदी या आर्थिक पेनल्टी लागू नहीं होगी, जिससे भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय आर्थिक और ऊर्जा संबंध बिना किसी अमेरिकी रुकावट के जारी रहेंगे।
भारत को कितनी राहत मिलेगी?
इस फैसले से भारत के खिलाफ ग्राहम एक्ट के तहत प्रस्तावित नए टैरिफ का तत्काल खतरा टला है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि भारत को अमेरिका के सभी मौजूदा टैरिफ या रूस से जुड़े हर पुराने प्रतिबंध से छूट मिल गई है। आदेश में कहा गया है कि संबंधित छूट तब तक जारी रहेगी, जब तक राष्ट्रपति या अधिकृत अधिकारी आगे कार्रवाई का फैसला नहीं लेते।
यानी अमेरिका भविष्य में परिस्थितियों के आधार पर इन उपायों को दोबारा लागू कर सकता है। इसलिए ट्रंप के फैसले को रूसी तेल खरीद पर सभी तरह की पाबंदियां खत्म होने के बजाय, नए कानून के तहत प्रस्तावित कुछ कड़े कदमों पर फिलहाल रोक के रूप में समझना ज्यादा सही होगा।