नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेस (NBEMS) ने मान्यता प्राप्त अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों के लिए मान्यता और प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव किया है। साथ ही अलग-अलग मेडिकल स्पेशलिटी में 11 नए पोस्टग्रेजुएट और फेलोशिप प्रोग्राम भी शुरू किए गए हैं। इसके लिए एनबीईएमएस ने नोटिफिकेशन जारी किया है।
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेस (NBEMS) ने मान्यता प्राप्त अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों के लिए मान्यता और प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव किया है। इसके साथ ही अलग-अलग मेडिकल स्पेशलिटी में 11 नए पोस्टग्रेजुएट और फेलोशिप प्रोग्राम भी शुरू किए गए हैं। इसके लिए एनबीईएमएस ने नोटिफिकेशन जारी किया है।
आधिकारिक नोटिस के अनुसार, संशोधित नियमों का मुख्य उद्देश्य पोस्टग्रेजुएट मेडिकल शिक्षा की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। नए नियमों के तहत एडमिशन के दौरान उम्मीदवारों के दस्तावेजों का बेहतर तरीके से सत्यापन किया जाएगा, ताकि प्रवेश प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। इसके अलावा, NBEMS ने संस्थानों के लिए न्यूनतम मान्यता मानदंड को भी अपडेट किया है। यानी जिन अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों में NBEMS के तहत पोस्टग्रेजुएट या फेलोशिप प्रोग्राम संचालित किए जाते हैं, उन्हें अब संशोधित मानकों को पूरा करना होगा।
क्या-क्या बदला?
मान्यता प्रक्रिया में संशोधन: मेडिकल संस्थानों और अस्पतालों के लिए Accreditation के नियम अपडेट किए गए हैं।
एडमिशन प्रक्रिया होगी ज्यादा पारदर्शी: प्रवेश के दौरान दस्तावेजों के सत्यापन को मजबूत किया गया है।
11 नए कोर्स शुरू: अलग-अलग मेडिकल स्पेशलिटी में नए पोस्टग्रेजुएट और फेलोशिप प्रोग्राम लॉन्च किए गए हैं।
संस्थानों के मानक अपडेट: NBEMS से मान्यता लेने वाले संस्थानों के लिए न्यूनतम पात्रता और सुविधाओं से जुड़े मानदंडों में बदलाव किया गया है।
कुल मिलाकर, NBEMS के इन बदलावों का उद्देश्य मेडिकल पोस्टग्रेजुएट शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, एडमिशन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और प्रशिक्षण के लिए बेहतर मानक सुनिश्चित करना है।
एडमिशन से पहले दस्तावेजों का सख्ती से होगा सत्यापन
NBEMS ने मान्यता प्राप्त अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों को निर्देश दिया है कि NBEMS कोर्स में एडमिशन देने से पहले उम्मीदवार की पात्रता और सभी मूल दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करना अनिवार्य होगा। इसके बाद ही उम्मीदवार को ऑनलाइन पोर्टल फॉर जॉइनिंग एंड रजिस्ट्रेशन (OPJR) के माध्यम से कोर्स में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।
दरअसल, NBEMS के संज्ञान में ऐसे कुछ मामले आए हैं, जहां संस्थानों ने उम्मीदवारों के मूल दस्तावेज और पात्रता की उचित जांच किए बिना ही उन्हें कोर्स में प्रवेश दे दिया। इस तरह की लापरवाही को रोकने के लिए बोर्ड ने अब सख्त कदम उठाया है।
प्रति उम्मीदवार 1 लाख रुपये का जुर्माना
नए नियम के अनुसार, अगर कोई अस्पताल उम्मीदवार की पात्रता या मूल दस्तावेजों का सही तरीके से सत्यापन किए बिना एडमिशन देता है, तो उस संस्थान पर प्रति उम्मीदवार 1 लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा, अगर एडमिशन के दौरान झूठे, फर्जी, भ्रामक या सत्यापन नहीं किए गए दस्तावेज जमा किए जाते हैं और संस्थान उन्हें स्वीकार कर लेता है, तो उस स्थिति में भी अस्पताल पर जुर्माना लगाया जाएगा।
OPJR और MCC पोर्टल की समयसीमा का करना होगा पालन
NBEMS ने अस्पतालों को OPJR और मेडिकल काउंसलिंग कमेटी(MCC) पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन और जरूरी दस्तावेज अपलोड करने की निर्धारित समयसीमा का सख्ती से पालन करने की सलाह दी है। इस कदम का उद्देश्य एडमिशन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्रवेश रोकना और योग्य उम्मीदवारों को ही NBEMS कोर्स में दाखिला सुनिश्चित करना है।
NBEMS ने 11 नए मेडिकल कोर्स किए शुरू
NBEMS ने मेडिकल क्षेत्र में 11 नए पोस्टग्रेजुएट और फेलोशिप प्रोग्राम शुरू किए हैं। ये कोर्स अलग-अलग मेडिकल स्पेशलिटी और सुपर-स्पेशलिटी के क्षेत्रों से जुड़े हैं। नए प्रोग्राम इस प्रकार हैं:
1. डिप्लोमा इन न्यूक्लियर मेडिसिन
2. DNB ट्रॉमा एंड एक्यूट केयर सर्जरी
3. DrNB पीडियाट्रिक हेमेटो-ऑन्कोलॉजी
4. DrNB पल्मोनरी मेडिसिन
5. DrNB हेड एंड नेक ऑन्कोलॉजी
6. FNB पीडियाट्रिक रूमेटोलॉजी एंड क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी
7. FNB अपर GI सर्जरी
8. FNB हेपेटो-पैंक्रियाटो-बिलियरी सर्जरी
9. FNB अस्थमा, एलर्जी एंड एप्लाइड इम्यूनोलॉजी
10. FNB इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी
11. FNB ब्रेस्ट सर्जरी
NBEMS के नोटिस में इन सभी नए प्रोग्राम के लिए शैक्षणिक योग्यता, कोर्स की अवधि, फैकल्टी की आवश्यकता, जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, मरीजों की संख्या और मान्यता से जुड़े नियम भी निर्धारित किए गए हैं। यानी किसी संस्थान को इन कोर्स को संचालित करने के लिए तय मानकों को पूरा करना होगा।
मान्यता के नियमों में भी बदलाव
NBEMS ने मेडिकल संस्थानों की मान्यता (Accreditation) के लिए कुछ न्यूनतम मानदंडों में संशोधन किया है। हालांकि, DNB और Post-MBBS Diploma जैसे ब्रॉड स्पेशलिटी कोर्स के लिए क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट से संबंधित मौजूदा आवश्यकता में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वहीं, DrNB और FNB कोर्स के लिए मान्यता लेने वाले अस्पतालों के नियम पहले की तुलना में सख्त किए गए हैं।
DrNB और FNB मान्यता के लिए 3 साल पुराना होना जरूरी
संशोधित नियमों के तहत, जो अस्पताल DrNB या FNB कोर्स के लिए मान्यता लेना चाहते हैं, उन्हें कम से कम 3 साल से क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट के रूप में संचालित होना जरूरी होगा। इसके अलावा, मान्यता के लिए आवेदन करने से प
हले अस्पताल का कम से कम 2 साल का क्लिनिकल ऑपरेशन पूरा होना भी अनिवार्य है।
इन बदलावों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि DrNB और FNB जैसे एडवांस मेडिकल प्रोग्राम संचालित करने वाले संस्थानों के पास पर्याप्त क्लिनिकल अनुभव, मरीजों का भार, आवश्यक सुविधाएं और प्रशिक्षित फैकल्टी उपलब्ध हों। इससे मेडिकल पोस्टग्रेजुएट और फेलोशिप प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।