Updated: Wednesday, August 5, 2026, 10:42 [IST]
Devendra Nath Mahto: झारखंड में इन दिनों सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर बड़ा छात्र आंदोलन (JPSC-JSSC Protest) चल रहा है। राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में हजारों छात्र JPSC और JSSC में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन के बीच जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह है देवेंद्र नाथ महतो। अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो को छात्र अब 'झारखंड का सोनम वांगचुक' कहने लगे हैं।
देवेंद्र नाथ का कहना है कि जब तक भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं होगी और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक उनका अनशन खत्म नहीं होगा। छात्र आंदोलन के तेज होने के बाद अब हर कोई जानना चाहता है कि आखिर देवेंद्र नाथ महतो कौन हैं, उनकी पढ़ाई-लिखाई क्या है, उन्होंने चुनाव क्यों लड़ा और वह पिछले कई वर्षों से किन मुद्दों पर आवाज उठाते रहे हैं। आइए नजर डालते हैं देवेंद्र नाथ महतो के अब तक के सफर पर...
कौन हैं देवेंद्र नाथ महतो?
देवेंद्र नाथ महतो झारखंड की राजधानी रांची के राहे प्रखंड स्थित कापीडीह गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई सरकारी स्कूल से की। इसके बाद मैट्रिक, इंटर, ग्रेजुएशन, बीएड और दो विषयों में पोस्ट ग्रेजुएशन प्रथम श्रेणी से पूरा किया। उन्होंने संस्कृत, कुरमाली और अन्य क्षेत्रीय व जनजातीय भाषाओं में भी उच्च शिक्षा हासिल की। उनकी पढ़ाई डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी, रांची और हजारीबाग से हुई। उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद देवेंद्र नाथ महतो ने किसी सरकारी या निजी नौकरी की बजाय छात्र हितों के लिए काम करना चुना। साल 2015 से वह छात्र आंदोलनों में सक्रिय हैं। इस दौरान उन्होंने छात्रवृत्ति, भर्ती नियम, नियोजन नीति, आरक्षण, पेपर लीक और सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों जैसे मुद्दों को लगातार उठाया।
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JPSC रिजल्ट के बाद शुरू किया आंदोलन
देवेंद्र नाथ महतो के मुताबिक, 5 जुलाई को 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद उन्होंने आंदोलन शुरू किया। उनका आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में कई गंभीर गड़बड़ियां हुईं। उनका कहना है कि संबंधित अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की गई, लेकिन जब कोई समाधान नहीं निकला तो उन्होंने भूख हड़ताल का फैसला लिया।
देवेंद्र नाथ महतो कई वर्षों से छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय हैं। उन्होंने पहले भी JPSC और JSSC भर्ती विवाद, पेपर लीक, छात्रवृत्ति और नियोजन नीति जैसे मामलों को लेकर आंदोलन किए हैं। 6वीं JPSC परीक्षा को लेकर हुए आंदोलन के दौरान उन्होंने अपनी मां को भी खो दिया था, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने छात्र हितों की लड़ाई जारी रखी।
चुनावी मैदान में भी आजमा चुके हैं किस्मत
देवेंद्र नाथ महतो ने 2024 लोकसभा चुनाव झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के टिकट पर रांची सीट से लड़ा था। इस चुनाव में उन्हें 1,32,647 वोट मिले। इसके बाद उन्होंने सिल्ली विधानसभा सीट से भी चुनाव लड़ा, जहां उन्हें 41,725 वोट मिले और वह तीसरे स्थान पर रहे। उनके चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उनके पास करीब 1.66 लाख रुपये की संपत्ति है। लगातार छात्र आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रहने के कारण देवेंद्र नाथ महतो पर 11 मामले दर्ज हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि ये सभी मामले छात्र हितों की लड़ाई लड़ने के दौरान दर्ज हुए।
क्यों कहा जा रहा 'झारखंड का सोनम वांगचुक'?
देवेंद्र नाथ महतो ने 2 अगस्त की रात रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। वह कहते हैं कि यह उनका आखिरी लोकतांत्रिक कदम है। उनकी मांग है कि JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर कार्रवाई की जाए और भर्ती व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी बनाई जाए। इसी वजह से छात्र उन्हें संघर्ष और शांतिपूर्ण आंदोलन का प्रतीक मानते हुए 'झारखंड का सोनम वांगचुक' कह रहे हैं।
छात्रों की मुख्य मांग क्या है?
आंदोलन कर रहे छात्रों की मांग है कि 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को तब तक रद्द रखा जाए, जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच पूरी नहीं हो जाती। छात्र इस मामले की CBI और ED से जांच कराने की मांग भी कर रहे हैं। उनका आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी रही है। छात्रों का कहना है कि सिर्फ JPSC ही नहीं, बल्कि JSSC की कई भर्ती परीक्षाओं को लेकर भी सवाल उठे हैं। प्रदर्शनकारी JSSC CGL परीक्षा, झारखंड एक्साइज कांस्टेबल भर्ती परीक्षा और JAC 10वीं बोर्ड परीक्षा में सामने आए पेपर लीक और अन्य कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की भी मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि कई परीक्षाओं में बार-बार सामने आई अनियमितताओं ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है।
CJP ने भी दिया समर्थन
इस आंदोलन को कई छात्र संगठनों और सामाजिक संस्थाओं का समर्थन मिल रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी आंदोलन के समर्थन का ऐलान किया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने बताया कि उन्होंने देवेंद्र नाथ महतो और अन्य छात्र नेताओं से वीडियो कॉल पर बात कर अपना समर्थन जताया है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि सरकार पूरे मामले को गंभीरता से देख रही है। उनके अनुसार, जांच एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं और उनकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार छात्रों के मुद्दे पर आगे की जानकारी देगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार संवैधानिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करेगी और छात्रों के हितों का ध्यान रखा जाएगा।
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