अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर गुरुवार को स्वामी विवेकानंद कम्युनिटी हॉल में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। नगर निगम और सामाजिक न्याय विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में 100 से अधिक वरिष्ठ नागरिक शामिल हुए। व
.
कार्यक्रम में सबसे अधिक उम्र की वरिष्ठ नागरिक 110 वर्षीय बिस्मिल्लाह बी रहीं। उन्होंने अपने बचपन की यादें साझा करते हुए बताया कि उनका बचपन काफी अच्छा था और उन्हें छुपन-छुपाई खेलना पसंद था। खाने में दाल-चावल और मिठाई में खोपरा पाक उनकी पसंद है। बिस्मिल्लाह बी ने आजादी की लड़ाई का दौर भी देखा है। घूमने की बात आई तो उन्होंने बाग-बगीचों को पसंद बताया और नेहरू पार्क की बगिया में घूमना अच्छा लगने की बात कही। अपनी पोती सना को भी वे याद करती हैं।
मासूम अनाइज़ा और उरेन को पसंद है नानी के साथ रहना
कार्यक्रम में नई पीढ़ी भी नजर आई। 10 साल की अनाइजा नूर को इटली घूमना, पिज्जा खाना, नानी के साथ रहना, चिड़ियाघर जाना और रोब्लॉक्स खेलना पसंद है। वहीं 7 साल की उरेन फातिमा ने अपनी पसंद में खाला, बर्गर, वॉटर पार्क और लूडो को सबसे ऊपर रखा।
तीन पीढ़ियों की पसंद में दिखी एक दिलचस्प समानता
बिस्मिल्लाह बी की छुपन-छुपाई से लेकर अनाइजा के रोब्लॉक्स और उरेन के लूडो तक, समय के साथ खेल बदल गए, लेकिन पसंद के पीछे की भावनाएं आज भी वही हैं। बिस्मिल्लाह बी अपनी पोती सना को याद करती हैं, वहीं अनाइजा के लिए नानी और उरेन के लिए खाला सबसे खास हैं। यानी पीढ़ियां अलग हैं, उनकी दुनिया अलग है, लेकिन अपने लोगों के साथ जुड़ाव और अपनापन दोनों के लिए उतना ही मायने रखता है।

100 साल पहले हो या 10 प्रकृति से प्रेम एक समान
बिस्मिल्लाह बी को दाल-चावल और खोपरा पाक पसंद है, जबकि अनाइजा पिज्जा और उरेन बर्गर पसंद करती हैं। पसंद का स्वाद बदल गया, लेकिन खाने में सुकून ढूंढने की बात समान रही। इसी तरह बिस्मिल्लाह बी को बाग-बगीचों में घूमना अच्छा लगता है, जबकि अनाइजा को चिड़ियाघर और उरेन को वॉटर पार्क पसंद है। यानी प्रकृति और बाहर की दुनिया से जुड़ने की चाह भी उम्र के साथ खत्म नहीं होती, बस उसके तरीके बदल जाते हैं।
‘हंसते-हंसते आज चले हम नन्हे-नन्हे सैनानी’ की प्रस्तुति
कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों के लिए गीत और अन्य गतिविधियां भी आयोजित की गईं। ‘हंसते-हंसते आज चले हम नन्हे-नन्हे सैनानी’ जैसे गीतों की प्रस्तुति ने माहौल को खुशनुमा बनाया। आयोजन का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान देने के साथ उन्हें समाज और परिवार से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।

घर से बाहर निकलें, लोगों से जुड़ें तो उम्र सिर्फ संख्या का संदेश दिया गया
कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि उम्र बढ़ने का मतलब सामाजिक जीवन से दूर हो जाना नहीं है। घर से बाहर निकलना, लोगों से मिलना-जुलना और समाज से जुड़े रहना व्यक्ति को सक्रिय बनाए रखता है। सम्मान समारोह में वरिष्ठ नागरिकों के सामाजिक योगदान, उनके अनुभव और परिवार में उनकी भूमिका को भी रेखांकित किया गया।
पार्षद को नहीं बुलाया तो भड़कीं: बोलीं- अंजाम बुरा होगा
वार्ड 59 के कम्युनिटी हॉल में आयोजित वृद्धजन सम्मान समारोह में स्थानीय पार्षद डॉ. रुपाली पेंढ़ारकर और क्षेत्रीय विधायक गोलू शुक्ला को आमंत्रित नहीं किए जाने पर विवाद हो गया। पार्षद ने नगर निगम अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके ही वार्ड में कार्यक्रम हुआ, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं दी गई।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अगली बार ऐसा किया गया तो इसका अंजाम बहुत बुरा होगा। मामले में एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौर ने भी अधिकारियों की गलती मानी। उन्होंने कहा कि पार्षद और विधायक से चर्चा कर अब उनके साथ छोटा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों से समन्वय रखना चाहिए था।