कुंदन पाल | ललितपुर17 मिनट पहले

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ललितपुर में 12 जुलाई को होने वाले वृक्षारोपण महाअभियान-2026 को जन-जन का अभियान बनाने के उद्देश्य से अपर आयुक्त, झांसी मंडल, प्रियंका ने शनिवार दोपहर जिले का दौरा किया। उन्होंने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में वृक्षारोपण कार्यक्रम की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।

बैठक के दौरान, अपर आयुक्त ने विभिन्न विभागों के लिए निर्धारित लक्ष्यों, पौधों की उपलब्धता, गड्ढों की तैयारी, रोपण स्थलों की व्यवस्था और कार्यक्रम के सफल संचालन से संबंधित बिंदुओं पर समीक्षा की। उन्होंने इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

अपर आयुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि वृक्षारोपण केवल एक सरकारी कार्यक्रम न होकर जनभागीदारी का महाअभियान बने। उन्होंने प्रभागीय निदेशक वानिकी को निर्देश दिए कि कार्यक्रम में जनपद की सभी समाजसेवी संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, शिक्षण संस्थानों, युवाओं, महिलाओं, बच्चों और विशेष रूप से सहरिया जनजाति के लोगों की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित की जाए। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है।

बैठक में वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने 12 जुलाई को आयोजित होने वाले इस वृहद वृक्षारोपण महाअभियान को पूर्ण सफलता के साथ संपन्न कराने का विश्वास व्यक्त किया।

विभागवार निर्धारित वृक्षारोपण लक्ष्यों की विस्तृत समीक्षा के दौरान बताया गया कि ललितपुर जनपद में 12 जुलाई को कुल 9,30,340 पौधों का रोपण किया जाएगा। इनमें वन विभाग को सर्वाधिक 5,00,000 पौधों के रोपण का लक्ष्य आवंटित किया गया है। ग्राम्य विकास विभाग को 2,01,800, कृषि विभाग को 66,000, पंचायती राज विभाग को 52,000, राजस्व विभाग को 39,800, शिक्षा विभाग को 36,400 और नगर विकास विभाग को 30,000 पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शेष लक्ष्य अन्य विभागों को उनके कार्यक्षेत्र एवं उपलब्ध भूमि के अनुसार आवंटित किए गए हैं।

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग को आवंटित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत पौधरोपण कराया जाए तथा सभी रोपण स्थलों पर पूर्व तैयारियां पूरी कर ली जाएं। पौधों की गुणवत्ता, समय पर उपलब्धता, गड्ढों की तैयारी, सिंचाई व्यवस्था एवं उनके संरक्षण की समुचित कार्ययोजना भी सुनिश्चित की जाए, ताकि लगाए गए पौधे दीर्घकाल तक सुरक्षित रह सकें।

समीक्षा के दौरान अपर आयुक्त ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन का आधार हैं तथा पर्यावरण संतुलन, जल संरक्षण और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर अभियान को उत्सव के रूप में आयोजित करने और प्रत्येक नागरिक को इस महाअभियान से जोड़ने का आह्वान किया।

बैठक में विभागवार लक्ष्यों और तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि रोपण स्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं तथा कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

अपर आयुक्त ने कहा कि वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। प्रत्येक विभाग लगाए गए पौधों की नियमित निगरानी और देखभाल सुनिश्चित करे, जिससे अभियान का वास्तविक उद्देश्य सफल हो सके।

उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत वृक्षारोपण सुनिश्चित किया जाए तथा पौधरोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल की प्रभावी व्यवस्था भी की जाए, ताकि अभियान के दीर्घकालिक और सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकें।

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