भारतीय क्रिकेट में कई ऐसे दिग्गज हुए हैं जिन्होंने अपने प्रदर्शन से देश का नाम दुनिया भर में रोशन किया. किसी ने विश्व कप जिताया, किसी ने विदेशी धरती पर ऐतिहासिक जीत दिलाई, तो किसी ने अपने बल्ले और गेंद से रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी. इसके बावजूद कई बड़े खिलाड़ियों को अपने करियर का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलने और मैदान पर प्रशंसकों से विदाई लेने का मौका नहीं मिला. हाल ही में अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया और उनका नाम भी इसी सूची में शामिल हो गया.
1. एमएस धोनी
भारत के सबसे सफल कप्तानों में शामिल एमएस धोनी ने टी20 विश्व कप, वनडे विश्व कप और चैंपियंस ट्रॉफी जिताई. उन्होंने पहले टेस्ट क्रिकेट और फिर सोशल मीडिया के जरिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया. उन्हें भी मैदान पर आखिरी विदाई नहीं मिली.
2. राहुल द्रविड़
‘द वॉल’ के नाम से मशहूर राहुल द्रविड़ ने भारत के लिए टेस्ट और वनडे दोनों में हजारों रन बनाए. अपनी तकनीक और धैर्य के लिए पहचाने जाने वाले द्रविड़ ने चुपचाप संन्यास लिया और आखिरी बार मैदान पर विदाई का मौका नहीं मिला.
3. युवराज सिंह
2011 विश्व कप में ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ रहे युवराज सिंह ने भारत को कई यादगार जीत दिलाईं. कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से वापसी के बाद भी उन्हें आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में विदाई का अवसर नहीं मिला.
4. वीरेंद्र सहवाग
विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए मशहूर वीरेंद्र सहवाग ने टेस्ट क्रिकेट में दो तिहरे शतक लगाए. टीम से बाहर होने के बाद उन्होंने संन्यास लिया, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में फेयरवेल मैच नहीं खेल सके.
5. गौतम गंभीर
2007 टी20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप फाइनल में मैच जिताऊ पारियां खेलने वाले गौतम गंभीर भारत के बड़े मैचों के हीरो रहे. शानदार योगदान के बावजूद वह भी फेयरवेल मैच से वंचित रहे.
यह भी पढ़ें- पहले कप्तान, अब इंग्लैंड के लिए 'कोच' बनकर लौटेंगे बेन स्टोक्स! तैयारी शुरू
6. हरभजन सिंह
हरभजन सिंह ने वर्षों तक भारतीय स्पिन आक्रमण की जिम्मेदारी संभाली और कई ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाई. टीम से बाहर होने के बाद उन्होंने संन्यास लिया, लेकिन आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का मौका नहीं मिला.
7. जहीर खान
जहीर खान लंबे समय तक भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करते रहे. 2011 विश्व कप जीत में उनका अहम योगदान रहा. हालांकि इतने शानदार करियर के बावजूद उन्हें आखिरी मैच खेलकर विदाई लेने का मौका नहीं मिला.
8. सुरेश रैना
भारत के पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय शतकवीर सुरेश रैना ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में कई अहम पारियां खेलीं. उपयोगी स्पिन गेंदबाजी और बेहतरीन फील्डिंग के लिए मशहूर रैना भी बिना फेयरवेल मैच के संन्यास लेने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं.
9. शिखर धवन
शिखर धवन आईसीसी टूर्नामेंटों में भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में गिने जाते हैं. उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 7 शतक, वनडे में 17 शतक और कुल 6793 रन बनाए. 2013 चैंपियंस ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाकर भारत की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई. टीम से बाहर होने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए संन्यास का ऐलान किया, लेकिन उन्हें भी मैदान पर फेयरवेल मैच खेलने का मौका नहीं मिला.
10. चेतेश्वर पुजारा
राहुल द्रविड़ के बाद भारतीय टेस्ट बल्लेबाजी की सबसे मजबूत कड़ी माने जाने वाले चेतेश्वर पुजारा ने 103 टेस्ट मैचों में 7000 से ज्यादा रन बनाए. विदेशी दौरों पर उनकी लंबी और धैर्यपूर्ण पारियों ने भारत को कई यादगार जीत दिलाईं. हालांकि टीम से बाहर होने के बाद उन्हें दोबारा मौका नहीं मिला और अब तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में फेयरवेल मैच खेलने का अवसर भी नहीं मिला.
11. रविचंद्रन अश्विन
आधुनिक दौर के महान स्पिनरों में शामिल रविचंद्रन अश्विन ने टेस्ट क्रिकेट में 500 से ज्यादा विकेट लिए और बल्ले से भी अहम योगदान दिया. शानदार करियर के बावजूद उनका टेस्ट सफर अचानक समाप्त हुआ और उन्हें घरेलू मैदान पर फेयरवेल मैच नहीं मिला.
12. अजिंक्य रहाणे
अजिंक्य रहाणे भारत के सबसे भरोसेमंद टेस्ट बल्लेबाजों में गिने जाते हैं. उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीती थी. लंबे समय तक टीम से बाहर रहने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया, लेकिन उन्हें फेयरवेल मैच नहीं मिल सका.
यह भी पढ़ें- कितनी दौलत के मालिक हैं जसप्रीत बुमराह? नेटवर्थ उड़ा देगी होश