जिले में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव का आगाज हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने शनिवार को चुनावी कार्यक्रम घोषित कर दिया। इसके साथ ही जिले की 478 ग्राम पंचायतों, 39 जिला परिषद वार्डों और 231 पंचायत समिति वार्डों में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई हैं।
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आम सूचना के अनुसार 4 चरणों में चुनाव होंगे, जिसमें से जिले में तीसरे और चौथे चरण में चुनाव होंगे। यानी चूरू जिले में दो चरणों में चुनाव होंगे। इसके तहत तीसरे चरण में 7 पंचायत समितियों की 247 पंचायतों में और चौथे चरण में 6 पंचायत समितियों की 231 पंचायतों में चुनाव होंगे। इसमें जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव 4 और 14 नवंबर को होंगे। वहीं पंच और सरपंच पद के लिए चुनाव 6 और 16 नवंबर को होंगे।
जिले में कुल 12.49 लाख 295 मतदाता दो चरणों में होने वाले चुनाव में भाग लेकर गांव की नई सरकार चुनेंगे। इस बार का चुनाव कई मायनों में खास रहने वाला है। नए परिसीमन और पुनर्गठन के बाद जिले की 175 नई ग्राम पंचायतों में ग्रामीण पहली बार अपना सरपंच चुनेंगे। कुल 478 ग्राम पंचायतों में चुनाव होंगे। इसके अलावा इस बार 12 नए जिला परिषद वार्ड भी बने हैं। पहले 27 वार्ड थे। वहीं पंचायत समिति वार्ड भी 231 हो गए हैं, पहले 161 वार्ड थे। कार्यक्रम के अनुसार जिले में तीसरे और चौथे चरण यानी दो चरणों में चुनाव होंगे। तीसरे चरण में बीदासर, राजगढ़, चांदगोठी, सिद्धमुख, भानीपुरा, सरदारशहर व सरदारशहर पूर्व में चुनाव होंगे। इसी तरह बीदासर व राजगढ़ की 44-44 पंचायत, चांदगोठी की 33, सिद्धमुख 29, भानीपुरा 37, सरदारशहर 33 व सरदारशहर पूर्व की 27 पंचायत सहित कुल 247 पंचायतों में चुनाव होंगे। यहां जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव 4 नवंबर व पंच व सरपंच के चुनाव 6 नवंबर को होंगे। {चौथे चरण में सुजानगढ़, तारानगर पूर्व, तारानगर पश्चिम (भालेरी), रतनगढ़, चूरू तथा चूरू उत्तर पंचायत समिति में चुनाव होंगे। दूसरे चरण में सुजानगढ़ की 51, तारानगर पूर्व 33, तारानगर पश्चिम (भालेरी) 27, रतनगढ़ 59, चूरू 32 तथा चूरू उत्तर की 29 पंचायत सहित कुल 231 ग्राम पंचायत में चुनाव होंगे। यहां जिप व पंस सदस्यों के लिए चुनाव 14 नवंबर और पंच व सरपंच के चुनाव 16 नवंबर को होंगे। {जिले में पंचायत समिति भी 7 से बढ़कर 13 हुई चुनावों से पहले परिसीमन व पुनर्गठन हुआ है। इसके तहत जिले में 175 नई ग्राम पंचायतें बनीं हैं। पहले 303 पंचायतें थी। अब 478 हो गई। पंचायत समितियां भी 7 से 13 हो गई हैं। यदि पुरानी पंचायत समितियों के आधार पर नई पंचायतों का गणित देखें तो राजगढ़ पंचायत समिति से सबसे ज्यादा 38 पंचायतें बनीं है। वहीं चांदगोठी (मुख्यालय राजगढ़) व सिद्धमुख दो नई पंचायत समितियां भी बनी हैं। सिद्धमुख को पंचायत समिति का दर्जा पहले मिल चुका है, लेकिन वहां चुनाव पहली बार ही हो रहे हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी एडीएम अर्पिता सोनी ने बताया कि जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव को लेकर तीसरे चरण के लिए 4 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा।इसी तरह चौथे चरण के लिए 14 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। सभी चरणों के लिए 20 नवंबर को सुबह 8 बजे से मतगणना होगी। { पंच व सरपंच पद चुनाव को लेकर तीसरे चरण के लिए 5 नवंबर को नामांकन प्रक्रिया होगी। 6 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। मतदान होने के बाद पंचायत मुख्यालय पर मतगणना होगी। उप सरपंच का चुनाव 7 नवंबर को होगा। वहीं चौथे चरण के लिए 15 नवंबर को नामांकन प्रक्रिया होगी। 16 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगाा। मतदान के बाद पंचायत मुख्यालय पर मतगणना होगी। उप सरपंच पद का चुनाव 17 नवंबर को होगा। कार्यक्रम तीसरा चरण चौथा चरण लोकसूचना जारी व नामांकन शुरू 19 अक्टूबर 31 अक्टूबर नामांकन की अंतिम तिथि 23 अक्टूबर 4 नवंबर नामांकन पत्रों की जांच 24 अक्टूबर 5 नवंबर नाम वापसी की अंतिम तिथि 26 अक्टूबर 6 नवंबर मतदान 4 नवंबर 14 नवंबर जिला परिषद सीईओ श्वेता कोचर ने बताया कि आयोग की तरफ से चुनाव में भ्रम की स्थिति से बचने के लिए अलग-अलग रंगों के मतपत्रों का निर्धारण किया गया है। इसमें सरपंच पद के लिए सफेद रंग का मतपत्र होगा। वहीं पंच पद के लिए गुलाबी रंग का मतपत्र होगा। एक मतपत्र पर अधिकतम 10 चुनाव चिह्न होंगे। यदि उम्मीदवारों की संख्या 10 से अधिक होती है, तो क्रम संख्या के अनुसार प्रथम, द्वितीय और तृतीय अतिरिक्त मतपत्र स्लिप को नीचे चिपकाकर मतपत्र की लंबाई बढ़ाई जाएगी। शेष बचे अतिरिक्त खाली सिंबल्स को कैंची या ब्लेड से काटकर अलग कर दिया जाएगा। मतदाताओं को नोटा का विकल्प भी मिलेगा। मतपत्रों पर केवल चुनाव चिह्न ही छपे रहेंगे। अभ्यर्थी से संबंधित स्थान खाली रहेगा। नाम वापसी और उम्मीदवारों की अंतिम सूची (प्रारूप-5) तैयार होने के तुरंत बाद मतदान दल के अधिकारी मतदान केंद्र में बैठकर ही काले बॉल पेन से उम्मीदवार का नाम चुनाव चिह्न के सामने लिखेंगे। मतदाता इसे देखकर वोट दे सकेंगे। इस बार सरपंच व पंच पदों के लिए मतदान पारंपरिक रूप से मतपत्रों (बैलेट पेपर) के जरिए होगा। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव ईवीएम के जरिए होंगे। आचार संहिता लागू होते ही जिला प्रशासन ने पारदर्शी, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। गांवों में लोकार्पण-शिलान्यास कार्यक्रमों पर विराम लग गया है। {25 नवंबर को जिला प्रमुख का चुनाव व 26 नवंबर को उप जिला प्रमुख का चुनाव होगा। 27 नवंबर को प्रधान का चुनाव व 28 नवंबर को उप प्रधान का चुनाव होगा। {जिला प्रमुख, उप जिला प्रमुख, प्रधान व उप प्रधान के चुनाव के लिए निर्धारित समय सीमा के अनुसार सुबह 10 बजे बैठक शुरू होगी, सुबह 11 बजे तक नामांकन होंगे, 11.30 बजे तक जांच होगी। दोपहर 1 बजे तक नामांकन वापस लिए जाएंगे। इसके बाद चुनाव चिह्न आवंटित होंगे। आवश्यक होने पर दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा व मतदान समाप्ति के बाद मतगणना होगी।