Jhiram Ghati case: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी हत्याकांड मामले में NIA की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. जगदलपुर स्थित विशेष अदालत ने मामले में 10 आरोपियों को दोषी करार दिया है. हालांकि अदालत ने दोषियों की सजा का ऐलान फिलहाल नहीं किया है. सुनवाई के लिए अदालत ने 16 सितंबर की तारीख तय की है. उस दिन पीड़िच पक्ष और बचाव पक्ष दोषियों की सजा को लेकर अपनी-अपनी दलीलें रखेंगे, जिसके बाद अदालत सजा की अवधि तय करेगी.
अदालत में पीड़ित पक्ष, बचाव पक्ष और सभी आरोपियों की मौजूदगी में फैसला सुनाया गया. कोर्ट ने 10 आरोपियों को झीरम घाटी हमले में 27 लोगों की हत्या और 15 लोगों की हत्या के प्रयास का दोषी माना है. आरोपियों को दोषी ठहराया गया है. ऐसे में माना जा रहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषियों को कड़ी सजा हो सकती है.
क्या है पूरा मामला?
झीरम घाटी हत्याकांड 25 मई 2013 को हुआ था. उस समय कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर माओवादियों ने झीरम घाटी में हमला किया था. हमले के दौरान अंधाधुंध फायरिंग की गई थी. इस भीषण घटना में 27 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 35 लोग घायल हुए थे. घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था और इसे छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े नक्सली हमलों में शामिल माना जाता है.
लंबे समय से चल रही जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद अब NIA की विशेष अदालत ने मामले में 10 आरोपियों को दोषी करार दिया है. फैसले के बाद अभियोजन पक्ष ने अदालत के निर्णय का स्वागत किया है. अभियोजन पक्ष का कहना है कि लंबे समय से चले आ रहे इस मामले में पीड़ितों और उनके परिजनों को न्याय मिलने की दिशा में यह महत्वपूर्ण फैसला है.
आरोपियों के परिजनों ने क्या कहा?
वहीं बचाव पक्ष के वकीलों ने विशेष अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देने की बात कही है. उनका कहना है कि फैसले का अध्ययन करने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. दूसरी ओर, दोषी करार दिए गए आरोपियों के परिजनों ने भी अदालत के फैसले पर असंतोष जताया है और अपने परिजनों को निर्दोष बताया है.
इधर, कांग्रेस ने भी मामले में NIA की जांच पर सवाल उठाए हैं. कांग्रेस का आरोप है कि जांच एजेंसी मामले की गहराई तक नहीं पहुंच सकी और राजनीतिक षड्यंत्र के तहत जांच प्रभावित रही. पार्टी ने कहा कि झीरम हमले के मुख्य आरोपियों और पूरे षड्यंत्र की सच्चाई सामने आना अभी बाकी है. अब सबकी नजर 16 सितंबर पर टिकी है, जब NIA की विशेष अदालत दोषी करार दिए गए 10 आरोपियों की सजा को लेकर अंतिम फैसला सुनाएगी.

सुमित सेंगर
सुमित सेंगर बस्तर में पिछले 8 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं. नक्सल क्षेत्रों में ग्राउंड रिपोर्टिंग का उन्हें खासा अनुभव है. 12वीं तक की पढ़ाई बाल विहार जगदलपुर से की, इसके बाद बेंगलुरु के नेहरू स्मारक विद्या केंद्र से ऑटोमोबाइल डिप्लोमा किया. वर्ष 2018 में गुलिस्तान न्यूज चैनल से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद न्यूज 24, सूर्या समाचार से भी जुड़े. वर्तमान में टीवी9 के साथ जुड़े हुए हैं. सुमित ने बस्तर के अंदरूनी इलाकों में पहुंच कर आदिवासियों से जुड़े मुद्दों पर ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. नक्सलवाद और चुनावी खबरों का भी उन्हें खासा अनुभव है.
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