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  • After A 14 year Investigation, A Challan Has Been Filed; Three Have Died And Eight Will Be Charged.

भोपाल20 मिनट पहलेलेखक: अली अख्तर

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साल 2011 में भोपाल सेंट्रल जेल में हुए टेंडर घोटाला मामले में ईओडब्ल्यू ने कोर्ट में चालान पेश कर दिया है। ईओडब्ल्यू ने मामले में 2012 में जेल 3 जेल अधिकारियों समेत 11 पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी।

14 साल लंबी चली इस जांच में 3 आरोपियों की मौत भी हो गई। इसके बाद अब 8 आरोपियों पर आरोप तय होंगे। इनमें तत्कालीन जेल अधीक्षक डॉ. लालजी मिश्रा, उप जेल अधीक्षक एसके स्वामी और उप जेल अधीक्षक आरके चौरे समेत 8 ठेकेदार के नाम थे। जांच के दौरान उप जेल अधीक्षक एसके स्वामी की मौत हो गई थी।

केंद्रीय जेल भोपाल में बंदियों के उपयोग के लिए साल 2011-12 में खाद्यान्न सामग्री की खरीद के लिए निविदा आमंत्रित की गई थी। 9 फरवरी 2011 को तत्कालीन जेल अधीक्षक डॉ. लालजी मिश्रा की अध्यक्षता वाली भंडार क्रय समिति के सामने निविदाएं खोली गईं।

जांच में सामने आया कि 8 निविदाकारों की सॉल्वेंसी (शोध क्षमता प्रमाण पत्र) ईओडब्ल्यू द्वारा सत्यापन कराए जाने पर 7 फर्मों के प्रमाण पत्र कूटरचित और फर्जी पाए गए। इसके अलावा एक निविदाकार रतनलाल एंड संस की कृषि उपज मंडी अनुज्ञप्ति भी जांच में फर्जी निकली। डॉ. लालजी, एसके स्वामी व आरके चौरे ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए टेंडर दिला दिया था।

पहले ही पकड़ा गया था फर्जीवाड़ा, फिर भी दिया ठेका चौंकाने वाला तथ्य यह है कि 26 मार्च 2011 की एक अन्य निविदा में ही अंचित शर्मा (मां नर्मदा इंटरप्राइजेज) और प्रवीण कुमार (श्री प्रेम ट्रेडर्स) के सॉल्वेंसी अपर कलेक्टर की जांच में फर्जी पाए जा चुके थे। इसके बावजूद जेल अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की और इन्हीं दोनों फर्मों को निविदा में सफल मानकर करोड़ों का ठेका दे दिया, जिससे मिलीभगत का पूरा खेल सामने आया था।

8 ठेकेदार भी आरोपी : दिनेश अग्रवाल, दिनेश एंड कंपनी, राकेश अग्रवाल डीएम एंड कंपनी, प्रवीण कुमार, प्रेम ट्रेडर्स, हिमांशु भारद्वाज-श्री गणेश ट्रेडिंग कंपनी, अंचित शर्मा-मां नर्मदा इंटरप्राइजेज, मो. नोमान- मो. नोमान एंड संस, रतनलाल- रतनलाल एंड संस, विनोद भारद्वाज, श्री प्रेम ट्रेडर्स, श्री गणेश ट्रेडिंग कंपनी, मां नर्मदा इंटरप्राइजेज- तीनों फर्मों में सहभागिता थे।

फर्जी दस्तावेज पर ठेके : फर्जी सॉल्वेंसी के आधार पर मां नर्मदा इंटरप्राइजेज को 1 करोड़ 12 लाख, श्री गणेश ट्रेडिंग को 95 लाख, श्री प्रेम ट्रेडर्स को 16.95 लाख , नोमान एंड संस को 17 लाख, रतनलाल एंड संस को 13.90 लाख , डीएम एंड कंपनी को 11 हजार रुपए का सामग्री आपूर्ति का ठेका दिया गया था।

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