मांग के मुकाबले आपूर्ति पूरी न होने से राज्य में 12.60 मिलियन यूनिट्स (लगभग 6.10%) की कमी रही, जिसके कारण कई इलाकों में बिजली कटौती और प्रदर्शन (जैसे हिसार के गंगवा में रोड जाम) देखने को मिले।
हरियाणा में 14,429 MW पहुंची बिजली की डिमांड।
- Published: 18 Jul 2026, 10:12 AM IST
- Last Updated: 18 Jul 2026, 10:36 AM IST
हरियाणा में बिजली संकट: हरियाणा में भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली की मांग ने इतिहास के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। मानसून की सुस्ती के कारण राज्य में बिजली नेटवर्क पर भारी दबाव देखा जा रहा है। भारत सरकार के आधिकारिक विद्युत प्रवाह पोर्टल के मुताबिक, 17 जुलाई को राज्य में बिजली की अधिकतम मांग 14,429 मेगावाट (MW) तक पहुंच गई, जो अब तक की सबसे बड़ी मांग है। इससे ठीक एक दिन पहले (16 जुलाई) भी मांग 14,255 मेगावाट थी। महज 24 घंटे के भीतर बिजली की मांग में 174 मेगावाट का बड़ा उछाल आया है।
6% से ज्यादा की भारी किल्लत, पावर एक्सचेंज से खरीदी बिजली
केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, मांग के मुकाबले आपूर्ति पूरी न होने से राज्य में 12.60 मिलियन यूनिट्स की भारी कमी दर्ज की गई है। यह कुल मांग का करीब 6.10% है, जिसके चलते राज्य के कई इलाकों में लंबे पावर कट लगाने पड़े हैं। हिसार के गंगवा गांव समेत कई जगहों पर बिजली कटौती से नाराज लोगों ने रोड जाम कर प्रदर्शन भी किया।
इस ब्लैकआउट की स्थिति से निपटने के लिए सरकार को बाहरी स्रोतों का सहारा लेना पड़ा। ग्रिड को संतुलित रखने के लिए हरियाणा ने पावर एक्सचेंज से करीब 1,479 मेगावाट अतिरिक्त बिजली खरीदी है।
40.6°C के साथ रोहतक सबसे गर्म
मानसून की सुस्ती के कारण दिन और रात दोनों के तापमान में भारी बढ़ोतरी हुई है:
- दिन का पारा: पिछले 24 घंटों में राज्य का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 3.7°C अधिक रहा। पूरे प्रदेश में रोहतक सबसे गर्म इलाका रहा, जहां पारा 40.6°C दर्ज किया गया (सामान्य से 5.1°C ज्यादा)। इसके अलावा भिवानी में 40.5°C और नारनौल में 40.0°C तापमान रिकॉर्ड हुआ।
- रात का पारा: रातें भी बेहद उमस भरी हो गई हैं और न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.8°C ज्यादा रहा। फरीदाबाद में रात का तापमान सबसे ज्यादा 31.1°C और रोहतक में 30.8°C रहा, जबकि गुरुग्राम में सबसे कम 25.0°C दर्ज किया गया।
16 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट यलो अलर्ट
मौसम विभाग (IMD) ने आज राज्य के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में उमस भरी गर्मी का अलर्ट जारी किया है। सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, भिवानी, रोहतक, गुरुग्राम और फरीदाबाद सहित 16 जिलों में यलो अलर्ट जारी है।
हालांकि, राहत की बात यह है कि 19 जुलाई की रात से मौसम में बदलाव शुरू होगा। 20 और 21 जुलाई को मानसून एक बार फिर सक्रिय होगा, जिससे प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। उत्तरी जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश का भी यलो अलर्ट दिया गया है।
किसानों और पशुपालकों के लिए जरूरी एडवाइजरी
मौसम में आ रहे बदलावों को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को विशेष सलाह दी है:
- बुवाई रोकें: धान की रोपाई जारी रख सकते हैं, लेकिन बाजरा और ग्वार की बुवाई को फिलहाल कुछ समय के लिए रोक दें।
- कपास की फसल: जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है, वहां कपास के खेतों में पानी जमा न होने दें और ड्रेनेज (निकासी) की व्यवस्था दुरुस्त रखें।
- पशुओं का ध्यान: अत्यधिक उमस के कारण पशुओं और मुर्गियों में बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। पशुशाला और पोल्ट्री शेड को हवादार रखें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें।
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