दरभंगा में दहेज प्रताड़ना की शिकायत लेकर महिला थाना पहुंची एक महिला को 14 दिन से अधिक समय बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं होने पर सिंहवाड़ा थाना जाना पड़ा। पीड़िता मनीषा कुमारी ने सिंहवाड़ा थाना में लिखित शिकायत दी, जिसके आधार पर पति समेत नौ लोगों के खिला

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मनीषा के अनुसार, वह अपनी नौ माह की बेटी के साथ महिला थाना पहुंची थीं। महिला थाना की ओर से दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर 3 अगस्त 2026 को उपस्थित होने के लिए कहा गया था। उनका आरोप है कि निर्धारित तारीख को दूसरा पक्ष उपस्थित नहीं हुआ, इसके बावजूद उनकी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।

मारपीट और गला दबाने का आरोप

पीड़िता ने आरोप लगाया कि 29 जून 2026 को शाम करीब तीन बजे ससुराल में उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। आरोप है कि पति सतीश कुमार, सास बीना देवी, ससुर मदन ठाकुर, जेठ नितीश ठाकुर, मौसेरी सास अनीता देवी, मौसेरे ससुर रमण ठाकुर, ददिया सास पार्वती देवी और चचेरी सास संजू देवी समेत अन्य लोगों ने उसके साथ मारपीट की।

मनीषा का आरोप है कि इस दौरान उसकी सास ने नौ माह की बच्ची को उठाकर पटक दिया। उसने यह भी आरोप लगाया कि मौसेरे ससुर रमण ठाकुर ने पति की दूसरी शादी कराने की बात कही। इसके बाद ससुर ने अपना गमछा पति को दिया, जिससे पति ने उसका गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया। उसके चिल्लाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिससे उसकी जान बच सकी।

पीड़िता के अनुसार, उसने 112 पर पुलिस को सूचना देने की कोशिश की तो पति ने खुद को कमरे में बंद कर फांसी लगाने का नाटक किया।

एक लाख रुपए, सोने की चेन और बाइक मांगने का आरोप

मनीषा ने आरोप लगाया कि पति और ससुराल पक्ष के लोग दहेज में एक लाख रुपये, सोने की चेन और मोटर साइकिल की मांग कर रहे थे। मांग पूरी नहीं करने पर उसे प्रताड़ित किया जाता था और जान से मारने की धमकी दी जाती थी।

पीड़िता ने अपने आवेदन में ससुर मदन ठाकुर और ददिया सास पार्वती देवी पर आपराधिक प्रवृत्ति का होने का भी आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

प्रेम विवाह के बाद शुरू हुआ विवाद

मनीषा ने बताया कि उसने 20 फरवरी 2024 को बेंगलुरु में सतीश कुमार से प्रेम विवाह किया था। आरोप है कि शादी के कुछ महीने बाद पति शराब पीकर उसके साथ मारपीट करने लगा। जुलाई 2024 में पति उसे इलाज के लिए दिल्ली ले गया था।

सितंबर 2024 में सास-ससुर उसे गांव लेकर आए और धूमधाम से शादी कराने का आश्वासन दिया। मनीषा का आरोप है कि गांव में 15-20 दिन रखने के बाद पंचायत में उसके चरित्र पर सवाल उठाते हुए उसे परिवार के योग्य नहीं बताया गया।

मनीषा के अनुसार, 17 सितंबर 2025 को दिल्ली के लेडी हार्डिंग अस्पताल में उसकी बेटी हिमायरा का जन्म हुआ। इसके बाद पति ने उसे और बच्ची को अपनाने से इनकार कर दिया और शादी से जुड़े कागजात लेकर गांव चला गया।

दिल्ली में भी दर्ज कराई थी शिकायत

पीड़िता ने 9 दिसंबर 2025 को दिल्ली के कीर्तिनगर स्थित एसीपी सीएडब्ल्यू सेल में भी शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत संख्या 867/25 में उसने पति सतीश कुमार, ससुर मदन ठाकुर, सास बीना देवी, जेठ नीतिश कुमार और मौसेरी सास अनीता देवी पर शराब पीकर गाली-गलौज, मारपीट, धमकी देने और घर से निकालने के आरोप लगाए थे।

इसके बाद 24 जनवरी 2026 को दोनों पक्षों के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। मनीषा के अनुसार, इसमें सतीश कुमार ने उसे और बेटी को गांव में किसी तरह की परेशानी नहीं होने देने का आश्वासन दिया था। परेशानी होने पर वापस दिल्ली ले जाने की बात भी कही गई थी। इसी आश्वासन पर वह गांव लौटी थी।

पड़िता के पति की प्रोफाइल फोटो

पड़िता के पति की प्रोफाइल फोटो

पीड़िता का कहना है कि गांव लौटने के करीब एक महीने बाद ही उसके साथ दोबारा मारपीट और दहेज की मांग शुरू हो गई।

सिंहवाड़ा थाना में दर्ज हुई प्राथमिकी

अंततः मनीषा ने सिंहवाड़ा थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने कांड संख्या 260/26 दर्ज करते हुए पति सतीश कुमार, सास बीना देवी, ससुर मदन ठाकुर, जेठ नितीश ठाकुर, मौसेरी सास अनीता देवी, मौसेरे ससुर रमण ठाकुर, ददिया सास पार्वती देवी और चचेरी सास संजू देवी समेत नौ लोगों को आरोपी बनाया है।

सिंहवाड़ा थाना प्रभारीबसंत कुमार ने बताया कि मामले की जांच एसआई कोमल कुमारी को सौंपी गई है।

वहीं, महिला थाना के पु०अ०नि० संजीव रजक ने बताया कि उन्हें मामले की जांच मिली थी। 24 जुलाई 2026 को दोनों पक्षों को नोटिस दिया गया था और 3 अगस्त को उपस्थित होने के लिए कहा गया था, लेकिन दूसरा पक्ष उपस्थित नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पीड़िता को नया आवेदन देना होगा।

महिला थाना प्रभारी पुष्पलता ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ था और मामला जांच में है। उन्होंने कहा कि पति-पत्नी के मामलों में समझौते का प्रयास किया जाता है और वह प्राथमिकी दर्ज नहीं होने के कारणों की जानकारी लेंगी।

मनीषा का कहना है कि वह अपने पति के साथ रहना चाहती हैं, लेकिन फिलहाल अपनी नौ माह की बेटी के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। अब पुलिस जांच के बाद ही लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।