अब कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में जंगल देखने के लिए सिर्फ जानवरों के बाड़ों तक जाना जरूरी नहीं होगा। यहां बैठकर दर्शक जंगल के बीच होने का अहसास कर सकेंगे। जू में शुरू हुआ 14-D वर्चुअल जंगल सफारी और थिएटर स्क्रीन पर दिखने वाले जंगल को सिर्फ देखने का

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खास बात यह है कि करीब करीब साढ़े चार करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट का पूरा इंटीरियर इंदौर के ही इंटीरियर डिजाइनर्स ने तैयार किया है। इंटीरियर डिजाइनर्स ने बताया कि प्रोजेक्ट को डिजाइन से लेकर एग्जीक्यूशन तक पूरा करने में करीब 16 से 18 महीने लगे।

इसके पीछे का आइडिया इंदौर के डिजाइनर्स को दुबई में देखे 14-D सिनेमा से मिला। इसके बाद टीम ने जंगल सफारी, वर्चुअल जू और 14-D तकनीक को एक साथ जोड़कर एक नया कॉन्सेप्ट तैयार किया। 16 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसका शुभारंभ किया है।

दुबई में देखा था 14-D, इंदौर में बनाया अपना कॉन्सेप्ट

प्रोजेक्ट के इंटीरियर डिजाइनर रूचिर और मानसी अग्रवाल ने बताया कि भारत में 7-D सिनेमा का कॉन्सेप्ट पहले से मौजूद रहा है। हमारी टीम ने दुबई में 14-D सिनेमा का अनुभव लिया और वहीं से इस प्रोजेक्ट का शुरुआती आइडिया मिला।

इसके बाद इसे हूबहू कॉपी करने के बजाय इंदौर के जू की जरूरत और जंगल सफारी के कॉन्सेप्ट के मुताबिक नया रूप दिया गया। हमारा उद्देश्य ऐसा एक्सपीरियंस तैयार करना था, जिसमें दर्शक सिर्फ फिल्म न देखें, बल्कि एक अलग दुनिया में पहुंचने जैसा अनुभव करें।

एक ही जगह पर वर्चुअल जू, जंगल सफारी और 14-D का कॉम्बिनेशन प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि इसे सिर्फ 14-D थिएटर के रूप में डिजाइन नहीं किया गया है। इसका पूरा कॉन्सेप्ट 14-D सिनेमा, वर्चुअल जू और जंगल सफारी को जोड़कर तैयार किया गया है।

एक ही जगह पर मिलेंगे वर्चुअल जू, होलोग्राम समेत अन्य रोमांच।

एक ही जगह पर मिलेंगे वर्चुअल जू, होलोग्राम समेत अन्य रोमांच।

नियोन लाइटिंग से शुरू हो रहा जंगल का अनुभव

14-D थिएटर में प्रवेश जू परिसर के अंदर बनाए गए बड़े गोरिल्ला के मुंह जैसे गेट से हो रहा है। नियोन लाइटिंग के साथ 3-D जंगल का अनुभव शुरू हो रहा है। दीवारों पर बड़े पेड़, टाइगर, शेर और जंगल के अन्य दृश्य दिखाई दे रहे हैं। असली जंगल में पहुंचने जैसा अहसास हो रहा है।

सीन के मुताबिक मूव कर रही थिएटर की सीटें

14-D थिएटर में दर्शक 3-D चश्मे के साथ मूविंग सीटों पर बैठ रहे हैं। करीब 20 मिनट के शो को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहले 10 मिनट में एडवेंचर ऑफ फॉरेस्ट का अनुभव कराया जा रहा है।

स्क्रीन पर दिखने वाले दृश्यों के अनुसार सीटें आगे-पीछे और ऊपर-नीचे मूव कर रही है। चेहरे पर हवा और पानी के छींटे, कोहरा और बुलबुलों जैसे इफेक्ट्स महसूस हो रहे हैं।