सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतों का निराकरण किए बिना ही उन्हें बंद करने का मामला सामने आया है। लोक निर्माण विभाग की समीक्षा में पता चला कि शिकायतें बंद करते समय दर्ज टीप में समस्या के समाधान का स्पष्ट ब्योरा नहीं था।
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इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए विभाग ने 13 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनमें तीन अधीक्षण अभियंता, पांच कार्यपालन अभियंता और पांच अनुविभागीय अधिकारी शामिल हैं। सभी से 15 दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।
दरअसल, अगस्त और सितंबर में सीएम हेल्पलाइन-1076 पर पीडब्ल्यूडी से संबंधित शिकायतों की समीक्षा की गई थी। इसमें पता चला कि कई शिकायतों को अधिकारियों ने बिना सही जानकारी दिए बंद कर दिया गया। शिकायतों को बंद करते समय अधिकारियों ने यह साफ नहीं बताया कि समस्या दूर करने के लिए क्या कार्रवाई की गई। कई मामलों में समाधान से जुड़ी पर्याप्त जानकारी भी दर्ज नहीं की गई थी।
सीएम हेल्पलाइन पर प्रतिदिन औसतन डेढ़ से दो हजार शिकायतें : सीएम हेल्पलाइन पर 9 जून से 15 अक्टूबर 2026 तक कुल 2 लाख 31 हजार 850 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 2 लाख 5 हजार 996 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है, जबकि 25 हजार 854 शिकायतों पर कार्रवाई जारी है।
इस तरह कुल शिकायतों में से 88.85% का निराकरण हुआ है। हेल्पलाइन पर रोजाना औसतन 1500 से 2000 शिकायतें मिल रही हैं। इस हेल्पलाइन का उद्देश्य राशन, पेंशन, बिजली, आवास, पेयजल सहित अन्य नागरिक सेवाओं से जुड़ी जनसमस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और एकीकृत निराकरण सुनिश्चित करना है।
तीनों स्तरों पर मिली लापरवाही
एल-1 स्तर: राष्ट्रीय राजमार्ग उप संभाग बिलासपुर के अनुविभागीय अधिकारी अतुल राज पेगवार, बेमेतरा के राजेश कुमार बाजपेयी, पेंड्रा के जगदीश प्रसाद, सेतु उप संभाग दुर्ग के अशोक कुमार हरियाले और पाटन की अनुविभागीय अधिकारी सोनल ढालेन्द्र को नोटिस।
एल-2 स्तर: बेमेतरा संभाग के कार्यपालन अभियंता केशव प्रसाद लहरे, कोरबा के घासीराम जांगड़े, राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग बिलासपुर के रोशन कुमार साहू, सारंगढ़ के प्यारे लाल पैकरा और कांकेर की कार्यपालन अभियंता प्रज्ञा नंद को नोटिस दिया गया है।
एल-3 स्तर: मंडल क्रमांक-2 रायपुर के अधीक्षण अभियंता डीके नेताम, दुर्ग मंडल की अर्पणा चौरपगार और राष्ट्रीय राजमार्ग मंडल बिलासपुर के अधीक्षण अभियंता महादेव लहरे को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।