ग्वालियर15 मिनट पहले
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मानसून की विदाई के बाद भी नगर निगम के अफसर दोनों मिक्सर प्लांट को चालू नहीं कर पाए। वहीं नई तकनीक के सहारे गड्ढों को भरने की स्पीड स्लो है। रोज 150 वर्ग मीटर गड्ढों को भरना है। कंपनी के कर्मचारी केवल 100 वर्ग मीटर ही पैच रिपेयरिंग कर पा रहे है।
गारंटी पीरियड की सड़कों को ठीक करने ठेकेदार भी पूरी क्षमता से मैदान में नहीं उतरे हैं। इसी का परिणाम है कि शहरवासियों को अब भी गड्ढों का टार्चर सड़कों पर सहना पड़ रहा है। निगम के मिस मैनेजमेंट का खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है।
ई-रिक्शा वाहन तो कई बार गहरे गड्ढों में फंसकर पलट तक रहे है। इधर आयुक्त अभिषेक चौधरी ने निगम के जिम्मेदारों और ठेकेदारों को अपनी मंशा साफ करते हुए निर्देश दिए हुए हैं कि दीपावली से पहले सड़कों को गड्ढे नहीं सुधरे तो सख्त एक्शन भुगतने के लिए तैयार हो जाएं।
शहर की मुख्य सड़कें, जहां पैच रिपेयरिंग तक नहीं हुई
- सीपी कॉलोनी-एसएलपी कॉलेज रोड: सड़क पर बारिश से गड्ढे हो चुके है। एक-दो स्थानों पर डामर की परत तक निकल चुकी है।
- बारादरी चौराहा-जिला अस्पताल रोड: इस सड़क पर 70 स्थानों पर गड्ढे है। थाना के पास तो सड़क से डामर की परत तक गायब हो चुकी है।
- नाका चंद्रवदनी से मांढरे की माता रोड: बीते साल यह सड़क बनी थी। चौराहे के पास तक 100 मीटर का हिस्सा और वन विभाग के आवास के पास भी सड़क खराब हो चुकी है। पूरी सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे हैं।
- हुरावली तिराहा- सिरोल रोड: फोरलेन सड़क के दोनों तरफ गहरे-गहरे गड्ढे हैं। यहां मुरार नदी पुल के आस-पास के हालात ज्यादा ही खराब है।
- राजपाएगा रोड: निगम ने पिछले साल इस सड़क को बनाया था। इस रोड पर जगह-जगह गड्ढे हो चुके है।
सवाल: बारिश थमी, फिर भी नहीं खुले मिक्सर प्लांट निगम ने रामदास घाटी और जोनल आफिस-1 बहोड़ापुर में मिक्सर प्लांट हैं। ये सिर्फ बारिश में बंद होते हैं। शेष मौसम में इन्हीं प्लांट से सड़कों के गड्ढे भरने का काम निगम करता आया है। पहली बार ऐसा देखा जा रहा है कि बारिश थमे 15 दिन बीत चुके है। तब भी प्लांट को चालू नहीं किया गया
1692 रु. वर्गमीटर भुगतान फिर भी काम सुस्त पिछले साल निगम ने नागपुर की कंपनी को पैच रिपेयरिंग का काम सौंपा है। कंपनी को रोज 150 वर्ग मीटर एरिया में गड्ढे भरना है। कंपनी ने संसाधन नहीं बढ़ाए है। इस कारण से काम रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। अब कहा जा रहा है कि कंपनी नई तकनीक से लैस वाहन को ग्वालियर में भेजने वाली है। निगम इस कंपनी को 1692 रुपए वर्ग मीटर के हिसाब से भुगतान कर रहा है।
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