सीएम बोले- प्रमोशन तो करना ही पड़ेगा: कृषि विभाग में 1500 नई भर्ती जल्द, 3357 को मिला प्रमोशन; GAD पर तंज- जलेबी की दुकान बंद कराएंगे - Bhopal News
भोपाल6 घंटे पहले
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मध्य प्रदेश के कृषि विभाग के कर्मचारियों के प्रमोशन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्षों से अटकी प्रमोशन प्रक्रिया पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि अब केवल पुराने लंबित मामलों को निपटाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि हर साल डीपीसी की जाएगी, ताकि कर्मचारियों को समय पर उनका हक मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा- पिछले कुछ समय से अधिकारी डीपीसी करना ही भूल गए थे और रिकॉर्ड न मिलने के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी। हमने साफ कह दिया कि जो मर्जी आए करना पड़े, लेकिन प्रमोशन तो करना पड़ेगा, उसे छोड़ा नहीं जा सकता।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चालू वर्ष की डीपीसी भी इसी साल पूरी की जाए, ताकि पात्र कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति का लाभ मिले।
'गंगा की धारा की तरह चलती रहे भर्ती और प्रमोशन'
मुख्यमंत्री ने प्रमोशन के साथ-साथ नई भर्तियों की निरंतरता पर जोर दिया। उन्होंने प्रक्रिया को गंगा की अविरल धारा से जोड़ते हुए कहा कि जिस तरह गंगा लगातार बहती है, उसी तरह प्रमोशन, अनुकंपा नियुक्ति और नई भर्तियों का चक्र भी लगातार चलना चाहिए ताकि कोई भी विभाग कर्मचारियों की कमी न झेले।
कृषि विभाग में पीएससी और कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से उप अभियंता, सचिव और डेटा एंट्री ऑपरेटर जैसे 1500 से अधिक पदों पर भर्तियां की जाएंगी।
1 लाख पदों का लक्ष्य: राज्य सरकार ने अगले साल तक प्रदेश के विभिन्न विभागों में कुल 1 लाख नए पदों पर भर्ती करने का लक्ष्य रखा है। मौजूदा कार्यकाल में अब तक करीब 85 हजार नियुक्तियां दी जा चुकी हैं।
देखिए कार्यक्रम की तस्वीरें
समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को हल भेंट किया गया।
3357 कर्मचारियों को दिया गया प्रमोशन।
कार्यक्रम में शामिल कृषि विभाग के कर्मचारी।
300 अनुकंपा मामले सुलझे- कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि कृषि विभाग के कुल 3,357 कर्मचारियों की पदोन्नति हुई है। पहले चरण में कृषि विभाग मंडल (1,439), कृषि अभियांत्रिकी (149), बीज प्रमाणीकरण (36) और बीज निगम (8) के कुल 1,725 कर्मचारियों को प्रमोशन लेटर दिए गए।
इसके अलावा सरकार ने असमय मृत्यु का शिकार हुए कर्मचारियों के परिवारों को सहारा देते हुए करीब 300 अनुकंपा नियुक्ति के मामलों का निराकरण किया है, जिनमें से 44 आश्रितों को सहायक वर्ग-3 के पद पर नियुक्ति पत्र सौंपे गए।
कर्मचारियों को बेवजह न भटकना पड़े
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की जटिल कार्यप्रणाली पर चुटकी लेते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा- भगवान के बाद अगर कर्मचारियों को किसी विभाग से डर लगता था, तो वह सामान्य प्रशासन विभाग था। वहां न जाने कौन-सी जलेबी बनती थी। हमने तय किया है कि यह जलेबी की दुकान ही बंद कराएंगे। उन्होंने कहा कि प्रक्रियाओं को सरल बनाना जरूरी है, ताकि कर्मचारियों को बेवजह न भटकना पड़े।
'ग्राम सेवक' अब कहलाएंगे 'कृषि विस्तार अधिकारी'
समारोह में कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने घोषणा की कि कर्मचारियों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए 'ग्राम सेवक' के पदनाम को बदलकर अब 'कृषि विस्तार अधिकारी' कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कृषि को प्रदेश के विकास की मुख्य धुरी बताते हुए कहा कि 14 लाख किसानों से 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदकर मध्य प्रदेश देश में नंबर-1 बना है और इसमें मैदानी अमले की बड़ी भूमिका है।
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