जयपुर41 मिनट पहले

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पंचायतीराज चुनाव में भाजपा ने जिला परिषद और पंचायत समितियों में जीत के लिए पूर्व विधायकों, पूर्व जिला प्रमुखों और जिलाध्यक्षों पर दांव खेला है। पार्टी ने अनुभव, संगठन और स्थानीय पकड़ के समीकरण के साथ ग्रामीण सत्ता साधने की रणनीति बनाई है। जयपुर देहात अध्यक्ष राजेश गुर्जर और जोधपुर ग्रामीण जिलाध्यक्ष त्रिभुवन सिंह को मैदान में उतारा है। वहीं, जयपुर की पूर्व जिला प्रमुख रमा चौपड़ा और अजमेर की पूर्व जिला प्रमुख सुशीला पलाड़ा को जिला परिषद का प्रत्याशी बनाया है।

वागड़ से राजसमंद तक पुराने चेहरों पर भरोसा

भाजपा ने डूंगरपुर में पूर्व विधायक देवेंद्र कटारा और अनिता कटारा को जिला परिषद सदस्य का प्रत्याशी बनाया है। अनिता कटारा भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की सदस्य और पूर्व सांसद कनकमल कटारा की बहू हैं। राजसमंद में पूर्व सांसद हरिओम सिंह राठौड़ के बेटे कर्णवीर सिंह को मैदान में उतारा है। मावली के पूर्व विधायक दलीचंद डांगी और वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक प्रत्याशी रहे हिम्मत सिंह झाला ने भी जिला परिषद के लिए पर्चा भरा है।

  • जिला परिषद: 586 सीटों के लिए 2,795 नामांकन।
  • पंचायत समिति: 1,806 वार्डों के लिए 7,890 ने पर्चे भरे।
  • 15 अक्टूबर तक नाम वापसी होगी।

सर्वे के आधार पर प्रत्याशियों को मैदान में उतारा; बगावत रोकने पर फोकस भाजपा ने पहले चरण के सभी 16 जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। पार्टी के प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने बताया कि सर्वसम्मति और सर्वे के आधार पर प्रत्याशी मैदान में उतारे गए हैं

बगावत रोकने की जिम्मेदारी स्थानीय विधायकों और सांसदों को सौंपी भाजपा प्रदेश कार्यालय ने सभी जिला अध्यक्षों से जिला परिषद और पंचायत समितियों में बगावत व असंतोष को लेकर रिपोर्ट मांगी है। बागी होकर चुनाव मैदान में उतरे पार्टी कार्यकर्ताओं को मनाने की जिम्मेदारी विधायकों और सांसदों को दी गई है।

कांग्रेस: बगावत का डर; पर्चे पहले भरवाए, 594 सिंबल बाद में भेजे, फिर निकाली सूची

309 निकायों के चुनाव में कांग्रेस के पार्षदों द्वारा भारी क्रास वोटिंग और बगावत के कारण अब पार्टी पंचायत चुनाव में फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रही है। कांग्रेस की तरफ से पंचायती राज चुनाव के पहले चरण के जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के लिए टिकट सूची और सिंबल तो जारी किए, लेकिन हर सूची से पहले बगावत रोकने पर कसरत की गई। इसका फार्मूला यह निकाला गया कि पहले फोन से 594 प्रत्याशियों को सूचना के बाद प्रत्याशी से पर्चा दाखिल करवाया गया। जब पर्चा भर गया तब सिंबल जारी किए और सूची सार्वजनिक की गई। इससे दूसरे लोग पार्टी के नाम से पर्चा दाखिल नहीं कर पाए और एक ही व्यक्ति का सिंबल जमा हुआ।

जयपुर में मोहन डागर और यशवीर सूरा, कोटा में संभव वर्मा को बनाया प्रत्याशी

जयपुर में उप जिला प्रमुख मोहन डागर और यूथ कांग्रेस नेता यशवीर सूरा को जिला परिषद उम्मीदवार बनाया है। सूरा यूथ कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष रहे हैं। अजमेर में पूर्व विधायक महेन्द्र गुर्जर की पत्नी पूर्व प्रधान कमलेश को जिला परिषद सदस्य का टिकट दिया है। कोटा जिला परिषद के वार्ड-13 से कांग्रेस ने पूर्व मंत्री रामकिशन वर्मा के पोते संभव वर्मा को प्रत्याशी बनाया है। इटावा से प्रधान और कांग्रेस की देहात जिला अध्यक्ष रह चुकी सरोज को वार्ड-18 से टिकट।

पांच दिन के बच्चे के साथ नामांकन को पहुंचीं जशोदा बाड़मेर जिला परिषद के वार्ड नंबर 9 से कांग्रेस प्रत्याशी जशोदा पांच दिन के नवजात को लेकर नामांकन दाखिल करने पहुंचीं।

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