Published: Thursday, October 1, 2026, 10:51 [IST]
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में चाकूबाजी के बाद घायल हुए भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की इस वक्त हर तरफ चर्चा हो रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक उनको हीरो बता रहे हैं। बीच हवा उड़ान के दौरान उनके को-पायलट ने चाकू से जानलेवा हमला किया, इसके बाद भी स्मित ने हिम्मत नहीं हारी। सिर और हाथों से काफी खून बहने के बावजूद उन्होंने अपनी सूझबूझ से कॉकपिट अनलॉक कर दिया, जिससे यात्री और क्रू अंदर पहुंच सके।
कैप्टन स्मित मच्छार इस वक्त सऊदी अरब के तबूक के एक अस्पताल में भर्ती हैं। भारतीय दूतावास के मुताबिक, उन्हें जरूरी इलाज दिया जा रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है। दूतावास उनके परिवार के संपर्क में है और सऊदी अधिकारियों से भी लगातार जानकारी ले रहा है।
कॉकपिट में उस भयानक पल की पूरी कहानी
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में 174 यात्री सवार थे, जिनमें 27 बच्चे भी शामिल थे। मिड-एयर में हुई इस खौफनाक वारदात के वक्त प्लेन 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार और उनके ओमानी को-पायलट के बीच विवाद हुआ। इसके बाद को-पायलट ने कथित तौर पर स्मित पर चाकू से हमला कर दिया। प्लेन का सिस्टम बिगाड़ कर उसे क्रैश करने की कोशिश की।
विमान तेजी से 17,000 फीट नीचे गिर गया। गंभीर रूप से जख्मी होने के बाद भी स्मित ने विमान का कंट्रोल बनाए रखा और बेहोश होने से ठीक पहले कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया या उसका स्विच दबा दिया। इससे यात्रियों और क्रू के लोगों को अंदर पहुंचने और हमलावर को काबू करने का मौका मिला।
बेहोश होने से पहले खोला कॉकपिट का दरवाजा
इजरायली यात्री यानिव हयून ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत में इस घटना का जिक्र किया। उनके मुताबिक कॉकपिट का दरवाजा खुला था और स्मित उसके इतने करीब थे कि उसे खोलना आसान नहीं था।
हयून ने दावा किया कि स्मित ने अपनी सूझबूझ से दरवाजा खोलने की कोशिश की और इसके बाद वह बेहोश हो गए। इसी के बाद यात्रियों और क्रू के लोगों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद की। इसके बाद विमान में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने नियंत्रण संभाला। फ्लाइट को सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। सभी यात्रियों को विमान से बाहर निकाल लिया गया।
यात्रियों में मौजूद इजरायली डेंटिस्ट शोता मुसायेव ने घायल पायलट को प्राथमिक उपचार देने में मदद की। उनके मुताबिक, स्मित के सिर और हाथ से काफी खून निकल रहा था। उन्होंने खून रोकने की कोशिश की। मुसायेव ने बताया कि कुछ समय बाद स्मित की हालत स्थिर हुई, लेकिन विमान की लैंडिंग के दौरान उनकी स्थिति फिर बिगड़ गई।
दूतावास की तरफ से अभी यही जानकारी दी गई है कि स्मित की हालत स्थिर है और उनका इलाज जारी है। इससे आगे उनकी चोटों या अस्पताल से छुट्टी को लेकर इस स्रोत में कोई आधिकारिक अपडेट नहीं दिया गया है।
ऑफ-ड्यूटी पायलट और यात्रियों ने संभाली कमान
कॉकपिट का दरवाजा खुलते ही यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने अंदर घुसकर हमलावर को-पायलट को दबोच लिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरी घटना पर बात करते हुए बताया कि एक यात्री, जो पेशे से प्लंबर था, उसने एयर डिजास्टर टीवी शो देखकर सीखी बातों के दम पर हमलावर को सीट से खींचकर पीछे धकेला।
इसके बाद विमान में सवार दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने तुरंत कंट्रोल अपने हाथों में लिया। फ्लाइट को आनन-फानन में सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुल अजीज एयरपोर्ट (तबूक) की तरफ मोड़कर सभी 174 यात्रियों और 27 बच्चों की जान सुरक्षित बचा ली गई।
पीएम मोदी से लेकर ट्रंप और नेतन्याहू तक ने जताया सलाम
कैप्टन स्मित मच्छार की इस अदम्य बहादुरी की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा, "कैप्टन स्मित एक सच्चे हीरो हैं। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने अदम्य साहस दिखाया और सैकड़ों जिंदगियां बचा लीं।
पूरा भारत उनकी बहादुरी पर गर्व करता है।" वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें नमन करते हुए कहा, "चोटिल होने के बाद भी उन्होंने मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोला। उन्होंने 174 लोगों को बचाकर इतिहास रच दिया।"
कौन हैं 10 हजार घंटे का अनुभव रखने वाले स्मित मच्छार?
मूल रूप से गुजरात के रहने वाले कैप्टन स्मित मच्छार एविएशन इंडस्ट्री के एक बेहद मंझे हुए पायलट हैं। उनके पास बोइंग 737-800 और MAX विमानों को उड़ाने का 9,750 से अधिक घंटों का विशाल अनुभव है।
फ्लाईदुबई में 2022 में शामिल होने से पहले उन्होंने भारत की स्पाइसजेट एयरलाइन में 11 साल से ज्यादा समय तक अपनी सेवाएं दी थीं। वहां वे ट्रेनिंग कैप्टन के तौर पर नए पायलटों को दिशा-निर्देश देते थे। शादीशुदा और बच्चों के पिता स्मित इस वक्त तबूक में जिंदगी की जंग जीतकर तेजी से रिकवर कर रहे हैं और पूरा देश उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है।