भोपाल2 घंटे पहले
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प्रदेश में 12 सितंबर को आयोजित लोक अदालत में नगरीय निकायों ने टैक्स एवं अन्य मदों में कुल ₹192.57 करोड़ का कलेक्शन किया। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा प्रॉपर्टी और वाटर टैक्स का रहा।
इन दोनों मदों से नगरीय निकायों ने कुल ₹181.12 करोड़ जुटाए। विभाग के विश्लेषण के अनुसार, प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में से 185 निकायों ने अपना निर्धारित टारगेट पूरा किया। कुल कलेक्शन निर्धारित लक्ष्य का 94.1% रहा, जबकि पिछले साल की तुलना में 41.6% की ग्रोथ दर्ज की गई।
निगमों ने जुटाए ₹155.73 करोड़
16 नगर निगमों ने प्रॉपर्टी और वाटर टैक्स से कुल ₹155.73 करोड़ की वसूली की। इसमें ₹137.42 करोड़ प्रॉपर्टी टैक्स और ₹18.32 करोड़ वाटर टैक्स शामिल है। निगमों का कलेक्शन उनके लक्ष्य का 94.6% रहा और पिछले साल के मुकाबले इसमें 41.9% की वृद्धि हुई।
98 नगरपालिकाओं ने ₹16.78 करोड़, जबकि 299 नगर परिषदों ने ₹8.61 करोड़ का कलेक्शन किया। नगरपालिकाओं की लक्ष्य उपलब्धि 92.5% और नगर परिषदों की 88.8% रही।
इंदौर का कुल कलेक्शन ₹95.59 करोड़ रहा। यह सभी नगर निगमों में सबसे ज्यादा है। इंदौर ने अपने लक्ष्य का 126.5% हासिल किया। जबलपुर का कलेक्शन ₹1034.01 लाख और ग्वालियर का ₹1094.26 लाख रहा।

प्रॉपर्टी और वाटर टैक्स में इंदौर नंबर-1
लोक अदालत में प्रॉपर्टी टैक्स वसूली में इंदौर नगर निगम सबसे आगे रहा। इंदौर ने ₹87.58 करोड़ प्रॉपर्टी टैक्स जुटाया। इसके बाद भोपाल ने ₹12.07 करोड़, ग्वालियर ने ₹9.47 करोड़ और जबलपुर ने ₹9.14 करोड़ की वसूली की।
वाटर टैक्स में भी इंदौर नगर निगम नंबर-1 रहा। इंदौर ने ₹8.01 करोड़ वाटर टैक्स जुटाया। भोपाल ₹4.04 करोड़ के साथ दूसरे और ग्वालियर ₹1.48 करोड़ के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
टारगेट से सबसे ज्यादा आगे रतलाम निगम
कुल कलेक्शन के हिसाब से इंदौर सबसे आगे रहा, लेकिन टारगेट की तुलना में प्रदर्शन देखें तो रतलाम नगर निगम पहले स्थान पर रहा। रतलाम ने ₹210.91 लाख का कलेक्शन कर 129% टारगेट हासिल किया। इंदौर 126.5% के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
नगर पालिकाओं में मंदसौर सबसे आगे
नगरपालिकाओं में मंदसौर ने सबसे ज्यादा कलेक्शन किया। मंदसौर ने प्रॉपर्टी टैक्स से ₹83.44 लाख और वॉटर टैक्स से ₹21.03 लाख, कुल ₹104.47 लाख यानी ₹1.04 करोड़ जुटाए।

नगर परिषदों में राऊ ने जुटाया सबसे ज्यादा टैक्स
नगर परिषदों में राऊ सबसे आगे रही। राऊ ने प्रॉपर्टी टैक्स से ₹52.72 लाख, वाटर टैक्स से ₹12.35 लाख और कुल ₹65.07 लाख जुटाए। प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में 185 ने लोक अदालत के लिए निर्धारित टारगेट हासिल किया।
इनमें 4 नगर निगम, 49 नगरपालिकाएं और 132 नगर परिषदें शामिल हैं। नगर निगमों में कुल कलेक्शन लक्ष्य का 94.6%, नगरपालिकाओं में 92.5% और नगर परिषदों में 88.8% रहा।

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