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सार
Thane Kajari Mahotsav: ठाणे में कजरी क्वीन संजोली पांडेय के सुरों ने बांधा समां। भोजपुरी और मराठी लोकगीतों के संगम से साकार हुई 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना।

ठाणे में कजरी महोत्सव (सोर्स: नवभारत फोटो)
विस्तार
Kajari Queen Sanjoli Pandey Performance: श्रावण महीने में सांस्कृतिक एकता का अनोखा नजारा ठाणे के ब्रह्मांड चौक स्थित ज्येष्ठ नागरिक संघ हॉल में देखने को मिला। अयोध्या से आईं प्रसिद्ध लोक गायिका एवं ‘कजरी क्वीन’ संजोली पांडेय ने अपनी मधुर आवाज़ से भोजपुरी एवं मराठी गीतों का ऐसा संगम प्रस्तुत किया कि पूरा हॉल देर तक तालियों और जयकारों से गूंजता रहा।
बीजेपी नेता,पूर्व राज्यमंत्री एवं अमरजीत मिश्राके माध्यम से अभियान संस्था के अंतर्गत मुंबई ठाणे, मीरा रोड, भाईंदर, वसई, दिवा, डोंबिवली, कल्याण आदि स्थानों पर श्रावण माह में यह सांस्कृतिक अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व रतन वशिष्ठ नारायण मिश्रा, संतोष जायसवाल, पूनम शुक्ला, रवि सिंह आदि समाजसेवकों ने किया।
स्त्री शक्ति सम्मान
कार्यक्रम के दौरान दो महिला हस्तियों को ‘स्त्री शक्ति सम्मान’ से सम्मानित किया गया। इसमें एवरेस्ट की चोटी फतह करने वाली पुलिस अधिकारी द्वारका भागीरथी विश्वनाथ और वरिष्ठ पत्रकार श्रद्धा राय शामिल थीं। अमरजीत मिश्र ने कहा कि यह आयोजन देश की विविधता में एकता को और मजबूत करने के लिए है। श्रावण की भक्ति और लोक संगीत का संगम देखकर पूरा माहौल उत्साहमय हो जाता है।
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कई कलाकारों की प्रस्तुति
संजोली पांडेय के भोजपुरी,मराठी लोकगीतों के साथ-साथ सोनम शर्मा, दीपक सुहाना, छोटे खेसारी सोनू सुरीला ने भी गीत गाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
बड़ी संख्या में उपस्थिति
कार्यक्रम में अरुण शुक्ला,जयसिंह, आनंद दुबे, रवि सिंह,नागेंद्र मिश्रा, अरविंद गिरी, समाजसेवी संजय सिंह, सिरिजा जायसवाल सहित बड़ी संख्या में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग उपस्थित थे।
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संजोली पांडेय ने मंच से कहा कि संगीत भाषा और प्रदेश की सीमाओं से परे लोगों को जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने महाराष्ट्र की संस्कृति के प्रति सम्मान जताते हुए मराठी गीत गाए, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। उन्होंने कहा, भोजपुरी की मिठास और मराठी की मधुरता जब एक साथ आती है तो ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना साकार हो जाती है।
संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि श्रावण में पूरे ठाणे जिले में इसी तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि उत्तर भारतीय और महाराष्ट्रीयन संस्कृति के बीच आपसी समन्वय और बढ़े।
