Aug 29, 2026 12:22 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली

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दिल्ली-NCR में प्रदूषण फैलाने वाले 2 लाख से ज्यादा पुराने ट्रक और बसों को BS-VI या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने की तैयारी है। PARIVARTAN योजना में वाहन मालिकों को ब्याज सब्सिडी, रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट समेत कई फायदे मिलेंगे।

दिल्ली-NCR में 2 लाख पुराने ट्रक-बस होंगे रिप्लेस, केंद्र की योजना में मिलेंगे ये बड़े फायदे

दिल्ली-NCR में 2 लाख पुराने ट्रक-बस होंगे रिप्लेस, केंद्र की योजना में मिलेंगे ये बड़े फायदे

दिल्ली-NCR में प्रदूषण फैलाने वाले पुराने ट्रकों और बसों को बदलने के लिए केंद्र सरकार की परिवर्तन (PARIVARTAN) योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। केंद्र सरकार की ‘परिवर्तन’ योजना का मकसद दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण फैलाने वाले पुराने कमर्शियल वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर उनकी जगह स्वच्छ और आधुनिक वाहन लाना है।

केंद्र का लक्ष्य एक साल के भीतर योजना के सभी लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन पूरा करना है। योजना के तहत दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के एनसीआर क्षेत्रों में पंजीकृत BS-IV या उससे पुराने 2 लाख से अधिक ट्रकों और बसों को BS-VI या उससे कड़े मानकों वाले वाहनों अथवा इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने का लक्ष्य रखा गया है। योजना का कुल वित्तीय परिव्यय 9,585 करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र सरकार की बजटीय सहायता 5,041 करोड़ रुपये है।

37 जिलों में लागू होगी योजना

PARIVARTAN योजना के दायरे में दिल्ली-NCR के कुल 37 जिले शामिल हैं। इनमें:

  • दिल्ली के 13 जिले
  • हरियाणा के 14 जिले
  • उत्तर प्रदेश के 8 जिले
  • राजस्थान के 2 जिले

योजना से करीब 1.9 लाख ट्रक और 16,329 बसों को लाभ मिलने की उम्मीद है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर के मुताबिक, योजना शुरू होने के एक महीने के भीतर ही 1,300 से ज्यादा ट्रक और बस मालिक इसमें रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।

सिर्फ 3% वाहन, लेकिन PM2.5 में 36% हिस्सेदारी

दिल्ली-NCR में ट्रक और बसों की संख्या कुल वाहनों के करीब 3 फीसदी ही है, लेकिन ये क्षेत्र के PM2.5 उत्सर्जन में लगभग 36 फीसदी का योगदान देते हैं। इसी वजह से पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले इन वाहनों को साफ-सुथरे विकल्पों से बदलने पर जोर दिया जा रहा है।

9,585 करोड़ रुपये का है पूरा बजट

PARIVARTAN योजना के लिए कुल 9,585 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 5,041 करोड़ रुपये की बजटीय सहायता शामिल है। योजना का वित्तपोषण आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत आने वाले नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) के जरिए किया जाएगा, जबकि इसे सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय लागू करेगा।

पुराने वाहन हटाने पर क्या-क्या फायदा मिलेगा?

योजना के तहत वाहन मालिकों को पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को स्क्रैप कर उनकी जगह नए, कम प्रदूषण वाले वाहन खरीदने के लिए कई तरह की आर्थिक मदद मिलेगी।

BS-VI या उससे बेहतर वाहन खरीदने पर

  • पात्र वाहन लोन पर 5 साल तक ब्याज में 5 प्रतिशत अंक की सब्सिडी।
  • 10 साल तक रोड टैक्स में 100 फीसदी छूट।
  • वाहन निर्माता (OEM) की ओर से एक्स-शोरूम कीमत पर कम से कम 8 फीसदी की छूट।
  • रजिस्ट्रेशन फीस माफ होगी।

BS-VI डीजल-CNG और इलेक्ट्रिक वाहन पर अलग लाभ

BS-VI डीजल या CNG वाहन खरीदने वालों को वाहन की कैटेगरी के आधार पर 5 साल तक हर महीने 1,200 से 4,800 रुपये तक के फ्यूल वाउचर मिलेंगे। वहीं, इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को मासिक फ्यूल वाउचर की जगह एकमुश्त 64,000 रुपये से 2.56 लाख रुपये तक का इंसेंटिव दिया जाएगा।

जून में केंद्रीय कैबिनेट ने दी थी मंजूरी

केंद्रीय कैबिनेट ने जून में PARIVARTAN योजना को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य दिल्ली और हरियाणा, राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश के NCR जिलों में पंजीकृत BS-IV और उससे पुराने 2 लाख से ज्यादा ट्रकों और बसों को तेजी से बदलना है।