नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण कोसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार को कोसी बराज से दोपहर 2 बजे बढ़ते क्रम में 2,28,875 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया, जबकि बराह क्षेत्र से घटते क्रम में 1,70,400 क्यूसेक पानी छोड़ा गय
.
बराज के 56 में 28 फाटक खोले गए है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। इसी क्रम में जिलाधिकारी सावन कुमार ने सोमवार को कोसी तटबंध और विभिन्न स्परों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने संबंधित अभियंताओं और अधिकारियों से तटबंधों की स्थिति, सुरक्षा सामग्री की उपलब्धता तथा आपदा से निपटने की तैयारियों की जानकारी ली।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि वर्तमान में जिले में बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है और कोसी तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं। प्रशासन केवल एहतियात के तौर पर सभी व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा कर रहा है ताकि किसी भी संभावित स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

सुरक्षा तैयारियों की गहन समीक्षा शुरू कर दी जिलाधिकारी सावन कुमार ने कहा कि बराज क्षेत्र में पानी तेजी से बढ़ा है। इसी कारण जिला प्रशासन ने सुरक्षा तैयारियों की गहन समीक्षा शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह देखना था कि विभिन्न स्थानों पर पर्याप्त संख्या में सैंड बैग,
बालू और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध है या नहीं। साथ ही यह भी जांच की गई कि संबंधित कनीय अभियंता (जेई) और अन्य अधिकारी अपने-अपने कार्यस्थलों पर तैनात हैं या नहीं।
डीएम ने कहा, "जैसा कि आप देख रहे हैं, बराज क्षेत्र में पानी तेजी से बढ़ा है। इसलिए हम यह निरीक्षण करने आए हैं कि जहां-जहां सैंड बैग की जरूरत पड़ सकती है,
वहां उसकी पर्याप्त व्यवस्था है या नहीं। हमारे जेई लगातार 24 घंटे ड्यूटी पर रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। अभी बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है और पूरा तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है। यह निरीक्षण पूरी तरह एहतियाती कदम के रूप में किया जा रहा है।"

संवेदनशील स्थलों और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी दी निरीक्षण के दौरान जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने डीएम को तटबंधों की वर्तमान स्थिति, संवेदनशील स्थलों और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी दी।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी अधिकारी चौबीसों घंटे सतर्क रहें और नदी के जलस्तर में होने वाले हर बदलाव पर नजर बनाए रखें।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इधर, बढ़ते जलस्तर के बीच किशनपुर प्रखंड के सुजानपुर गांव के पास नदी के तेज बहाव से जमीन का कटाव भी शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार नदी की धारा लगातार किनारों को काट रही है,
जिससे आसपास के किसानों और ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने इस क्षेत्र पर भी विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया है और संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने को कहा गया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन, जल संसाधन विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग आपसी समन्वय के साथ लगातार काम कर रहे हैं।

जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक संसाधनों का आकलन किया जा रहा है तथा जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि संवेदनशील स्थलों पर अधिकारियों की नियमित तैनाती सुनिश्चित की गई है और सभी को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने आम लोगों से भी अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें।
यदि कहीं कटाव या अन्य किसी प्रकार की समस्या दिखाई देती है तो उसकी सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन या संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। जिला प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। कोसी तटबंध और सभी स्पर सुरक्षित हैं तथा जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए सभी विभाग पूरी तरह तैयार हैं और लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।