Maharashtra Exam Fee Waiver: महाराष्ट्र में सूखे से प्रभावित विश्वविद्यालय छात्रों को परीक्षा फीस से बड़ी राहत मिली है. उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. शैलेंद्र देवलंकर ने सभी विश्वविद्यालयों को सर्कुलर जारी कर पात्र छात्रों से परीक्षा फीस नहीं लेने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही, पहले फीस जमा कर चुके छात्रों को पैसे वापस करने की व्यवस्था भी की जा रही है. अब तक 2.4 लाख से अधिक छात्र इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं. ऐसे में पात्र छात्रों के लिए यह जानना जरूरी है कि फीस माफी का लाभ कैसे मिलेगा और परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तारीख क्या है.

2.4 लाख से अधिक छात्रों को मिला लाभ

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में रहने वाले पात्र विश्वविद्यालय छात्रों की सेमेस्टर परीक्षा फीस माफ करने का फैसला लिया है. उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अनुसार, अब तक 2,40,365 छात्र इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं. यह राहत राज्य के 26 विश्वविद्यालयों के अंतर्गत आने वाले 305 सूखाग्रस्त तालुकों के पात्र छात्रों के लिए है.

सरकार का उद्देश्य सूखे के कारण आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे परिवारों पर शिक्षा का अतिरिक्त बोझ कम करना है, ताकि पैसों की कमी के कारण छात्रों की पढ़ाई और परीक्षा प्रभावित न हो.

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30 अक्टूबर 2026 तक भर सकते हैं परीक्षा फॉर्म

पात्र छात्रों के लिए परीक्षा फॉर्म जमा करने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है. छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने विश्वविद्यालय और कॉलेज की ओर से जारी निर्देशों को ध्यान से देखें.

फीस माफी का लाभ लेने के लिए पात्र छात्रों को परीक्षा फॉर्म भरते समय उपलब्ध Zero Challan यानी जीरो फीस विकल्प का इस्तेमाल करना होगा. इसके जरिए वे बिना परीक्षा फीस जमा किए फॉर्म भर सकेंगे.

पहले फीस जमा की है तो वापस मिलेंगे पैसे

सरकार ने उन पात्र छात्रों को भी राहत दी है, जिन्होंने फीस माफी के निर्देश लागू होने से पहले ही परीक्षा फीस जमा कर दी थी. विश्वविद्यालयों को ऐसे छात्रों की फीस वापस करने के निर्देश दिए गए हैं. उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, मुंबई विश्वविद्यालय ने इस योजना के तहत करीब 3.5 करोड़ रुपये की फीस वापसी की प्रक्रिया शुरू की है. अन्य विश्वविद्यालयों को भी पात्र छात्रों की पहचान कर नियमानुसार रिफंड की व्यवस्था करने को कहा गया है.

उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. शैलेंद्र देवलंकर ने विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे परीक्षा फॉर्म जमा कर रहे पात्र छात्रों के लिए जीरो फीस विकल्प उपलब्ध कराएं. साथ ही, पहले फीस जमा कर चुके छात्रों को रिफंड देने की प्रक्रिया भी पूरी करें.

305 तालुकों तक बढ़ाया गया राहत का दायरा

इस फैसले के पीछे राहत एवं पुनर्वास विभाग का 25 सितंबर को जारी सरकारी प्रस्ताव भी महत्वपूर्ण है. इस प्रस्ताव के तहत सूखाग्रस्त तालुकों की संख्या 265 से बढ़ाकर 305 कर दी गई थी. इसके बाद उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों को संशोधित सूची के अनुसार फीस माफी लागू करने और छात्रों को इसकी जानकारी देने के लिए सर्कुलर जारी करने का निर्देश दिया.

इससे पहले जिन क्षेत्रों को राहत सूची में शामिल नहीं किया गया था, संशोधित सूची के बाद वहां के पात्र छात्रों को भी योजना का लाभ मिल सकता है.

शिक्षा मंत्री ने क्या कहा?

महाराष्ट्र के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि सूखे के कारण पैदा हुई आर्थिक परेशानियों से छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राहत लागू करने की प्रक्रिया जारी है और किसी भी पात्र छात्र को इस सुविधा से वंचित नहीं रहना चाहिए.

फीस माफी नहीं मिलने पर क्या करें?

यदि कोई छात्र निर्धारित पात्रता पूरी करता है, लेकिन परीक्षा फॉर्म भरते समय उससे फीस मांगी जा रही है, तो उसे सबसे पहले अपने कॉलेज के परीक्षा विभाग या विश्वविद्यालय के संबंधित अधिकारी से संपर्क करना चाहिए. छात्र अपने विश्वविद्यालय की ओर से जारी सर्कुलर और हेल्पलाइन की जानकारी भी देख सकते हैं.

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