लखनऊ के एक डॉक्टर ने खुद के अपहरण की कहानी रची। पुलिस को फोन कर बोला कि 2 स्कॉर्पियो मेरा पीछा कर रही हैं। इसके बाद अपना फोन बंद कर लिया। उसकी पत्नी ने भी अपहरण की आशंका जताते हुए शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने डॉक्टर का फोन नंबर सर्विलांस पर लगा दिया।

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मड़ियांव निवासी डॉक्टर सत्यरत्न दीक्षित ने नौकरी दिलाने के नाम पर कई लोगों से रुपए लिए थे। नौकरी नहीं लगवा पाने और रुपए वापस करने का दबाव बढ़ा तो खुद के अपहरण की झूठी कहानी रच दी। उसने डायल-112 पर अपहरण की सूचना दी। उसके बाद अपनी कार पुरनिया चौराहे के पास खड़ी कर और चारबाग पहुंचा। वहां से साबरमती एक्सप्रेस पकड़कर अहमदाबाद पहुंच गया।

डॉक्टर की पत्नी शिप्रा यादव की शिकायत के बाद पुलिस को मोबाइल की लोकेशन अहमदाबाद में मिली। मड़ियांव पुलिस और सर्विलांस टीम ने वहां पहुंचकर विट्ठल मॉल की चौथी मंजिल पर स्थित होटल श्रीमद से डॉक्टर को सकुशल बरामद कर लिया।

LDA, लोहिया संस्थान और PWD में नौकरी का दिया था झांसा

पूछताछ में सत्यरत्न दीक्षित ने बताया कि उसने कई लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर रुपए लिए थे। वह न तो उनकी नौकरी लगवा पा रहा था और न ही पैसे लौटा पा रहा था। 5 अक्टूबर को उसने प्रखर पांडेय को LDA, अमृता राय को डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, प्रवीण कुमार राय को LDA और आदित्य को PWD में नियुक्ति दिलाने के लिए ज्वाइनिंग लेटर देने के नाम पर बुलाया था।

इसी दौरान कई अन्य लोगों ने भी फोन कर रुपए वापस मांगे। पुलिस के अनुसार, दबाव बढ़ने और पोल खुलने के डर से उसने खुद को बचाने के लिए अपहरण की झूठी सूचना दी।

कार पुरनिया में खड़ी कर ट्रेन से पहुंचा अहमदाबाद

पुलिस के मुताबिक, सत्यरत्न 5 अक्टूबर को लखनऊ से निकला और 7 अक्टूबर को अहमदाबाद पहुंचा था। उसने डायल-112 पर झूठी सूचना देने के बाद मोबाइल बंद कर दिया। इसके बाद अपनी मारुति सियाज कार पुरनिया चौराहे के पास खड़ी की और चारबाग रेलवे स्टेशन से साबरमती एक्सप्रेस में बैठकर अहमदाबाद चला गया। वहां होटल में ठहरा हुआ था।

धोखाधड़ी और फर्जी नियुक्ति पत्र बनाने का केस दर्ज

प्रखर पांडेय की शिकायत पर मड़ियांव थाने में सत्यरत्न दीक्षित के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि उसने नौकरी दिलाने के नाम पर रुपए लिए और फर्जी व कूटरचित नियुक्ति पत्र तैयार किए। नौकरी नहीं लगने पर रुपए भी वापस नहीं किए।

पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया है। वहीं, अपहरण की सूचना से जुड़े मामले में जांच शुरू की गई थी। पुलिस के मुताबिक, जांच में डॉक्टर के अपहरण या उनके साथ किसी अन्य अपराध की पुष्टि नहीं हुई।