औरंगाबाद में बिहार बंद को देखते हुए जिला प्रशासन ने 25 और 26 जुलाई को सभी सरकारी और गैर-सरकारी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। जिला दंडाधिकारी सह डीएम अभिलाषा शर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा-163 के तह

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साथ ही शहर में अस्थायी तौर पर इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। आदेश के अनुसार जिले के सभी सरकारी, निजी विद्यालय, महाविद्यालय, कोचिंग संस्थान, प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र 25 और 26 जुलाई तक पूरी तरह बंद रहेंगे। सभी संस्थानों के प्रधानों और संचालकों को निर्देश दिया गया है कि आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।

प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय पूरी तरह एहतियातन लिया गया है, ताकि जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनी रहे। बता दें कि कल बिहार बंद की घोषणा की गई है।

सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए चप्पे पर तैनात किए गए हैं पुलिस बल के जवान।

सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए चप्पे पर तैनात किए गए हैं पुलिस बल के जवान।

24 जुलाई का बंद रहा बेअसर, पूरे दिन सामान्य रहा जनजीवन

24 जुलाई को विभिन्न संगठनों की ओर से बुलाए गए देशव्यापी आंदोलन का औरंगाबाद जिले में कोई खास असर नहीं दिखा। बाजार सामान्य रूप से खुले रहे, यातायात सुचारु रहा और आम जनजीवन पर बंद का कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

बंद के समर्थन में किसी भी संगठन के कार्यकर्ता सड़कों पर नहीं उतरे, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली। हालांकि किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरे शहर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था।

रमेश चौक, कलेक्ट्रेट परिसर, धर्मशाला चौक, ओवरब्रिज, महाराजगंज रोड सहित सभी प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील इलाकों में दंडाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पुलिस की गश्ती टीमें लगातार शहर का भ्रमण करती रहीं और प्रमुख मार्गों पर संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी गई।

शनिवार को माले और भीम आर्मी समेत कई संगठनों का प्रदर्शन प्रस्तावित

शनिवार 25 जुलाई को ऑल इंडिया स्टूडेंट संगठन और इंकलाबी नौजवान सभा की ओर से बिहार बंद का आह्वान किया गया है, जिसे भाकपा (माले) का समर्थन प्राप्त है। इसके अलावा भीम आर्मी एकता मिशन सहित कुछ अन्य संगठनों की ओर से भी प्रदर्शन किए जाने की संभावना है।

प्रस्तावित कार्यक्रमों को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। सभी थाना क्षेत्रों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है और अतिरिक्त पुलिस बल को भी तैयार रखा गया है।

नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा के नेतृत्व में शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

बिना अनुमति प्रदर्शन पर होगी कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार का धरना-प्रदर्शन, सड़क जाम, जबरन दुकानें बंद कराना अथवा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कानून का उल्लंघन माना जाएगा और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अनुमंडल पदाधिकारी गौरव सिंह ने कहा कि प्रशासन हर गतिविधि पर पैनी नजर रखे हुए है और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जिला प्रशासन ने आम लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान नहीं देने व किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और जिले में कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।