जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) ने बुधवार को कहा कि वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता के बावजूद भारत से रत्न एवं आभूषणों का निर्यात सितंबर में सालाना आधार पर 9.43 प्रतिशत बढ़कर 2.95 अरब डॉलर (28,157.55 करोड़ रुपए) का हो गया. जीजेईपीसी के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2025 में कुल निर्यात 2.70 अरब डॉलर (23,813.91 करोड़ रुपए) का रहा था. चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में रत्न एवं आभूषणों का कुल निर्यात सालाना आधार पर 3.07 प्रतिशत बढ़कर 14.30 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 13.87 अरब डॉलर था.
सितंबर में कैसे रहे आंकड़े
आंकड़ों के अनुसार, दुबई में स्थिति के सामान्य होने के संकेतों के बीच सितंबर में सादे सोने के आभूषणों का निर्यात 8.76 प्रतिशत बढ़कर 37.80 करोड़ डॉलर (3,609.23 करोड़ रुपए) का हो गया. सितंबर, 2025 में यह 34.75 करोड़ डॉलर (3,072.23 करोड़ रुपए) का हुआ था. जड़े हुए सोने के आभूषणों का निर्यात सितंबर में 50.23 प्रतिशत बढ़कर 81.26 करोड़ डॉलर (7,759.73 करोड़ रुपए) हो गया, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 54.08 करोड़ डॉलर (4,778.36 करोड़ रुपए) था. दुबई में स्थिति में सुधार, मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के जरिये बाजार तक बेहतर पहुंच, अमेरिका द्वारा शुल्क में कटौती और हांगकांग, सिंगापुर तथा फ्रांस जैसे प्रमुख बाजारों में अच्छे प्रदर्शन से निर्यात को समर्थन मिला.
कहां कहां हुआ एक्सपोर्ट?
जीजेईपीसी के चेयरमैन किरीट भंसाली ने बयान में कहा कि सितंबर में निर्यात में 9.43 प्रतिशत की वृद्धि और वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में 3.07 प्रतिशत की बढ़ोतरी उत्साहजनक है. इससे पता चलता है कि वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता के बावजूद भारत का रत्न एवं आभूषण निर्यात बढ़ रहा है. जड़े हुए सोने के आभूषणों का निर्यात सितंबर, 2026 में 50.23 प्रतिशत बढ़कर 81.26 करोड़ डॉलर का रहा, जो इस क्षेत्र के मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है.”
उन्होंने कहा कि भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते के तहत व्यापार तक बेहतर पहुंच और अमेरिका द्वारा शुल्क में कटौती के लाभ के साथ हांगकांग, सिंगापुर तथा फ्रांस जैसे प्रमुख बाजारों में अच्छे प्रदर्शन से निर्यात को बढ़ावा मिला है. भंसाली ने कहा कि सितंबर में सादे सोने के आभूषणों के निर्यात में वृद्धि का एक कारण दुबई में स्थिति का सामान्य होना भी है.
खत्म नहीं हुई चुनौती
उन्होंने कहा कि मांग और बाजार की स्थितियां अब भी चुनौतीपूर्ण हैं, खासकर पश्चिम एशिया में, जो सादे सोने के आभूषणों के निर्यात का एक प्रमुख गंतव्य है. आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में तराशे और पॉलिश किए गए हीरों का निर्यात 5.44 प्रतिशत घटकर 129.33 करोड़ डॉलर (12,335.79 करोड़ रुपए) का रह गया, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 136.76 करोड़ डॉलर (12,076.35 करोड़ रुपए) रहा था.
वहीं, प्रयोगशाला में तैयार और पॉलिश किए गए हीरों का निर्यात सितंबर में 40.72 प्रतिशत बढ़कर 15.14 करोड़ डॉलर (1,445.53 करोड़ रुपए) हो गया. सितंबर 2025 में यह 10.76 करोड़ डॉलर (950.58 करोड़ रुपए) था. इस बीच, चांदी के आभूषणों का निर्यात सालाना आधार पर 12.49 प्रतिशत घटकर 13.44 करोड़ डॉलर (1,285.01 करोड़ रुपए) का रह गया. पिछले साल सितंबर में यह 15.36 करोड़ डॉलर (1,356.77 करोड़ रुपए) का हुआ था.

सौरभ शर्मा
2008 से शेयर मार्केट, इकोनॉमी और कमोडिटी कवर कर रहे हैं. टीवी9 के साथ जुड़ने से पहले डीएनए, एशियानेट, जनसत्ता, दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका जैसे कई बड़े संस्थानों के साथ भी जुड़े रहे.
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