2.08 करोड़ रुपए में फ्लैट खरीदने के बाद भी खरीदारों को जिम और बैडमिंटन कोर्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके चलते कर्नाटक RERA ने बिल्डर पर 10 लाख का जुर्माना लगाया है.

Written By : शैलजा पांडे |  Updated at : 17 Sep 2026 08:29 PM (IST)

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2.08 Crore Flat Buyers Get 10 Lakh Compensation Over Missing Promised Amenities 2 करोड़ का फ्लैट, ना जिम-ना सुविधाएं, RERA ने बिल्डर पर ठोका 10 लाख जुर्माना

RERA ने बिल्डर पर ठोका 10 लाख जुर्माना

Source : ABP live

करोड़ों रुपये खर्च करके खरीदा गया घर सिर्फ चार दीवारों तक सीमित रह जाए तो खरीदार के लिए यह किसी झटके से कम नहीं होता. बेंगलुरु में भी कुछ होमबायर्स के साथ ऐसा ही हुआ, जब जिस प्रोजेक्ट को खरीदते समय कई आधुनिक सुविधाओं के साथ पेश किया गया था, उसकी हकीकत सामने आने लगी. मामला आखिरकार RERA तक पहुंचा, जहां खरीदारों की शिकायत पर अथॉरिटी ने बिल्डर के खिलाफ अहम फैसला सुनाया.

2.08 करोड़ में खरीदा था फ्लैट

आरटी नगर के रहने वाले चार लोगों ने इस प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदे थे. प्रत्येक खरीदार ने इसके लिए करीब 2.08 करोड़ रुपयों का भुगतान किया था और साल 2022 में सेल डीड पूरी की गई थी. खरीदारी के दौरान प्रोजेक्ट में कई सुविधाओं का वादा किया गया था, लेकिन बाद में इनमें से कई सुविधाएं मौजूद नहीं मिलीं. खरीदारों का आरोप था कि प्रोजेक्ट की ब्रोशर और अन्य दस्तावेजों में जिन सुविधाओं का उल्लेख किया गया था,उनका निर्माण नहीं किया गया.

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ना जिम, ना बैडमिंटन कोर्ट मिला

खरीदारों के मुताबिक, प्रोजेक्ट में ओपन जिम, ओपन एम्फीथिएटर और बैडमिंटन कोर्ट जैसी सुविधाएं देने की बात कही गई थी. इसके अलावा स्पोर्ट्स सुविधाओं और क्लब हाउस से जुड़ी कई सुविधाएं भी पूरी नहीं हुई थीं.

मामले में संयुक्त निरीक्षण भी किया गया. 14 मई 2026 को हुई इस जांच के दौरान प्रोजेक्ट की स्थिति की तस्वीरें ली गईं. निरीक्षण में कई निर्माण कार्य अधूरे पाए जा चुके हैं. हालांकि, बच्चों के खेलने की जगह, पार्क और योगा डेक जैसी कुछ सुविधाएं पूरी मिलीं.

ब्रोशर में किए वादे को माना अहम

4 सितंबर 2026 को दिए अपने आदेश में कर्नाटक RERA ने कहा कि प्रोजेक्ट की ब्रोशर, अलॉटमेंट लेटर और एग्रीमेंट में दिखाई गई सुविधाओं को खरीदारों के सामने पेश किया गया था. इन सुविधाओं को उपलब्ध नहीं कराने को अथॉरिटी ने गलत प्रस्तुति मानी गई.

RERA ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल सेल डीड हो जाने से बिल्डर की जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती, अगर प्रोजेक्ट में दस्तावेजों के मुताबिक तय सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं.

प्रोजेक्ट में मिलीं कई और कमियां

जांच के दौरान सिर्फ सुविधाओं की कमी ही सामने नहीं आई. प्रोजेक्ट के कुछ हिस्सों में कंपाउंड वॉल अधूरी थी. इसके अलावा STP और WTP की देखरेख को लेकर भी समस्याएं दर्ज की गईं. एक निजी क्षेत्र में बोरवेल बनाए जाने का मुद्दा भी निरीक्षण में सामने आया.

हालांकि, क्लब हाउस को लेकर RERA ने एक अलग स्थिति स्पष्ट की. बिक्री समझौते के अनुसार क्लब हाउस का निर्माण BIAAPA के साइट रिलीज ऑर्डर के बाद तय समय में किया जाना था. चूंकि अभी केवल आंशिक रिलीज ऑर्डर जारी हुआ था, इसलिए इस आधार पर बिल्डर को फिलहाल पूरी तरह जिम्मेदार नहीं माना गया.

60 दिन में देना होगा मुआवजा

K-RERA ने बिल्डर को चारों होमबायर्स को कुल 10 लाख रुपये का मुआवजा 60 दिनों के भीतर देने का आदेश दिया है. निर्धारित समय में भुगतान नहीं होने पर मुआवजे की राशि पर ब्याज भी लागू होगा.

यह मामला उन होमबायर्स के लिए भी महत्वपूर्ण है जिन्हें प्रॉपर्टी खरीदते समय ब्रोशर, विज्ञापन या एग्रीमेंट में सुविधाओं का वादा किया जाता है, लेकिन बाद में वे सुविधाएं उपलब्ध नहीं होतीं.

RERA में कैसे कर सकते हैं शिकायत?

अगर किसी होमबायर को बिल्डर की ओर से वादा की गई सुविधाएं नहीं मिलती हैं, तो वह संबंधित राज्य की RERA अथॉरिटी में शिकायत कर सकता है. आमतौर पर इसके लिए प्रोजेक्ट और बिल्डर की जानकारी, समस्या से जुड़े दस्तावेज और उपलब्ध सबूत जमा करने होते हैं. शिकायत के बाद अथॉरिटी मामले की सुनवाई कर सकती है और परिस्थितियों के आधार पर मुआवजा या अन्य राहत का आदेश दे सकती है.

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शैलजा पांडे वर्तमान में ABP न्यूज़ में कंसल्टेंट के तौर पर अपनी सेवाएं दे रही हैं. शैलजा यहां चैनल के डिजिटल विंग में काम कर रही हैं. इन्होंने अपनी पत्रकारिता की शुरूआत एबीपी न्यूज़ चैनल से बतौर इंटर्न की थी. इनके काम को देखते हुए एबीपी ने इन्हें कंसल्टेंट की जिम्मेदारी से नवाजा. यह बीते करीब दो साल से एबीपी न्यूज़ को अपनी सेवाएं दे रही हैं. शैलजा यहां बिजनेस और यूटिलिटी सेक्शन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. वह एआई और स्टेट टीम को भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं. शैलजा ने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से की है. यहां इन्होंने  रेडियो और टेलीविजन प्रोडक्शन में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है.

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Published at : 17 Sep 2026 08:29 PM (IST)

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