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बीना-भोपाल मेमू पैसेंजर ट्रेन में यात्री के 10 लाख रुपए से भरे बैग की चोरी के मामले में जीआरपी और आरपीएफ पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान उसके लंगड़ाकर चलने और काले रंग के पिट्ठू बैग से हुई। पुलिस ने विदिशा, भोपाल, गुना और शिवपुरी में 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। शनिवार को मामले का खुलासा किया गया। आरोपी के कब्जे से 9 लाख 36 हजार 650 रुपए नकद और 6,400 रुपए कीमत का मोबाइल जब्त किया गया है।

घटना 6 अक्टूबर की दोपहर की है। भानपुर, भोपाल निवासी गणेश शर्मा के यहां काम करने वाले अमित शर्मा बीना-भोपाल मेमू ट्रेन से भोपाल जा रहे थे। उनके मालिक ने उन्हें बीना के रामजी प्लायवुड शॉप के संचालक अजय जाधव से 10 लाख रुपए उधार लाने के लिए कहा था। अमित 500-500 रुपए के नोटों की 20 गड्डियां काले रंग के पिट्ठू बैग में रखकर ट्रेन में सवार हुए थे। विदिशा पहुंचने पर बैग गायब मिला। इसके बाद उन्होंने जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।

नया मोबाइल खरीदकर सिम चालू की तो पकड़ में आया : पुलिस ने आरोपी शत्रु ओझा (31), निवासी ग्राम सुनाज, थाना कोलारस, जिला शिवपुरी को भोपाल से गिरफ्तार किया। बैग लेकर भागने के बाद वह वापस भोपाल पहुंचा और 6,400 रुपए का नया मोबाइल खरीदा। जैसे ही उसने पुराने मोबाइल की सिम नए मोबाइल में चालू की, पुलिस को उसकी लोकेशन मिल गई। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।

चार थानों में दर्ज हैं पांच प्रकरण : जीआरपी थाना प्रभारी वीर बहादुर सिंह परिहार के अनुसार, आरोपी चलती ट्रेनों में यात्रियों के बैग चोरी करने में शामिल रहा है। उसके खिलाफ विदिशा, झांसी, ग्वालियर और मथुरा के थानों में पांच प्रकरण दर्ज हैं। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। मामले में जीआरपी और आरपीएफ के 10 जवानों की संयुक्त टीम ने करीब 10 दिन तक जांच की। आरोपी

ऑटो से बस स्टैंड पहुंचा, फिर भोपाल से गुना गया जीआरपी थाना प्रभारी वीर बहादुर सिंह परिहार और आरपीएफ थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह ने संयुक्त टीम बनाकर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी विदिशा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 की ओर काले रंग का बैग लेकर जाता दिखाई दिया। वह ऑटो से बस स्टैंड पहुंचा और वहां से बस में बैठकर भोपाल के नादरा बस स्टैंड गया। इसके बाद गुना होते हुए शिवपुरी जिले के अपने गांव सुनाज पहुंच गया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने भोपाल बस स्टैंड पर बैग खोलकर देखा था। बैग में लाखों रुपए होने की जानकारी मिलने के बाद वह अपने गांव चला गया। पुलिस चारों जिलों की फुटेज खंगालते हुए गांव तक पहुंची।