बिहार का इरादा 2029-30 तक RESCO मॉडल का उपयोग करके सरकारी इमारतों पर 500 मेगावाट ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर लगाने का है, जिसमें पीपीए पर विचार किया जा रहा है। इस योजना के लिए सरकारी इमारतों की एकत्रित सूची, उपयुक्तता का आकलन और तैनाती में तेजी लाने के लिए मजबूत अंतर-विभागीय समन्वय की आवश्यकता है।

By Oneindia Staff

Time Published: Wednesday, October 14, 2026, 21:32 [IST]

पटना, 14 अक्टूबर 2026। बिहार में स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने सरकारी भवनों की छतों पर सोलर पावर प्लांट लगाने की योजना पर काम तेज कर दिया है। जल-जीवन-हरियाली अभियान के फेज-3 के तहत वर्ष 2029-30 तक राज्य में कुल 500 मेगावाट क्षमता के ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस योजना को रिन्यूएबल एनर्जी सर्विस कंपनी (RESCO) मॉडल के माध्यम से लागू किया जाएगा।

Bihar Rooftop Solar Push 500 MW by 2029-30

योजना के क्रियान्वयन को लेकर बुधवार को पटना स्थित विद्युत भवन में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें सरकारी भवनों की उपलब्धता, सोलर प्लांट लगाने की संभावनाओं और परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया पर चर्चा की गई।

बैठक में संबंधित विभागों को अपने अधीन आने वाले सरकारी भवनों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। कुछ विभागों ने सूची सौंप दी है, जबकि अन्य विभागों से जानकारी जुटाने की प्रक्रिया जारी है।

सभी विभागों से सूची प्राप्त होने के बाद भवनों की उपलब्धता और उपयुक्तता का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर तय होगा कि किन सरकारी भवनों की छतों पर सोलर पावर प्लांट स्थापित किए जा सकते हैं। योजना का उद्देश्य सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाना और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता को कम करना है।

PPA और RESCO मॉडल पर भी हुई चर्चा

बैठक में पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) के प्रारूप तथा बिहार रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (BREDA), संबंधित विभागों और सोलर डेवलपर्स की भूमिकाओं एवं जिम्मेदारियों पर भी चर्चा हुई। योजना को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार RESCO मॉडल के तहत लागू किया जाएगा। इसके लिए विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर परियोजनाओं की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

मिशन मोड में काम करने के निर्देश

BREDA के निदेशक राहुल कुमार ने संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर योजना को मिशन मोड में पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिए सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने बताया कि सरकारी भवनों की सूची प्राप्त होने के बाद उनकी उपयुक्तता के आधार पर सोलर प्लांट स्थापित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। राज्य में 2029-30 तक 500 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए कार्यों में तेजी लाई जाएगी।

स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम

ऊर्जा सचिव और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अजय यादव ने कहा कि सरकारी भवनों की छतों पर रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करना राज्य में स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इस योजना से सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को प्रोत्साहन मिलेगा और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही, ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ावा मिलने से पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार की इस पहल से बिहार में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार, सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा के उपयोग और स्वच्छ ऊर्जा आधारित विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

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