सहरसा शहर के सुनियोजित, संतुलित और दीर्घकालिक विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से मंगलवार को विकास भवन सभागार में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।

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बैठक में आयोजना क्षेत्र के GIS आधारित मास्टर प्लान-2045 के प्रस्तावित ड्राफ्ट (स्टेज-5) की समीक्षा की गई और विभिन्न हितधारकों से सुझाव लिए गए। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने की।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने लिया भाग

बैठक में उप विकास आयुक्त, सदर विधायक, नगर निगम की महापौर, नगर आयुक्त, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और अन्य संबंधित हितधारक मौजूद रहे।

इस दौरान प्रस्तावित मास्टर प्लान के अलग-अलग पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई और शहर के भविष्य के विकास को लेकर सुझाव दिए गए।

सड़क, जल निकासी और आधारभूत सुविधाओं पर चर्चा

बैठक में भूमि उपयोग (लैंड यूज), सड़क एवं परिवहन नेटवर्क, जल निकासी व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, सीवरेज सिस्टम, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, हरित क्षेत्र, सार्वजनिक सुविधाओं, आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों के नियोजन पर विशेष चर्चा हुई।

बढ़ती आबादी और भविष्य की शहरी जरूरतों को देखते हुए शहर के विस्तार की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श किया गया।

2045 की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार हो रहा प्लान

जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कहा कि वर्ष 2045 की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा यह मास्टर प्लान सहरसा के व्यवस्थित और सतत शहरी विकास की आधारशिला बनेगा।

उन्होंने सभी विभागों और हितधारकों से अपील की कि वे जनहित और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप व्यवहारिक सुझाव दें, ताकि अंतिम मास्टर प्लान अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

सुझावों का तकनीकी परीक्षण कर ड्राफ्ट में होगा शामिल

नगर आयुक्त ने बताया कि बैठक में वर्ष 2045 तक संभावित जनसंख्या वृद्धि और उसके अनुसार शहर की संरचना, आधारभूत सुविधाओं और विकास की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में मिले सभी सुझावों और आपत्तियों का तकनीकी परीक्षण किया जाएगा। जरूरत के अनुसार इन्हें प्रस्तावित ड्राफ्ट में शामिल किया जाएगा।

अनियोजित निर्माण पर लगेगा नियंत्रण

GIS आधारित मास्टर प्लान लागू होने के बाद सहरसा का विकास वैज्ञानिक और योजनाबद्ध तरीके से किया जा सकेगा।

यह योजना अनियोजित निर्माण पर नियंत्रण, बेहतर यातायात व्यवस्था, जल निकासी, आवास, हरित क्षेत्र और नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने में मददगार साबित होगी।

आने वाले वर्षों में यह मास्टर प्लान सहरसा को आधुनिक, व्यवस्थित और सतत विकसित शहर बनाने की दिशा में अहम कदम साबित होगा।