बिहार के कारोबारी और औद्योगिक क्षेत्र में 22 सितंबर को एक नई पहल की शुरुआत होने जा रही है। किशनगंज के होटल दफ्तरी पैलेस में JITO (जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन) के बिहार चैप्टर का शुभारंभ होगा।
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समारोह में देशभर से जैन समाज के कारोबारी, उद्यमी और प्रोफेशनल्स शामिल होंगे। संगठन के बिहार चैप्टर की शुरुआत को राज्य के जैन कारोबारी समुदाय को एक साझा नेटवर्क और नए कारोबारी अवसरों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कम समय में बिहार चैप्टर की शुरुआत
JITO ईस्ट जोन की चेयरपर्सन कल्पना बैद और चीफ सेक्रेटरी पंकज मालू ने बताया कि राजकरण दफ्तरी, अमित नहाटा, नेमीचंद बैद और भास्कर आनंद के प्रयासों से कम समय में बिहार चैप्टर की शुरुआत संभव हो सकी है।
फाउंडर मेंबर राजकरण दफ्तरी और अमित नहाटा के अनुसार, शुभारंभ समारोह में JITO अपैक्स के प्रेसिडेंट विजय भंडारी, जनरल सेक्रेटरी ललित डांगी, सेक्रेटरी श्रीपाल बच्छावत, कमलेश सुरजातिया समेत अपैक्स के कई सदस्य मौजूद रहेंगे।
क्या है JITO, किसके लिए करता है काम
JITO मूल रूप से जैन समुदाय के व्यापारियों, उद्यमियों और प्रोफेशनल्स का संगठन है। इसका उद्देश्य कारोबारी समुदाय के सदस्यों को नेटवर्किंग, ज्ञान, मार्गदर्शन और व्यावसायिक अवसरों से जोड़ना है। संगठन की योजनाओं और गतिविधियों का प्रत्यक्ष लाभ मुख्य रूप से जैन समुदाय के सदस्यों को मिलता है।
बिहार चैप्टर शुरू होने के बाद राज्य के जैन कारोबारी और उद्यमी देशभर में मौजूद संगठन के नेटवर्क से जुड़ सकेंगे। इससे कारोबार से संबंधित अनुभव साझा करने, नए संपर्क बनाने और संभावित कारोबारी साझेदारी के अवसर मिलने की उम्मीद है।
बिहार में निवेश और कारोबार बढ़ाने की संभावना
JITO का बिहार चैप्टर सीधे तौर पर राज्य के सभी कारोबारियों के लिए कोई सरकारी निवेश योजना नहीं है। इसका मूल उद्देश्य जैन कारोबारी समुदाय को संगठित नेटवर्क उपलब्ध कराना है। हालांकि, मजबूत कारोबारी नेटवर्क के जरिए बिहार में नए निवेश और व्यवसायों के लिए संभावनाएं बन सकती हैं।
अगर संगठन से जुड़े उद्यमी बिहार में नए उद्योग या कारोबार शुरू करते हैं अथवा राज्य में निवेश लाते हैं तो इसका असर केवल संबंधित कारोबार तक सीमित नहीं रहेगा। नए उद्योगों और व्यावसायिक गतिविधियों से परिवहन, लॉजिस्टिक्स, निर्माण, बैंकिंग, होटल, रिटेल और सेवा क्षेत्र में भी गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
नए कारोबार से रोजगार के अवसर भी बन सकते हैं
किसी नए उद्योग या कारोबारी इकाई की स्थापना के साथ प्रत्यक्ष रोजगार के अलावा उससे जुड़े कई सहायक क्षेत्रों में भी काम के अवसर पैदा होते हैं। सप्लाई चेन, परिवहन, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और अन्य सेवाओं में स्थानीय स्तर पर मांग बढ़ सकती है।
इसी तरह कारोबारी गतिविधियों के विस्तार से बाजार में लेन-देन बढ़ने और औपचारिक आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलने की संभावना रहती है। इससे लंबे समय में राज्य के आर्थिक ढांचे पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।
असली सफलता नए अवसर पैदा होने से तय होगी
22 सितंबर को होने वाला शुभारंभ फिलहाल इस पहल की शुरुआत है। बिहार चैप्टर की वास्तविक सफलता इस बात से तय होगी कि आने वाले समय में इससे राज्य के जैन उद्यमियों को कितने नए कारोबारी अवसर मिलते हैं।
इसके साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि JITO के नेटवर्क के जरिए बिहार में नए निवेश, उद्योग और व्यवसाय कितनी संख्या में आते हैं और उनका स्थानीय रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों पर कितना असर पड़ता है।
किशनगंज में होने वाला यह शुभारंभ इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि यह बिहार के जैन कारोबारी समुदाय को राष्ट्रीय स्तर के कारोबारी नेटवर्क से जोड़ने का औपचारिक मंच तैयार करेगा। अब नजर इस बात पर होगी कि यह नेटवर्क बिहार के कारोबारी माहौल में कितने नए अवसर पैदा कर