Tue, 18 Aug 2026 05:24 AM IST

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा Published by: अमन तिवारी Updated Tue, 18 Aug 2026 05:24 AM IST

सार

बिजनौर की चांदपुर विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास कई राजनीतिक बदलावों का गवाह रहा है। निर्दलीय उम्मीदवारों से लेकर कांग्रेस, भाजपा, बसपा और आरएलडी तक अलग-अलग दलों ने यहां जीत दर्ज की। 2022 में सपा ने बेहद करीबी मुकाबले में भाजपा को हराया था। आइए जानते हैं इस सीट का पूरा सियासी गणित...

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चांदपुर विधानसभा सीट का समीकरण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा के चुनाव होने हैं। इन चुनावों को लेकर अभी से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पक्ष और विपक्ष दोनों मतदाताओं को लुभाने में लग गए हैं। राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। इसी चुनावी सरगर्मी के बीच, हम आपको उत्तर प्रदेश की हर विधानसभा सीट के इतिहास, सामाजिक ताने-बाने और उसके राजनीतिक परिदृश्य के बारे में हमारी खास सीरीज 'सीट का समीकरण' में विस्तार से बता रहे हैं। इसी कड़ी में आज बात बिजनौर जिले की चांदपुर (Chandpur) विधानसभा सीट की होगी। आइए, जानते हैं इस सीट का पूरा सियासी गणित और इसका अब तक का इतिहास क्या रहा है?

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पहले जानते हैं चांदपुर सीट के बारे में


उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में से एक जिला बिजनौर है। जिले में कुल आठ विधानसभा सीटें हैं- नजीबाबाद, नगीना, बढ़ापुर, धामपुर, नहटौर, बिजनौर, चांदपुर और नूरपुर। 'सीट के समीकरण' आज की कड़ी में हम चांदपुर विधानसभा सीट की बात करेंगे। बिजनौर जिले की चांदपुर विधानसभा सीट वर्ष 1956 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई। इस क्षेत्र में पहला विधानसभा चुनाव भी वर्ष 1957 में आयोजित किया गया था। इस विधानसभा क्षेत्र के पहले विधायक नरदेव सिंह बने, जिन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी।

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सबसे पहले बात 2022 चुनाव की


2022 के चुनावों की बात करें तो, चांदपुर से समाजवादी पार्टी (सपा) को कड़े मुकाबले में जीत मिली थी। इन चुनावों में चांदपुर विधानसभा सीट से सपा के स्वामी ओमवेश ने जीत हासिल की। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कमलेश सैनी को महज 234 वोटों के अंतर से हराया। इस चुनाव में सपा के स्वामी ओमवेश को 90,522 वोट मिले, जबकि भाजपा की कमलेश सैनी को 90,288 वोट मिले। चुनाव में बसपा के शकील अहमद तीसरे नंबर पर रहे, जिन्हें 37,359 वोट मिले।

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