बतौली में 234 रसोईयों को मध्यान्ह भोजन बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। स्वच्छता, पौष्टिक भोजन, एलपीजी उपयोग और गुणवत्ता को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए।
234 रसोईयों का प्रशिक्षण
- Published: 15 Jul 2026, 10:39 AM IST
- Last Updated: 15 Jul 2026, 10:39 AM IST
आशीष कुमार- बतौली (सरगुजा)। प्रधानमंत्री पांचण शक्ति योजना में बतौली के स्कूलों में कार्यरत 234 रसोईयों को एक दिवसीय कार्यक्रम बीआरसी भवन के सभाकक्ष में संपन्न किया गया। जहां रसोईयों को मध्यान भोजन बनाने का उचित मार्गदर्शन दिया गया है। इसके साथ ही सख्त हिदायत दी गई कि, भोजन बनाते वक्त लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एलपीजी गैस उपयोग के लिए किया प्रेरित
आपको बता दें कि, बतौली के स्कूलों में कार्यरत रसोईयों को मध्यान भोजन बनाने के संबंध में उचित मार्गदर्शन विकास खंड शिक्षा अधिकारी शरदचंद्र मेस्पाल एवं विकास खंड परियोजना अधिकारी उमेश गुप्ता द्वारा दिया गया। इस दौरान मध्यान भोजन बनाने वाली रसोईयों को विद्यालय में बच्चों की संख्या अधिक होने पर एल पी जी गैस शुरुआत करने भी प्रेरित किया है।

साफ सफाई का विशेष ध्यान
प्रशिक्षण में मौजूद रसोईयों को प्रतिदिन स्कूल आने से पहले स्वयं की साफ सफाई, रसोई घर के आस पास की साफ सफाई, भोजन बनाने के पूर्व बर्तन की अच्छे से साफ सफाई, मसालों के डब्बों की साफ सफाई के साथ उचित रखरखाव संबंधी जानकारी दी गई है।
गर्म एवं पौष्टिक भोजन खिलाने के निर्देश
प्रशिक्षण में रसोईयों को बताया गया कि, बच्चों को गर्म और पौष्टिक भोजन खिलाएं साथ ही भोजन खिलाने के समय बच्चों को टाटपट्टी या ब्रेंच में बैठाकर ही भोजन परोसें।
रसोईयों को दिए गए जरूरी दिशा-निर्देश
प्राथमिक विद्यालय एवं माध्यमिक विद्यालय में बनने वाले मध्यान भोजन प्रतिदिन मीनू के अनुसार बनाने, फोर्टीफाइड चावल की गुणवत्ता उसकी साफ सफाई एवं पकाने के संबंध में संपूर्ण जानकारी रसोईयों को बताई गई है। प्रतिदिन सब्जियों को धोकर बनाने और बरसात में सोयाबीन बड़ी नहीं खिलाने कही गई है। इसके साथ ही लापरवाही बरतने पर करवाई करने की बात कही गई है। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर लव गुप्ता ने भी उचित मार्गदर्शन दिया है।
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