किशनगंज जिले में खगड़ा स्थित एयरपोर्ट के रनवे विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने इस कार्य हेतु 5 करोड़ 45 लाख 97 हजार 100 रुपये की प्रशासनिक एवं व्यय स्वीकृति प्रदान की है।
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इस राशि से कुल 24.70 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा और प्रभावित भू-मालिकों को मुआवजा दिया जाएगा।

एमवीआर दर से मुआवजे का आकलन किया
रनवे विस्तार के लिए कुल 24.70 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इसमें पूर्व दिशा में 700 मीटर लंबाई और 100 मीटर चौड़ाई में 17.29 एकड़ तथा पश्चिम दिशा में 300 मीटर लंबाई और 100 मीटर चौड़ाई में 7.41 एकड़ भूमि शामिल है।
अधिग्रहित की जाने वाली भूमि में निजी स्वामित्व वाली जमीन के साथ-साथ सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की कुछ भूमि भी शामिल है।
अंचल अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर आवासीय विकासशील श्रेणी की एमवीआर दर से मुआवजे का आकलन किया गया है। सिविल विमानन विभाग ने स्वीकृत राशि को वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट मद "5302-भू-अर्जन" से जारी करने का निर्णय लिया है।
सत्यापन और कागजी कार्रवाई प्रारंभ
राशि को भू-अर्जन पदाधिकारी, किशनगंज के पीडी/पीएल खाते में हस्तांतरित करने की मंजूरी भी दी गई है, जिसका नाम "प्रोजेक्ट फॉर द एक्सटेंशन ऑफ द रनवे ऑफ किशनगंज एयरपोर्ट" है।
लंबे समय से भूमि संबंधी बाधाओं के कारण एयरपोर्ट विकास परियोजना रुकी हुई थी। अब भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू होने से परियोजना को गति मिलने की उम्मीद है। जिला प्रशासन ने आवश्यक सत्यापन और कागजी कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
किशनगंज का 'चिकन नेक' क्षेत्र नेपाल और बांग्लादेश की सीमा के निकट होने के कारण सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। गृह मंत्रालय की निगरानी वाले इस संवेदनशील क्षेत्र में हवाई संपर्क मजबूत करने की मांग लंबे समय से की जा रही थी।
व्यापार, पर्यटन, निवेश और रोजगार के नए अवसर
रनवे विस्तार के बाद यहां बड़े विमानों का संचालन संभव हो सकेगा, जिससे सीमांचल क्षेत्र को बेहतर हवाई कनेक्टिविटी मिलेगी। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने इस प्रक्रिया का स्वागत किया है।
उनका कहना है कि एयरपोर्ट के विकास से किशनगंज सहित पूरे सीमांचल क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही आपातकालीन सेवाओं और रक्षा संबंधी गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने भी जारी स्वीकृति पत्र का हवाला देते हुए इसे क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है।
प्रशासन का दावा है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी, ताकि किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो। अधिकारियों के अनुसार भूमि अधिग्रहण पूरा होते ही रनवे विस्तार और अन्य तकनीकी कार्यों की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी।
सीमांचल के लोगों को अब उम्मीद है कि वर्षों पुरानी एयरपोर्ट परियोजना जल्द धरातल पर उतरेगी और किशनगंज को प्रदेश के हवाई मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी।