गोंडा2 घंटे पहले

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गोंडा में घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बीते 24 घंटे में नदी का जलस्तर 74 सेंटीमीटर बढ़ गया है। गिरजा, शारदा, सरयू और सुहेली बैराज से 19 लाख 10 हजार 136 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद रविवार सुबह 9:30 बजे घाघरा खतरे के निशान से 7 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे के इलाकों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

प्रशासन ने तटबंधों की 24 घंटे निगरानी शुरू कर दी है। राजस्व विभाग की टीमें मौके पर तैनात हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा जा रहा है। जिला प्रशासन ने अलग-अलग स्थानों पर बनाई गई सभी 28 बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी है। लाउडस्पीकर से भी ग्रामीणों को लगातार जागरूक किया जा रहा है।

24 घंटे में नदी का जलस्तर 74 सेंटीमीटर बढ़ गया है।

24 घंटे में नदी का जलस्तर 74 सेंटीमीटर बढ़ गया है।

24 घंटे में खतरे के निशान से ऊपर पहुंची नदी

पिछले करीब 10 दिनों से घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे था, लेकिन अचानक 24 घंटे में तेजी से बढ़ गया। बैराजों से छोड़े गए पानी के बाद नदी का जलस्तर लगातार ऊपर जा रहा है। प्रशासन लगातार नदी के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर नजर रख रहा है।

10 से ज्यादा गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा

जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो अगले 24 घंटे में नदी किनारे बसे 10 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। ऐली परसौली, ब्योन्दा माझा, जबर नगर और बाणी माझा समेत कई गांव सीधे नदी के किनारे बसे हैं। पानी बढ़ने पर इन गांवों के चारों तरफ बाढ़ का पानी पहुंचने की आशंका है।

पिछले करीब 10 दिनों से घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे था

पिछले करीब 10 दिनों से घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे था

दत्तानगर-चहलवा में कटान तेज, खेतों में घुस रहा पानी

नवाबगंज थाना क्षेत्र के दत्तानगर, साखीपुर और चहलवा इलाके में रविवार सुबह करीब 9 बजे से नदी ने कटान तेज कर दिया है। कटान के कारण किसानों की धान और गन्ने की फसल नदी की धारा में समा रही है। इससे किसानों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं।

28 बाढ़ चौकियां सक्रिय, लाउडस्पीकर से मुनादी

बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने 28 बाढ़ चौकियों को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। यहां अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। राजस्व विभाग की टीमें भी तैनात हैं। लाउडस्पीकर के जरिए ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और सतर्क रहने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है।

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