Published: Friday, July 31, 2026, 10:51 [IST]
नई दिल्ली के जंतर-मंतर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन NEET पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की धांधली के खिलाफ छात्रों की आवाज उठाने के लिए बुलाया गया था। लेकिन इस दौरान 25 साल की रुचिका सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ।
वीडियो में रुचिका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक, अभद्र और गंदी-गंदी गालियां देते देखी गईं। इस वीडियो के सामने आने के बाद भारी सोशल मीडिया पर लोगों ने इसकी आलोचना हुई।
रुचिका सिंह ने ना सिर्फ पीएम मोदी और उनके परिवार को गालियां दीं बल्कि इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी को लेकर भी आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। अब इनके खिलाफ ऐसी कार्रवाई हुई है कि इनकी हालत खराब बताई जा रही है। आइए जानें पूरा माजरा क्या है।
रुचिका सिंह के खिलाफ दर्ज हुई जीरो FIR
इंटरनेट पर वायरल हुए वीडियो में रुचिका ने न केवल पीएम मोदी के खिलाफ अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया, बल्कि उन्हें खुदकुशी तक करने की सलाह दे डाली। इसके अलावा उसने पीएम मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी को लेकर भी बेहद आपत्तिजनक बातें कहीं।
जब यह वीडियो वायरल हुआ तो सोशल मीडिया पर लोगों ने उसकी लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद गाजियाबाद की रहने वाली एडवोकेट स्मृति सिंह चंदेल ने नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। स्मृति सिंह का कहना था कि ऐसे बयान संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं और समाज में नफरत फैलाने के मकसद से दिए गए हैं।
कौन है रुचिका सिंह और क्या करती है? (Who is Ruchika Singh)
सोशल मीडिया और प्राथमिक जांच से मिली जानकारी के मुताबिक रुचिका सिंह की उम्र करीब 25 साल है और वह एक ब्यूटी सैलून में काम करती है। मूल रूप से फरीदाबाद से ताल्लुक रखने वाली रुचिका नोएडा के सेक्टर 168 इलाके में रहती है।
चौतरफा आलोचना और विवाद बढ़ने के बाद रुचिका ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट डिएक्टिवेट कर दिया। सोशल मीडिया पर दावे किए जा रहे हैं कि पुलिस में शिकायत के बाद से रुचिका और उसका परिवार घर छोड़कर गायब है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि बाकी है।
क्या होती है जीरो FIR और इसमें क्या हुआ?
आम तौर पर शिकायत उसी थाने में दर्ज होती है जहां घटना घटी हो। लेकिन जीरो एफआईआर एक ऐसा कानूनी प्रावधान है, जिसके तहत पीड़ित या शिकायतकर्ता घटना स्थल के बजाय किसी भी नजदीकी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करा सकता है। बाद में उस एफआईआर को बिना कोई नंबर दिए (यानी 'जीरो' नंबर पर) संबंधित क्षेत्राधिकार वाले थाने में ट्रांसफर कर दिया जाता है।
इस मामले में भी नोएडा पुलिस ने धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान), धारा 353(1) (जनता में अफवाह या उपद्रव फैलाना) और धारा 356(1) (मानहानि) के तहत जीरो एफआईआर दर्ज की। चूंकि घटना जंतर-मंतर यानी दिल्ली में हुई थी, इसलिए नोएडा पुलिस ने केस को दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन भेज दिया है।
दिल्ली पुलिस भी इस मामले में बेहद सख्त रुख अपना रही है। स्पेशल सेल की IFSO यूनिट ने सोशल मीडिया पर पीएम के खिलाफ भड़काऊ और मानहानिकारक पोस्ट शेयर करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ऐसे कंटेंट हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की विस्तृत जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल रुचिका सिंह की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन जांच एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।