Lucknow News: राजधानी लखनऊ के 35वीं वाहिनी पीएसी (PAC) ग्राउंड में होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया के दौरान हुई एक अभ्यर्थी की संदिग्ध मौत के मामले में बेहद चौंकाने वाला और खौफनाक खुलासा हुआ है. शुरुआत में जिस मौत को पुलिस और प्रशासन द्वारा दौड़ के दौरान तबीयत बिगड़ने से हुई सामान्य घटना बताया जा रहा था, वह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद एक बड़ी साजिश या हत्या की तरफ इशारा कर रही है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, मूल रूप से सीतापुर जिले के रामकोट मढ़िया रहीमपुर निवासी अभ्यर्थी योगेंद्र सिंह की मौत दौड़ की वजह से नहीं, बल्कि उनके गले में 250 मिलीलीटर की छोटी प्लास्टिक की पानी की बोतल फंसने और दम घुटने से हुई थी.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला राज: शरीर पर मिले 12 चोट के निशान
मंगलवार को भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने आए योगेंद्र सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई थी. 18 सितंबर को जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई, तो परिजन और पुलिस दोनों हैरान रह गए. रिपोर्ट में योगेंद्र के गले में बोतल फंसे होने के साथ-साथ उनके शरीर पर कुल 12 अलग-अलग जगहों पर चोट के गंभीर निशान मिलने की पुष्टि हुई है. इस खुलासे के बाद मृतक के परिजनों में हड़कंप मच गया और उन्होंने सीधे तौर पर हत्या का आरोप लगाया.
भाई का गंभीर आरोप: “मारपीट कर मुंह में ठूंसी गई बोतल”
मृतक के भाई कमल किशोर ने शनिवार को लखनऊ के महानगर थाने पहुंचकर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या (BNS की प्रासंगिक धाराओं) का मुकदमा दर्ज कराया. कमल किशोर ने आरोप लगाया कि घटना वाले दिन पुलिसकर्मियों ने परिजनों को यह कहकर टरका दिया था कि मौत सामान्य परिस्थितियों में हुई है. लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरी कहानी बदल दी. भाई का आरोप है कि योगेंद्र के साथ पीएसी ग्राउंड के भीतर बेरहमी से मारपीट की गई और साजिश के तहत उनके मुंह में जबरन पानी की बोतल ठूंस दी गई, जिससे सांस न ले पाने के कारण उनकी मौत हो गई. परिजनों ने पीएसी परिसर के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालने और वहां मौजूद स्टाफ व अभ्यर्थियों से सख्त पूछताछ की मांग की है.
पुलिस महकमे में हड़कंप: DCP ने बनाई 5 सदस्यीय जांच टीम
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया है. एसीपी महानगर अंकित कुमार और डीसीपी मध्य विक्रांत वीर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि परिजनों की तहरीर पर महानगर थाने में गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है.
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डीसीपी विक्रांत वीर के मुताबिक- थाना महानगर में एफआईआर दर्ज कर ली गई है. निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए पांच सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है. पीएसी ग्राउंड के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और अन्य डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के तथ्यों और सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

सफी अहमद
सफी अहमद, राजधानी लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार हैं और करीब डेढ़ दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पत्रकारिता उनके लिए सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि एक जुनून है. इसी जुनून को जमीन पर उतारते हुए उन्होंने लखनऊ की जमीनी हकीकत से लेकर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों तक की खबरों को करीब से कवर किया है. सफी अहमद की खास पकड़ क्राइम रिपोर्टिंग पर रही है. अपराध की खबरों की तह तक जाना, घटनाओं के पीछे की कहानी सामने लाना और सबसे पहले सटीक जानकारी पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख पहचान रही है. कई बड़ी और चर्चित घटनाओं की कवरेज में सफी अहमद की सक्रिय भूमिका रही है. 2020 के कानपुर बिकरू कांड, 2022 के अलाया होटल अग्निकांड और 2026 के अलीगंज अग्निकांड जैसी घटनाओं पर उन्होंने लगातार नजर बनाए रखी और घटनाक्रम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सबसे पहले साझा करने का प्रयास किया. ऐसी घटनाओं में 24 घंटे लगातार अपडेट रहने और खबर की तह तक पहुंचने का उनका अनुभव उनकी पत्रकारिता की महत्वपूर्ण ताकत है. सफी अहमद ने पत्रकारिता की शुरुआत एक साप्ताहिक पत्रिका और न्यूज पोर्टल के साथ की. इसके बाद उन्हें PPN न्यूज़, APN न्यूज़ और K न्यूज़ जैसे संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. विभिन्न संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने रिपोर्टिंग के अलग-अलग आयामों को करीब से समझा और अपनी पत्रकारिता को लगातार मजबूत किया. करीब चार वर्षों के अनुभव के बाद उन्हें TV9 भारतवर्ष के साथ काम करने का अवसर मिला. पिछले 6 वर्षों से TV9 भारतवर्ष के साथ जुड़े हुए सफी अहमद लखनऊ से लगातार पत्रकारिता कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और निष्ठा के साथ खबरों को जमीन से उठाकर दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया है.
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