एमपी में गधे के नाम पर बना नर्सिंग सर्टिफिकेट: फोटो भी लगा दी, ₹2050 फीस भरते ही जारी हो गया रजिस्ट्रेशन नंबर - Bhopal News
भोपाल4 घंटे पहले
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ऑनलाइन सर्टिफिकेट में जाति के कॉलम में 'एनिमल' दर्ज है।
मध्य प्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल (MPNRC) की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व्यवस्था में लगातार खामियां सामने आ रही हैं। काउंसिल ने स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य सुखवीर सिंह के बाद अब गधे का भी नर्सिंग सर्टिफिकेट बना दिया है। वह भी तब, जब रजिस्ट्रेशन फॉर्म में स्पष्ट जानकारी भरी गई थी।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने काउंसिल की ऑनलाइन व्यवस्था की जांच के लिए यह आवेदन किया था। इसमें आवेदक के नाम में 'डंकी', फोटो में गधे की तस्वीर, पिता के नाम में 'डंकी फादर', माता के नाम में 'डंकी मदर' और जाति के कॉलम में 'एनिमल' दर्ज किया गया। पता भी मनमाने तरीके से भरा गया। इसके बावजूद नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी हो गया। परमार ने इसका वीडियो भी जारी किया है।
पेमेंट करने के 5 मिनट बाद नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट ऑटोमेटिकली जारी हो गया।
10वीं-12वीं के मार्क्स और रोल नंबर भी मनगढ़ंत
परमार ने बताया कि आवेदन में ट्रेनिंग सेंटर के तौर पर भोपाल नर्सिंग कॉलेज और भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (BMHRC) का नाम डाला। 10वीं-12वीं क्लास के अंक और रोल नंबर भी मनमाने तरीके से भरे गए। ट्रेनिंग कंप्लीशन सर्टिफिकेट और डिग्री/डिप्लोमा सर्टिफिकेट की जगह दो ब्लैंक पेपर अपलोड किए गए। इसके बाद 2050 रुपए ऑनलाइन फीस जमा की। 25 सितंबर को भुगतान के करीब पांच मिनट बाद ऑनलाइन नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी हो गया।
परमार ने वीडियो में सर्टिफिकेट भी दिखाया, जिसमें रजिस्ट्रेशन नंबर और डिजिटल साइन होने की बात कही गई है।
परमार ने मामले की तकनीकी और प्रशासनिक जांच कराने की मांग की है।
बिना सत्यापन जारी हो रहे रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट
रवि परमार ने आशंका जताई कि यदि बिना वास्तविक दस्तावेज सत्यापन के रजिस्ट्रेशन जारी हो सकते हैं तो फर्जी रजिस्ट्रेशन का दुरुपयोग भी संभव है।
उन्होंने बताया कि मामले को लेकर MPNRC अध्यक्ष बीनू कुशवाह से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। परमार ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व्यवस्था संचालित करने वाली एजेंसी MP Online की भूमिका की जांच की मांग की है।
परमार का कहना है कि जांच में यह स्पष्ट होना चाहिए कि कथित आवेदन किस स्तर पर सत्यापन के बिना स्वीकृत हुआ और सर्टिफिकेट किस प्रक्रिया से जनरेट हुआ। कार्रवाई नहीं होने पर NSUI ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
ये खबर भी पढ़ें…
2 फर्जी दस्तावेज लगाओ, किसी के नाम से भी नर्सिंग सर्टिफिकेट पाओ
मध्य प्रदेश में नर्सिंग रजिस्ट्रेशन की ऑनलाइन व्यवस्था में ट्रेनिंग कंप्लीशन और डिग्री/डिप्लोमा सर्टिफिकेट अपलोड कर सीधे आवेदन किया जा सकता है। दैनिक भास्कर ने सिस्टम का टेस्ट किया तो डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य सुखवीर सिंह के नाम से भी कुछ ही समय में रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और नंबर जनरेट हो गए। पढ़ें पूरी खबर…
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