Aug 04, 2026 10:26 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान
मुख्य बातें
- कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े कर्मचारी हैं तो ये खबर आपके काम की हो सकती है
- EPF की वेतन सीमा ₹15000 से बढ़ाकर ₹25000 करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है

ईपीएफओ कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े कर्मचारी हैं तो ये खबर आपके काम की हो सकती है। दरअसल, मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया जा रहा है कि EPF की वेतन सीमा ₹15000 से बढ़ाकर ₹25000 करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार व्यय विभाग (Department of Expenditure) ने यह मंजूरी दी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नई वेतन सीमा लागू करने की सही तारीख कैबिनेट की मंजूरी के बाद तय की जाएगी। मौजूदा 15,000 रुपये की वेतन सीमा सितंबर 2014 से लागू है।
क्या होगा असर?
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो ₹25,000 तक बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता (DA) पाने वाले कर्मचारियों के लिए EPF और कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) की सदस्यता अनिवार्य हो जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि नई वेतन सीमा लागू होने से कर्मचारियों की मासिक टेक-होम सैलरी (हाथ में आने वाली सैलरी) कुछ कम हो सकती है क्योंकि वेतन का बड़ा हिस्सा EPF में जमा होगा। हालांकि, इससे रिटायरमेंट के समय अधिक बचत और बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
वहीं, EPS पेंशन पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। अगर कर्मचारी की बेसिक पे और महंगाई भत्ता (DA) मिलाकर कम से कम ₹25,000 है और उसने कम से कम 10 साल की पेंशन-योग्य सर्विस पूरी कर ली है तो ₹15,000 की वेतन सीमा की तुलना में पेंशन में लगभग 67% की बढ़ोतरी हो सकती है।
ग्रांट थॉर्नटन भारत के पार्टनर और ग्लोबल पीपल सॉल्यूशंस लीडर अखिल चंदना का कहना है कि EPF/EPS वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करने से एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम के तहत आने वाले कर्मचारियों की पेंशन की पात्रता काफी बढ़ जाएगी।
सरकार पर पड़ेगा बोझ
बता दें कि केंद्रीय बजट में 2026-27 के लिए 'एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम' (EPS) के लिए 11,144 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसलिए, कवरेज का दायरा बढ़ने से सरकार का खर्च भी बढ़ने की उम्मीद है।
अनिवार्य EPF और EPS नियम केवल उन संस्थानों पर लागू होते हैं जहां 20 या उससे अधिक कर्मचारी काम करते हैं। छोटी कंपनियां चाहें तो स्वेच्छा से रजिस्टर कर सकती हैं लेकिन उनके लिए ऐसा करना जरूरी नहीं है। इस प्रस्ताव का असर केंद्र सरकार के कर्मचारियों पर भी नहीं पड़ेगा, क्योंकि उनके लिए पेंशन की अलग व्यवस्था है। फिलहाल, कर्मचारियों को नई वेतन सीमा पर अंतिम फैसला और कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है। यदि प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है, तो यह EPF और EPS से जुड़े लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
