
बैंक ऑफ बड़ौदा पर 1.44 लाख करोड़ रुपये का केस
Bank of Baroda Share: शेयर बाजार में बुधवार को एक बेहद हैरान करने वाली घटना देखने को मिली. कहावत है कि उल्टा चोर कोतवाल को डांटे, बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है. दरअसल जिस आदमी से बैंक को अपना 2800 करोड़ रुपये का कर्ज वसूलना है, उसी आदमी ने उल्टे बैंक पर करीब15 अरब डॉलर का मुकदमा ठोक दिया है. इस अजीबोगरीब खबर का असर शेयर बाजार पर तुरंत दिखा. निवेशकों में घबराहट फैल गई जिससे बैंक के शेयर 3 फीसदी तक लुढ़क गए. ये पूरा मामला एनएमसी हेल्थकेयर के संस्थापक बीआर शेट्टी से जुड़ा है.
कर्जदार ने ही कर दिया भारी मुकदमा
ये पूरा मामला काफी दिलचस्प है. बैंक ऑफ बड़ौदा लगातार बीआर शेट्टी से अपना बकाया वसूलने की कोशिश कर रहा है. बैंक को उनसे करीब 2,800 करोड़ रुपये लेने हैं. इसके लिए भारत से लेकर यूएई तक कानूनी कार्रवाई चल रही है. बैंक उनके खिलाफ कई आदेश भी हासिल कर चुका है. लेकिन अब शेट्टी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में बैंक के साथ-साथ 25 अन्य लोगों के खिलाफ 15 अरब डॉलर (करीब 1.44 लाख करोड़ रुपये) के हर्जाने का केस कर दिया है. ये रकम इतनी बड़ी है कि इससे बाजार में हलचल मचना तय था.
शेट्टी ने लगाए धोखाधड़ी के आरोप
बीआर शेट्टी ने अपनी याचिका में बैंक पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि बैंक के अधिकारियों ने उनकी कंपनियों में फर्जी लेनदेन करवाने में मदद की. मनी लॉन्ड्रिंग की चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया. शेट्टी का ये भी आरोप है कि उनके जाली हस्ताक्षर का इस्तेमाल करके लोन पास किए गए. इस नुकसान की भरपाई के लिए उन्होंने 5 अरब डॉलर सीधे नुकसान, 5 अरब डॉलर बिजनेस छिनने के नुकसान के लिए मांगे हैं. इसके अलावा 5 अरब डॉलर उन्होंने अपनी साख खराब होने के एवज में मांगे हैं. साथ ही उन्होंने इस पूरी रकम पर सालाना 18 फीसदी ब्याज की भी मांग की है.
बैंक ने दावों को बताया बेबुनियाद
इतने बड़े मुकदमे की बात सामने आने पर बैंक ने भी अपनी स्थिति साफ की है. बैंक का कहना है कि उन्हें अभी तक कोर्ट से कोई आधिकारिक नोटिस नहीं मिला है. नोटिस मिलते ही वे इन दावों का कड़ा कानूनी जवाब देंगे. बैंक ने याद दिलाया कि शेट्टी ने ऐसा ही एक मुकदमा न्यूयॉर्क में भी दायर किया था. उस मामले को जुलाई 2024 में खारिज कर दिया गया था. साल 2021 में कर्नाटक हाईकोर्ट ने भी शेट्टी को अपनी संपत्ति बेचने से रोक दिया था. इसके बाद वे खुद को दिवालिया घोषित करने की अपील कर चुके हैं.
शेयर बाजार में दिखा खौफ का असर
इस चौंकाने वाली खबर से बैंक के निवेशकों में दहशत फैल गई. शुरुआती कारोबार में ही बैंक का शेयर गिरकर 231.30 रुपये पर आ गया, जो मंगलवार को 238.43 रुपये पर था. साल 2026 में अब तक बैंक के शेयर लगभग 22.7 फीसदी टूट चुके हैं. एक रोचक बात ये भी है कि आज बैंक ऑफ बड़ौदा की कुल मार्केट वैल्यू ही करीब 1.2 लाख करोड़ रुपये है. जबकि शेट्टी ने 1.44 लाख करोड़ रुपये का केस कर दिया है. यानी बैंक की कुल कीमत से भी ज्यादा का मुकदमा उन पर थोप दिया गया है.
पुराने विवाद का नया रूप
ये मामला बैंक के एक पुराने विवाद से भी जुड़ता है. इसी साल जुलाई 2026 में बैंक ऑफ बड़ौदा ने एनएमसी ग्रुप के मामलों को सुलझाने के लिए 600 मिलियन डॉलर (करीब 5,700 करोड़ रुपये) चुकाने का समझौता किया था. बैंक ने ये रकम देकर मामला खत्म कर दिया था. बैंक का कहना था कि अबु धाबी की अदालत में चल रहे मामले इस समझौते के बाद खत्म हो गए हैं. लेकिन अब शेट्टी का कहना है कि वे उस समझौते में शामिल नहीं थे. इसलिए उनके हक से जुड़े दावे अभी भी जिंदा हैं और उन्हें हर्जाना चाहिए.
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विभव शुक्ला
विभव शुक्ला वर्तमान में TV9 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर बिजनेस डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता में उन्हें छह वर्षों का अनुभव है. विभव मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी. इसके बाद वह Inshorts और गुजरात फर्स्ट जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े रहे हैं.
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