संसद परिसर में विपक्ष का अनोखा प्रदर्शन, वीडियो में जाने पुजारी बने पप्पू यादव, दानपेटी में राहुल गांधी ने डाला चंदा; हंगामे के बीच लोकसभा-राज्यसभा 3 अगस्त तक स्थगित

संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को विपक्षी दलों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव अनोखे अंदाज में पुजारी का वेश धारण कर संसद परिसर पहुंचे। उन्होंने अपने हाथ में दानपेटी ली और संसद के मकर द्वार के पास बैठकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया। विपक्षी सांसदों ने एक-एक कर दानपेटी में चंदा डालकर इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

इस प्रदर्शन का सबसे चर्चित पल तब आया, जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी प्रदर्शन में शामिल हुए और उन्होंने पप्पू यादव की दानपेटी में चंदा डालकर विपक्ष की एकजुटता का संदेश दिया। इस दौरान कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सांसद हाथों में तख्तियां और बैनर लिए नजर आए। एक प्रमुख बैनर पर लिखा था, "अमित शाह संसद से गायब क्यों?", जिसके जरिए विपक्ष ने केंद्रीय गृह मंत्री की गैरमौजूदगी और सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए।

संसद परिसर में हुए इस प्रदर्शन के बाद सदन के भीतर भी विपक्ष का विरोध जारी रहा। सुबह 11 बजे जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया। लगातार शोर-शराबे के कारण अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर सरकार ने अपना विधायी कामकाज आगे बढ़ाया। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित कराने का प्रस्ताव सदन में रखा। विपक्ष के विरोध के बीच यह विधेयक ध्वनिमत से पारित हो गया। इसके बाद सदन की शेष कार्यवाही पूरी की गई।

दिनभर के घटनाक्रम के बाद लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के बजाय 3 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी गई। संसद के अंतिम कार्यदिवस पर विपक्ष के विरोध, सरकार के विधायी एजेंडे और सदन के भीतर हुए हंगामे ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। विपक्ष का आरोप है कि मामले में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई को लेकर सरकार स्पष्ट जवाब नहीं दे रही। वहीं सरकार ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक बताया है।

संसद परिसर में हुए इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो पूरे दिन चर्चा का विषय बने रहे। पुजारी के वेश में पप्पू यादव और दानपेटी में राहुल गांधी द्वारा चंदा डालने का दृश्य सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुआ। मानसून सत्र के अंतिम दिन यह प्रदर्शन विपक्ष की ओर से सरकार पर दबाव बनाने की बड़ी राजनीतिक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

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